फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   The case of capture of Phirni in Maheshpur ... the measurement was completed in five hours under the supervision of the officers, the administrative officers reached the village of Sector-21 on the orders of the ADC

महेशपुर में फिरनी पर कब्जे का मामला... अधिकारियों की निगरानी में पांच घंटे में पूरी हुई पैमाइश, एडीसी के आदेश पर सेक्टर-21 के गांव पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

Wed, 11 Aug 2021 01:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 11 Aug 2021 01:12 AM IST
विज्ञापन
The case of capture of Phirni in Maheshpur ... the measurement was completed in five hours under the supervision of the officers, the administrative officers reached the village of Sector-21 on the orders of the ADC
गांव महेशपुर में फिरनी की निशानदेही करते अधिकारी। - फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। सेक्टर-21 स्थित गांव महेशपुर में सात फुट फिरनी पर कब्जे के मामले को सुलझाने के लिए मंगलवार को एडीसी मोहम्मद इमरान रजा के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम में शामिल कालका तहसील के तहसीलदार, दो कानून-गो, दो पटवारी, नगर निगम के पटवारी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के जेई और पटवारी ने सुबह 11 से लेकर बाद दोपहर तीन बजे तक पूरे गांव की पैमाइश की। अधिकारियों ने पैमाइश कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे वह बुधवार को एडीसी को सौंपेंगे। जब सात फुट फिरनी पर कब्जे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अधिकारिक तौर पर वह अभी जानकारी नहीं दे सकते हैं। लेकिन, पैमाइश के दौरान आरोप साबित होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

गांव महेशपुर में पैमाइश का कार्य पूरा करने पहुंची प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले अंदरूनी सड़क को दो हिस्सों में बांटा। इसके बाद दोनों तरफ की जमीन की पैमाइश की। इस दौरान किसी तरह के विवाद से निपटने के लिए अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात था, जिसमें पुरुष और महिला दोनों ही शामिल थे। अधिकारियों ने गांव में बाहर से पैमाइश के कार्य को पूरा करने के बाद इंडियन होटल के अंदर भी पैमाइश की। इसके बाद सतीश गर्ग के शोरूम और जगदीश भगत सिंह के घर और दुकान की जमीन की पैमाइश की। इससे पहले इस गांव की फिरनी का दो बार पैमाइश हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में किसी भी तरह का कब्जा नहीं मिला। अब देखना है कि मंगलवार को हुई पैमाइश की रिपोर्ट में क्या निकलकर सामने आता है।
विज्ञापन

जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठा है मुद्दा
गांव महेशपुर में सात फुट फिरनी पर कब्जे का मामला 26 मई को आयोजित हुई जिला संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक सामने आया था। समिति के चेयरमैन खेलमंत्री संदीप सिंह और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद एडीसी मोहम्मद इमराज रजा ने मामले को सुलझाने के लिए पक्ष और विपक्ष के लोगों को ऑफिस में बुलाकर मीटिंग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों की मांग पर एडीसी ने तीन विभागों के अधिकारियों की एक टीम गठित कर राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक पैमाइश कर छह अगस्त तक रिपोर्टर प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। जिसके तहत मंगलवार को अधिकारियों ने गांव महेशपुर में पैमाइश के कार्य को पूरा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारियों ने मुझे सबसे बाद में बुलाया
शिकायतकर्ता सतीश गर्ग ने कहा कि 10 अगस्त को खसरा नंबर-79 गांव महेशपुर की पैमाइश करने का आदेश एडीसी द्वारा दिया गया था। इस आदेश के बाद भी उन्हें मौके पर सबसे बाद में सूचित किया गया। तहसीलदार को जो आदेश एडीसी ने दिया था उसमें सभी पार्टियों से उनकी रजिस्ट्री मांगने को भी कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अधिकारियों ने अपने हिसाब से फीता लगाकर पैमाइश की है, जिसमे फर्क आना आम बात है। बार-बार निवेदन करने पर भी खसरा, फिरनी, गली में अवैध निर्माण पर संज्ञान नहीं लिया गया, जिस कारण सही पैमाइश होना असंभव है। इसके अलावा पैमाइश में तकनीकी खामियां हैं जिस की रिपोर्ट एडीसी को बुधवार को दी जाएगी।

कोर्ट में विचाराधीन है जमीन का विवाद
इंडियन होटल के मालिक चौधरी बलबीर पाल दंदयान का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यदि कोई फिरनी पर कब्जा साबित कर दे तो उसे वह 10 लाख रुपये का इनाम देंगे। इसके अलावा एक करोड़ रुपया पंचकूला रेडक्रॉस सोसायटी को दान स्वरूप देंगे। जिसे सरकार के प्रतिनिधि किसी भी रूप में खर्च कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सतीश गर्ग और संदीप सभ्रवाल के साथ जमीनी विवाद है, जोकि कोर्ट में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कर बार-बार इस मामले को कष्ट निवारण समिति की बैठक में लाया जा रहा है, जबकि मामला कोर्ट में होने के कारण कष्ट निवारण समिति की बैठक में आ नहीं सकता है। कब्जे के आरोप की विजिलेंस जांच भी हो चुकी है, इसके अलावा चार बार पहले भी पैमाइश हो चुकी है, जिसमें भी कोई कब्जा नहीं मिला था।
पैमाइश के मुख्य बिन्दु
1. सन 1952 राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार हुई पैमाइश
2. साक्ष्य के लिए अधिकारियों ने करवाई वीडियोग्राफी
3. विवाद से निपटने के लिए भारी पुलिस बल रहा मौजूद
4. एडीसी ने तीन विभाग के अधिकारियों की बनाई थी टीम
5. महेशपुर में होटल से लेकर दुकान तक की हुई पैमाइश
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed