फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   The Central Government should submit the answer for making the restricted area 300 meters from ordnance store: High Court

आयुद्ध भंडार से निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र 300 मीटर करने पर केंद्र सरकार सौंपे जवाब : हाईकोर्ट

Thu, 25 Aug 2022 01:42 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 01:42 AM IST
विज्ञापन
The Central Government should submit the answer for making the restricted area 300 meters from ordnance store: High Court
चंडीगढ़। गुरुग्राम आयुद्ध भंडार की निर्माण प्रतिबंधित परिधि में 300 मीटर के अंदर मौजूद 6 हजार परिवारों के आशियाने पर पीला पंजा चलने की स्थिति में मुआवजे को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही यह परिधि 900 से घटा कर 300 मीटर करने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार से जवाब तलब कर लिया है।
विज्ञापन

मामले की सुनवाई आरंभ होते ही भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कोर्ट को बताया कि फरीदाबाद एयरफोर्स स्टेशन की निर्माण प्रतिबंधित परिधि 300 मीटर से घटा कर 100 मीटर कर दी गई है लेकिन गुरुग्राम आयुद्ध भंडार में परिधि अभी भी 900 मीटर है। परिधि घटाने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी जिसने अपनी सिफारिश में कहा था कि यदि हरियाणा सरकार 300 मीटर की परिधि में सभी निर्माण गिरा दे तो इस परिधि को घटा कर 900 से 300 मीटर किया जा सकता है। इसी बीच 300 मीटर की परिधि के स्थानीय निवासियों की ओर से कोर्ट से निवेदन किया गया कि उन्हें उनके स्थान से हटाने से पहले मुआवजे के साथ ही उचित स्थान दिया जाए जिससे वे दर-दर भटकने को मजबूर न हों। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार दोनों को स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

सर्वे और मुआवजा निर्धारित करने का काम कब तक होगा पूरा
कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय से यह मामला विचाराधीन है। हरियाणा सरकार बताए कि कब तक सभी इमारतों के लिए मुआवजा राशि तय कर ली जाएगी और कब तक मुआवजा देकर सभी निर्माणों को हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मामला
गुरुग्राम आयुद्ध भंडार और फरीदाबाद एयर फोर्स स्टेशन के अधिसूचित क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा सरकार को सख्त आदेश देते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। स्थानीय निवासियों द्वारा विरोध के बाद कोर्ट ने नए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी और नए बिजली और पानी के कनेक्शन जारी किए जाने पर भी रोक लगा दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed