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पंचकूला में नहीं चलने देंगे झुग्गियों का कारोबार, विधानसभा सचिवालय में विस अध्यक्ष ने मेयर और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक में दी चेतावनी
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पंचकूला। अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने खड़ग मंगोली में बसाई जा रहीं झुग्गियों पर कड़ा संज्ञान लिया है। सरकारी जमीन पर कब्जों की समस्या से निजात पाने के लिए शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय में मेयर कुलभूषण गोयल और जिला प्रशासन के शीर्ष अफसरों के साथ बैठक की। इसमें सरकारी जमीनों के रखरखाव और अतिक्रमण रोकने के लिए व्यापक योजना बनाई गई। इस योजना के तहत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अवैध कब्जे रोकने के लिए अधिकारियों की सूची सौंपी।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करवाने को भी व्यवसाय बना लिया है। ऐसे लोग गरीबों की मजबूरी और अज्ञानता का लाभ उठाकर उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं। ये लोगों को सस्ते आशियाने का लालच देकर सरकारी जमीन पर झुग्गियां डलवाते हैं। इससे जहां वंचित वर्ग के लोगों के साथ धोखा होता है, वहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हो जाते हैं। उन्होंने कहा फरीदाबाद जिले के खोरी गांव में ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि फरीदाबाद की घटना से सबक लेकर पंचकूला में कहीं पर भी सरकारी जमीनों पर कब्जा न होने दें। इस सिलसिले में उन्होंने गांव खड़क मंगोली का विशेष रूप से जिक्र किया। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने भैंसा टिब्बा पर सरकारी जमीन को गलत तरीके से हथियाने की घटना पर भी जवाब तलब किया। इसको लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की।
सरकारी भूमि का संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी भूमि का संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर सरकारी भूमि पर किसी की गलत नजर है तो उसे कड़ा सबक सिखाना सरकार का काम है। इस पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण रोकने के लिए गत बैठकों में जो योजना बनी थी उस पर पूरी शिद्दत से काम शुरू कर दिया है। शहर को अलग-अलग जोन में बांट कर संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं की जवाबदेही तय कर दी गई है। इस संबंध में अधिकारियों ने कनिष्ठ अभियंताओं की सूची भी उन्हें सौंपी।
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टीम से दुर्व्यवहार की घटना पर मांगा जवाब
बैठक में सेक्टर-7 में अतिक्रमण हटाने गई इस्टेट ऑफिस की टीम से दुर्व्यवहार की घटना पर विस अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा। बैठक में उपस्थित डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि इस्टेट ऑफिसर ममता शर्मा और उनकी टीम के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ धारा 283 के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। इस पर गुप्ता ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ धारा 283 के तहह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में धारा 332 और 353 के तहत भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों का कहना था कि रेहड़ी फड़ी वालों के कम से कम 1000 रुपये का चालान होना चाहिए तभी इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। बैठक में पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, डीसी विनय प्रताप सिंह, पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, डीसीपी मोहित हांडा, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक धर्मेंद्र सिंह, संपदा अधिकारी ममता शर्मा, नगर निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह, उप-निगम आयुक्त अमन ढांडा उपस्थित थे।
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विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करवाने को भी व्यवसाय बना लिया है। ऐसे लोग गरीबों की मजबूरी और अज्ञानता का लाभ उठाकर उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं। ये लोगों को सस्ते आशियाने का लालच देकर सरकारी जमीन पर झुग्गियां डलवाते हैं। इससे जहां वंचित वर्ग के लोगों के साथ धोखा होता है, वहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हो जाते हैं। उन्होंने कहा फरीदाबाद जिले के खोरी गांव में ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि फरीदाबाद की घटना से सबक लेकर पंचकूला में कहीं पर भी सरकारी जमीनों पर कब्जा न होने दें। इस सिलसिले में उन्होंने गांव खड़क मंगोली का विशेष रूप से जिक्र किया। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने भैंसा टिब्बा पर सरकारी जमीन को गलत तरीके से हथियाने की घटना पर भी जवाब तलब किया। इसको लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की।
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सरकारी भूमि का संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी भूमि का संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर सरकारी भूमि पर किसी की गलत नजर है तो उसे कड़ा सबक सिखाना सरकार का काम है। इस पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण रोकने के लिए गत बैठकों में जो योजना बनी थी उस पर पूरी शिद्दत से काम शुरू कर दिया है। शहर को अलग-अलग जोन में बांट कर संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं की जवाबदेही तय कर दी गई है। इस संबंध में अधिकारियों ने कनिष्ठ अभियंताओं की सूची भी उन्हें सौंपी।
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टीम से दुर्व्यवहार की घटना पर मांगा जवाब
बैठक में सेक्टर-7 में अतिक्रमण हटाने गई इस्टेट ऑफिस की टीम से दुर्व्यवहार की घटना पर विस अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा। बैठक में उपस्थित डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि इस्टेट ऑफिसर ममता शर्मा और उनकी टीम के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ धारा 283 के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। इस पर गुप्ता ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ धारा 283 के तहह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में धारा 332 और 353 के तहत भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों का कहना था कि रेहड़ी फड़ी वालों के कम से कम 1000 रुपये का चालान होना चाहिए तभी इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। बैठक में पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, डीसी विनय प्रताप सिंह, पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, डीसीपी मोहित हांडा, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक धर्मेंद्र सिंह, संपदा अधिकारी ममता शर्मा, नगर निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह, उप-निगम आयुक्त अमन ढांडा उपस्थित थे।