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Panchkula News: पैर रखने से पहले ही टूटने लगा क्रशर जोन की रेत से बना फुटपाथ
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पंचकूला विकास मंच ने उठाया मामल, मजबूत टाइलों को उखाड़कर हल्की टाइलें लगाई जा रहीं, एक्सईएन बोले होगी जांच
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 और 2 के फुटपाथ पर कर्व और टाइल लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है। 52 लाख रुपये के काम अच्छी टाइलों को उखाड़कर घटिया दर्जे की टाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा टाइलों और कर्व की फिटिंग के ज्वाइंट में 1/4 की जगह 1/16 का मसाला इस्तेमाल किया जा रहा है। नतीजा हाथ लगाते ही टाइलें उखड़ रहीं हैं।
घटिया दर्जे की टाइलें बनने से पहले ही जगह-जगह से टूटने भी लगी हैं। जहां भी टाइलें लगाई गई हैं, अभी से हिलने लगी हैं। परशुराम चौक से सेक्टर-19 अंडरपास तक करीब एक किलोमीटर रोड के दोनों तरफ फुटपाथ पर लगीं टाइलों और कर्व में सीमेंट की जगह क्रशर जोन का रेत का ज्यादा इस्तेमाल किया गया है। इस फर्जीवाड़े को शहर के पंचकूला विकास मंच ने उठाया है। इस मामले में अमर उजाला की रियलिटी चेक में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
तीन इंच की उखाड़ कर लगा दी अन-स्टैंडर्ड टाइलें
करीब दो साल पहले फुटपाथ पर करीब तीन इंच मोटी टाइलें लगाई गईं थीं। अभी टाइलों की स्थिति ठीक थीं। उन्हें उखाड़ने की जरूरत नहीं थी। अब इन टाइलों को उखाड़कर अन स्टैंडर्ड एक से डेढ़ इंच की टाइलें लगाई जा रही हैं। हल्का दबाते ही ये टाइलें टूट रहीं हैं। फिटिंग के तुरंत बाद ही औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और 2 की डिवाइडिंग रोड पर अंडरपास की तरफ की सच्चाई तस्वीरें बयां कर रही हैं। इनमें इस्तेमाल होने वाली मटेरियल का स्थानीय लोग जांच की मांग कर रहे हैं।
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पुरानी टाइलें कर्व में कर रहे इस्तेमाल
औद्योगिक क्षेत्र में फेज-1 और 2 के डिवाइडर पर पुराने टाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भी जांच का विषय है कि टेंडर के समय पुरानी टाइलें लगाने का टेंडर हुआ है या नई। यहां एक जगह भी कर्व में नई टाइलों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इन टाइलों को लगाने के बाद इन पर पेंट कर दिया जाएगा ताकि इनकी भनक आम पब्लिक और विभाग को न लग सके।
टेंडर पर भी सवाल
पंचकूला विकास मंच ने औद्योगिक क्षेत्र की टाइलों के टेंडर पर सवाल उठाए हैं। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर दो साल पहले औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़कों की जिम्मेदारी पीएमडीए को दी गई थी, तो नगर निगम ने डिवाइडिंग रोड पर टाइलें लगाने का टेंडर कैसे कर दिया। मंच ने इसकी जांच की मांग की है।
औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और 2 में कर्व और टाइलें लगाने का काम चल रहा है। अगर मानक के हिसाब से सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, तो यह गलत है। इसकी जांच होगी। -प्रमोद, एक्सईएन नगर निगम पंचकूला।
यह होना चाहिए मानक
- चेकर टाइल लगाने से पहले 20 एमएम का नीचे रेत डाला जाता है
- रेत डालने के बाद 1/6 का सीमेंट घोल तैयार कर चेकर टाइलों को चस्पा किया जाता है, ताकि टाइलें न उखड़े और न हिलें
- टाइलों और कर्व चैनलों के ज्वाइंट्स पर 1/3 से 1/4 का मसाला इस्तेमाल किया जाता है
मानकों में कहां मिली खामियां
- चेकर टाइल लगाने से पहले 20 एमएम का नीचे रेत डाला गया है।
- रेत डालने के बाद 1/6 का सीमेंट घोल तैयार कर चेकर टाइलों को चस्पा नहीं किया गया है। इस वजह से टाइलें हिल रही हैं।
