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Panchkula News: मुख्यमंत्री ने ग्राम संरक्षकों को सौंपे चार और नए कार्य
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने ग्राम संरक्षकों को 4 और नए कार्य सौंपे हैं। 3 दिसंबर को नए पंच सरपंचों को शपथ दिलाने से लेकर 10 दिसंबर को चिरायु कार्ड वितरण में मदद करेंगे। साथ ही वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को दिए टैबलेट के प्रयोग की समीक्षा और गांव में 25 अतिरिक्त परिवारों की पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) में आय का सत्यापन करेंगे। पहली बार ग्राम संरक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन भी होगा और सौंपे गए सभी कार्यों को दिसंबर के अंत तक पूरा कर रिपोर्ट www.intraharyana.gov.in पोर्टल पर डालनी होगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल बुधवार को ‘ग्राम संरक्षक संवाद कार्यक्रम’ के तहत हजारों ग्राम संरक्षकों से सीधा फोन-कॉल के माध्यम से रूबरू हुए। ‘हरियाणा पंचायत संरक्षक योजना-2021’ के तहत प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेवारत प्रथम-श्रेणी के अधिकारियों को ‘ग्राम-संरक्षक’ के तौर पर नामित करके एक-एक गांव को गोद दिया गया है, ताकि ये अधिकारी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को यथाशीघ्र हल करने में सहायता कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भविष्य में प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में ‘ग्राम-संरक्षकों’ से संवाद किया करेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ‘ग्राम-संरक्षकों’ को समाज-सेवा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि वे गांव में जाकर सरपंच व अन्य मौजिज व्यक्तियों से मिलें और उनसे गांव की समस्याओं पर चर्चा करें। किसी भी समस्या को संबंधित विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित करके हल करें। उन्होंने पिछली बार ‘ग्राम संरक्षक संवाद कार्यक्रम’ में अलॉट किए गए परिवार पहचान पत्रों की आय की जांच, पार्क व व्यायामशाला का रखरखाव, शिवधाम योजना के तहत शमशान घाटों की देखभाल व आंगनबाड़ी के कार्यों की समीक्षा की। साथ ही कहा कि इन कार्यों में सहयोग लेने के लिए संबंधित गांव के ही युवाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अधिकारियों की समिति बनाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव डीएस ढेसी, प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल व उपप्रधान सचिव केएम पांडुरंग भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल बुधवार को ‘ग्राम संरक्षक संवाद कार्यक्रम’ के तहत हजारों ग्राम संरक्षकों से सीधा फोन-कॉल के माध्यम से रूबरू हुए। ‘हरियाणा पंचायत संरक्षक योजना-2021’ के तहत प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेवारत प्रथम-श्रेणी के अधिकारियों को ‘ग्राम-संरक्षक’ के तौर पर नामित करके एक-एक गांव को गोद दिया गया है, ताकि ये अधिकारी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को यथाशीघ्र हल करने में सहायता कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भविष्य में प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में ‘ग्राम-संरक्षकों’ से संवाद किया करेंगे।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ‘ग्राम-संरक्षकों’ को समाज-सेवा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि वे गांव में जाकर सरपंच व अन्य मौजिज व्यक्तियों से मिलें और उनसे गांव की समस्याओं पर चर्चा करें। किसी भी समस्या को संबंधित विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित करके हल करें। उन्होंने पिछली बार ‘ग्राम संरक्षक संवाद कार्यक्रम’ में अलॉट किए गए परिवार पहचान पत्रों की आय की जांच, पार्क व व्यायामशाला का रखरखाव, शिवधाम योजना के तहत शमशान घाटों की देखभाल व आंगनबाड़ी के कार्यों की समीक्षा की। साथ ही कहा कि इन कार्यों में सहयोग लेने के लिए संबंधित गांव के ही युवाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अधिकारियों की समिति बनाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव डीएस ढेसी, प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल व उपप्रधान सचिव केएम पांडुरंग भी उपस्थित थे।
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