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Panchkula News: डिजिटल फुटप्रिंट्स और कागजी साक्ष्यों से मास्टरमाइंड तक पहुंचेगी सीबीआई
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में जांच तेज, नकद निकासी के लाभार्थियों पर फोकस
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अब अपना रुख इस साजिश के असली खिलाड़ियों की ओर मोड़ दिया है। एजेंसी का मानना है कि अब तक गिरफ्तार आरोपी इस बड़े नेटवर्क के सिर्फ मोहरे हो सकते हैं।
सीबीआई के एडिशनल एसपी पुष्पपाल पॉल ने बताया कि आरोपियों के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद कई नए तथ्य सामने आए हैं। सबसे अहम खुलासा यह है कि घोटाले की रकम नकद निकाली गई, जिसे विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाया गया। आशंका है कि इन्हीं में मास्टरमाइंड शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो और सीबीआई की टीमों ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और कागजी साक्ष्य जुटाए हैं।
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जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु
बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर और सरकारी धन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
आईडीएफसी फर्स्ट और एयू बैंक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खोलने की साजिश का खुलासा।
सीबीआई ने हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की 23 फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर 4 को आधार बनाकर अपनी एफआईआर (RC2212026E0005) दर्ज की है।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अब अपना रुख इस साजिश के असली खिलाड़ियों की ओर मोड़ दिया है। एजेंसी का मानना है कि अब तक गिरफ्तार आरोपी इस बड़े नेटवर्क के सिर्फ मोहरे हो सकते हैं।
सीबीआई के एडिशनल एसपी पुष्पपाल पॉल ने बताया कि आरोपियों के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद कई नए तथ्य सामने आए हैं। सबसे अहम खुलासा यह है कि घोटाले की रकम नकद निकाली गई, जिसे विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाया गया। आशंका है कि इन्हीं में मास्टरमाइंड शामिल हो सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि आरोपियों के न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो और सीबीआई की टीमों ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और कागजी साक्ष्य जुटाए हैं।
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जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु
बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर और सरकारी धन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
आईडीएफसी फर्स्ट और एयू बैंक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खोलने की साजिश का खुलासा।
सीबीआई ने हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की 23 फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर 4 को आधार बनाकर अपनी एफआईआर (RC2212026E0005) दर्ज की है।