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Panchkula News: सबूतों के अभाव में आरोपी बरी
Wed, 17 Sep 2025 01:04 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:04 AM IST
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कोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 15 ग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में पंचकूला की अदालत ने आरोपी शिव कुमार को बरी कर दिया। कोर्ट ने मामले में स्वतंत्र गवाह न जोड़ने और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी को गंभीर लापरवाही माना। मामला 10 जुलाई 2021 का है जब पिंजौर थाना पुलिस ने शिव कुमार को 15 ग्राम हेरोइन रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि आरोपी ने पॉलिथीन में रखी नशीली सामग्री को मौके पर फेंकने की कोशिश की थी। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी का दोष साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने शिव कुमार को बरी कर दिया और उसकी जमानती शर्तें समाप्त कर दीं। कोर्ट ने केस प्रॉपर्टी को नियमों के तहत नष्ट करने के निर्देश भी दिए।
कोर्ट की अहम टिप्पणियां:
बरामदगी व्यस्त सड़क पर हुई फिर भी कोई स्वतंत्र गवाह नहीं।
जांच अधिकारी ने गवाहों को जोड़ने की कोशिश का हवाला दिया लेकिन कोई वैकल्पिक प्रयास नहीं किया गया।
आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत कानूनी विकल्प नहीं दिए गए।
सीएफएसएल फॉर्म मौके पर नहीं भरा गया जिससे नमूनों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 15 ग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में पंचकूला की अदालत ने आरोपी शिव कुमार को बरी कर दिया। कोर्ट ने मामले में स्वतंत्र गवाह न जोड़ने और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी को गंभीर लापरवाही माना। मामला 10 जुलाई 2021 का है जब पिंजौर थाना पुलिस ने शिव कुमार को 15 ग्राम हेरोइन रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि आरोपी ने पॉलिथीन में रखी नशीली सामग्री को मौके पर फेंकने की कोशिश की थी। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी का दोष साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने शिव कुमार को बरी कर दिया और उसकी जमानती शर्तें समाप्त कर दीं। कोर्ट ने केस प्रॉपर्टी को नियमों के तहत नष्ट करने के निर्देश भी दिए।
कोर्ट की अहम टिप्पणियां:
बरामदगी व्यस्त सड़क पर हुई फिर भी कोई स्वतंत्र गवाह नहीं।
जांच अधिकारी ने गवाहों को जोड़ने की कोशिश का हवाला दिया लेकिन कोई वैकल्पिक प्रयास नहीं किया गया।
आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत कानूनी विकल्प नहीं दिए गए।
सीएफएसएल फॉर्म मौके पर नहीं भरा गया जिससे नमूनों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रही।