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जज पर अतिभार पर हाईकोर्ट ने जताई हैरानी, पूछा क्या पूरे पंजाब में तो ये हाल नहीं
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आपराधिक मामले के ट्रायल का जल्द निपटारा करने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान जज पर याचिकाओं के अतिभार ने हाईकोर्ट को हैरान किया है। हाईकोर्ट ने अब रजिस्ट्रार जनरल को रिपोर्ट दाखिल कर बताने को कहा है कि कहीं पूरे पंजाब में तो यह हाल नहीं है। हाईकोर्ट में याची ने बताया कि उसकी याचिका अमृतसर के एडिशनल सेशन जज की कोर्ट में 2018 से लंबित है।
हाईकोर्ट ने इस पर सेशन कोर्ट से रिपोर्ट मांगी तो जज ने बताया कि उनके पास 1000 ट्रायल की सुनवाई चल रही है, जिनमें 400 आईपीसी और 650 एनडीपीएस के हैं। प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई उन मामलों में चल रही है, जिनमें आरोपी हिरासत में हैं। हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए जज द्वारा किए गए कार्य को सराहनीय बताया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस हिसाब से देखें तो जज को प्रतिदिन 50 ट्रायल को सुनना होता है, जो अपने आप में मुश्किल कार्य है।
इसके अनुसार एक केस की सुनवाई के लिए 20 दिन का न्यूनतम समय तो लगेगा ही। हाईकोर्ट ने अब रजिस्ट्रार जनरल से रिपोर्ट मांगी है कि क्या पूरे पंजाब में तो ये हाल नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि यह भी देखा जाए कि क्या अमृतसर में सभी जजों के पास अतिभार है। अगर ऐसा है तो अगली ट्रांसफर के दौरान वहां पर अतिरिक्त जजों का ट्रांसफर किया जाए, ताकि न्याय प्रक्रिया के मार्ग में बाधा न आए। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी फिलहाल की स्थिति को देखते हुए याची की याचिका का समयबद्ध निपटारा करने का आदेश जारी नहीं किया जा सकता। हालांकि, याची की 2018 से लंबित याचिका का जल्द निपटारा करने का ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया।
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हाईकोर्ट ने इस पर सेशन कोर्ट से रिपोर्ट मांगी तो जज ने बताया कि उनके पास 1000 ट्रायल की सुनवाई चल रही है, जिनमें 400 आईपीसी और 650 एनडीपीएस के हैं। प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई उन मामलों में चल रही है, जिनमें आरोपी हिरासत में हैं। हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए जज द्वारा किए गए कार्य को सराहनीय बताया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस हिसाब से देखें तो जज को प्रतिदिन 50 ट्रायल को सुनना होता है, जो अपने आप में मुश्किल कार्य है।
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इसके अनुसार एक केस की सुनवाई के लिए 20 दिन का न्यूनतम समय तो लगेगा ही। हाईकोर्ट ने अब रजिस्ट्रार जनरल से रिपोर्ट मांगी है कि क्या पूरे पंजाब में तो ये हाल नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि यह भी देखा जाए कि क्या अमृतसर में सभी जजों के पास अतिभार है। अगर ऐसा है तो अगली ट्रांसफर के दौरान वहां पर अतिरिक्त जजों का ट्रांसफर किया जाए, ताकि न्याय प्रक्रिया के मार्ग में बाधा न आए। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी फिलहाल की स्थिति को देखते हुए याची की याचिका का समयबद्ध निपटारा करने का आदेश जारी नहीं किया जा सकता। हालांकि, याची की 2018 से लंबित याचिका का जल्द निपटारा करने का ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया।
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