{"_id":"688fc18f8eba404dd70fa101","slug":"the-craze-of-bathing-in-ghaggar-river-is-not-stopping-people-are-risking-their-lives-panchkula-news-c-87-1-spkl1029-125410-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: घग्गर नदी में नहाने का नहीं थम रहा क्रेज, जान जोखिम में डाल रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: घग्गर नदी में नहाने का नहीं थम रहा क्रेज, जान जोखिम में डाल रहे लोग
विज्ञापन
मोरनी। थापली से होकर गुजरने वाली घग्गर नदी में लोगों के नहाने का क्रेज बरसात के दिनों में भी नहीं थम रहा है। जिला प्रशासन की सख्त मनाही और यहां पर चेतावनी बोर्ड लगाने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर नहाने पहुंच रहे हैं। रविवार को भी 10-12 लोग घग्गर नदी में उतरकर नहाते दिखाई दिए। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे जो बिना किसी डर के गहरे पानी में उतरकर मस्ती करते रहे।
रविवार को दोपहर मोरनी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे बहाव तेज हो गया। इसके बावजूद लोग चेतावनी बोर्डों को नजरअंदाज करते हुए पानी में उतरते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार समझाने पर भी लोग बाज नहीं आते, उल्टा बहसबाजी करने के साथ लड़ाई पर उतर आते हैं। सरपंच सुनील कुमार, मनोज कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी में उतरना खतरे से खाली नहीं है। पिछले कई साल में यहां कई घटनाएं भी हो चुकी हैं, इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह लोगों पर कड़ी कार्रवाई कर जान जोखिम में डालने की इस प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।
जिला प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ यहां पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती कर रखी है, लेकिन संख्या अधिक होने और कई जगहों से नदी में पहुंच होने के कारण सब पर निगरानी रखना संभव नहीं हो पा रहा। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे पुलिस गश्त बढ़ाने और चालान जैसी सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे आने वाले समय में किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को दोपहर मोरनी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे बहाव तेज हो गया। इसके बावजूद लोग चेतावनी बोर्डों को नजरअंदाज करते हुए पानी में उतरते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार समझाने पर भी लोग बाज नहीं आते, उल्टा बहसबाजी करने के साथ लड़ाई पर उतर आते हैं। सरपंच सुनील कुमार, मनोज कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी में उतरना खतरे से खाली नहीं है। पिछले कई साल में यहां कई घटनाएं भी हो चुकी हैं, इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह लोगों पर कड़ी कार्रवाई कर जान जोखिम में डालने की इस प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।
विज्ञापन
जिला प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ यहां पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती कर रखी है, लेकिन संख्या अधिक होने और कई जगहों से नदी में पहुंच होने के कारण सब पर निगरानी रखना संभव नहीं हो पा रहा। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे पुलिस गश्त बढ़ाने और चालान जैसी सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे आने वाले समय में किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
विज्ञापन