- टाइलों और कर्व चैनलों के ज्वाइंट्स पर 1/3 से 1/4 की जगह 1/16 मसाले का प्रयोग किया जा रहा है
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 और 2 के फुटपाथ पर कर्व और टाइल लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है। 52 लाख रुपये के काम अच्छी टाइलों को उखाड़कर घटिया दर्जे की टाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा टाइलों और कर्व की फिटिंग के ज्वाइंट में 1/4 की जगह 1/16 का मसाला इस्तेमाल किया जा रहा है। नतीजा हाथ लगाते ही टाइलें उखड़ रहीं हैं।
घटिया दर्जे की टाइलें बनने से पहले ही जगह-जगह से टूटने भी लगी हैं। जहां भी टाइलें लगाई गई हैं, अभी से हिलने लगी हैं। परशुराम चौक से सेक्टर-19 अंडरपास तक करीब एक किलोमीटर रोड के दोनों तरफ फुटपाथ पर लगीं टाइलों और कर्व में सीमेंट की जगह क्रशर जोन का रेत का ज्यादा इस्तेमाल किया गया है। इस फर्जीवाड़े को शहर के पंचकूला विकास मंच ने उठाया है। इस मामले में अमर उजाला की रियलिटी चेक में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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तीन इंच की उखाड़ कर लगा दी अन-स्टैंडर्ड टाइलें
करीब दो साल पहले फुटपाथ पर करीब तीन इंच मोटी टाइलें लगाई गईं थीं। अभी टाइलों की स्थिति ठीक थीं। उन्हें उखाड़ने की जरूरत नहीं थी। अब इन टाइलों को उखाड़कर अन स्टैंडर्ड एक से डेढ़ इंच की टाइलें लगाई जा रही हैं। हल्का दबाते ही ये टाइलें टूट रहीं हैं। फिटिंग के तुरंत बाद ही औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और 2 की डिवाइडिंग रोड पर अंडरपास की तरफ की सच्चाई तस्वीरें बयां कर रही हैं। इनमें इस्तेमाल होने वाली मटेरियल का स्थानीय लोग जांच की मांग कर रहे हैं।
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पुरानी टाइलें कर्व में कर रहे इस्तेमाल
औद्योगिक क्षेत्र में फेज-1 और 2 के डिवाइडर पर पुराने टाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भी जांच का विषय है कि टेंडर के समय पुरानी टाइलें लगाने का टेंडर हुआ है या नई। यहां एक जगह भी कर्व में नई टाइलों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इन टाइलों को लगाने के बाद इन पर पेंट कर दिया जाएगा ताकि इनकी भनक आम पब्लिक और विभाग को न लग सके।
टेंडर पर भी सवाल
पंचकूला विकास मंच ने औद्योगिक क्षेत्र की टाइलों के टेंडर पर सवाल उठाए हैं। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर दो साल पहले औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़कों की जिम्मेदारी पीएमडीए को दी गई थी, तो नगर निगम ने डिवाइडिंग रोड पर टाइलें लगाने का टेंडर कैसे कर दिया। मंच ने इसकी जांच की मांग की है।
औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और 2 में कर्व और टाइलें लगाने का काम चल रहा है। अगर मानक के हिसाब से सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, तो यह गलत है। इसकी जांच होगी। -प्रमोद, एक्सईएन नगर निगम पंचकूला।
यह होना चाहिए मानक
- चेकर टाइल लगाने से पहले 20 एमएम का नीचे रेत डाला जाता है
- रेत डालने के बाद 1/6 का सीमेंट घोल तैयार कर चेकर टाइलों को चस्पा किया जाता है, ताकि टाइलें न उखड़े और न हिलें
- टाइलों और कर्व चैनलों के ज्वाइंट्स पर 1/3 से 1/4 का मसाला इस्तेमाल किया जाता है
मानकों में कहां मिली खामियां
- चेकर टाइल लगाने से पहले 20 एमएम का नीचे रेत डाला गया है।
- रेत डालने के बाद 1/6 का सीमेंट घोल तैयार कर चेकर टाइलों को चस्पा नहीं किया गया है। इस वजह से टाइलें हिल रही हैं।
- टाइलों और कर्व चैनलों के ज्वाइंट्स पर 1/3 से 1/4 की जगह 1/16 मसाले का प्रयोग किया जा रहा है