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Panchkula News: बतौड़ स्वास्थ्य केंद्र में घायल को नहीं मिली एंबुलेंस, आधा घंटा तड़पता रहा
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खराब खड़ी एंबुलेंस, 112 पर कॉल के बाद पहुंची मदद; ग्रामीणों में रोष
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बरवाला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बतौड़ में इन दिनों मरीजों को समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले को लेकर लापरवाह नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
गांव बतौड़ निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि उनके चाचा जोगिंदर सिंह शनिवार सुबह अपने गांव से अंबाला रोड की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उनकी किसी अन्य मोटरसाइकिल चालक से टक्कर हो गई। हादसे में जोगिंदर सिंह के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें निजी साधन से प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र बतौड़ पहुंचाया गया। वहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सेक्टर-6 पंचकूला के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया।
गुरमीत सिंह ने बताया कि जब उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में खड़ी एंबुलेंस के चालक मेघराज से घायल को पंचकूला सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पहुंचाने को कहा तो चालक ने बताया कि एंबुलेंस खराब है। ऐसे में घायल जोगिंदर सिंह स्वास्थ्य केंद्र में तड़पते रहे। इसके बाद गुरमीत सिंह ने अन्य एंबुलेंस की सुविधा के लिए 112 नंबर पर फोन किया। करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची, जिसके बाद उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सेक्टर-32 चंडीगढ़ अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
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इस संबंध में जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के इंचार्ज डॉ. हर्ष से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस खराब हो गई थी, जिसके कारण मरीज को समय पर सुविधा नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंसों की कमी है और इस बारे में विभाग को अवगत कराया गया है। आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
एंबुलेंस चालक मेघराज ने बताया कि जब भी एंबुलेंस में खराबी आती है, तो विभाग की ओर से समय पर मरम्मत नहीं करवाई जाती। मजबूरी में उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च कर वाहन ठीक करवाना पड़ता है। इस समस्या को लेकर वे कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
गांव बतौड़ के पूर्व सरपंच लक्ष्मण दास और समाजसेवी हेम सिंह राणा सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को समय पर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्वास्थ्य मंत्री को मांगपत्र सौंपेंगे।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
बरवाला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बतौड़ में इन दिनों मरीजों को समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले को लेकर लापरवाह नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
गांव बतौड़ निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि उनके चाचा जोगिंदर सिंह शनिवार सुबह अपने गांव से अंबाला रोड की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उनकी किसी अन्य मोटरसाइकिल चालक से टक्कर हो गई। हादसे में जोगिंदर सिंह के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें निजी साधन से प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र बतौड़ पहुंचाया गया। वहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सेक्टर-6 पंचकूला के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया।
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गुरमीत सिंह ने बताया कि जब उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में खड़ी एंबुलेंस के चालक मेघराज से घायल को पंचकूला सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पहुंचाने को कहा तो चालक ने बताया कि एंबुलेंस खराब है। ऐसे में घायल जोगिंदर सिंह स्वास्थ्य केंद्र में तड़पते रहे। इसके बाद गुरमीत सिंह ने अन्य एंबुलेंस की सुविधा के लिए 112 नंबर पर फोन किया। करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची, जिसके बाद उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सेक्टर-32 चंडीगढ़ अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
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इस संबंध में जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के इंचार्ज डॉ. हर्ष से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस खराब हो गई थी, जिसके कारण मरीज को समय पर सुविधा नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंसों की कमी है और इस बारे में विभाग को अवगत कराया गया है। आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
एंबुलेंस चालक मेघराज ने बताया कि जब भी एंबुलेंस में खराबी आती है, तो विभाग की ओर से समय पर मरम्मत नहीं करवाई जाती। मजबूरी में उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च कर वाहन ठीक करवाना पड़ता है। इस समस्या को लेकर वे कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
गांव बतौड़ के पूर्व सरपंच लक्ष्मण दास और समाजसेवी हेम सिंह राणा सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को समय पर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर उपचार मिलना बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्वास्थ्य मंत्री को मांगपत्र सौंपेंगे।