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शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कामों से मिलेगा छुटकारा

Wed, 29 Jan 2020 10:39 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2020 10:39 PM IST
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Teachers will not do non-educational work in Haryana
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को जल्दी गैर शैक्षणिक कार्यों से छुटकारा मिलने की उम्मीद बंद गई है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य ही कराने का वादा किया है। उन्होंने शिक्षक हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन से शिक्षकों से लिए जा रहे गैर शैक्षणिक कार्यों की सूची भी मांगी है। शिक्षा मंत्री का मानना है कि स्कूलों में अध्यापन कार्य प्रभावित होने का एक बड़ा कारण शिक्षकों से अन्य काम लेना भी है। इसमें शिक्षकों का काफी समय लग जाता है, जिससे उन्हें बच्चों को तन्मयता के साथ पढ़ाने में दिक्कत आती है। शिक्षा मंत्री ने हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को 15 फरवरी के बाद वार्ता के लिए विस्तृत समय देने का आश्वासन दिया है। जिसमें शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी भी शामिल होंगे।
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बुधवार को शिक्षा विभाग से जुड़े हुए 9 संगठनों की महत्वपूर्ण मीटिंग शिक्षा निदेशालय में मौलिक शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार के साथ हुई। साढ़े तीन घंटे चली बैठक में प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की ओर से प्रधान हरिओम राठी व महासचिव बलजीत पूनिया ने विभिन्न मांगें उठाईं। तबादला की खामियों को दूर कर तबादले करने की मांग की गई। एनीव्हेयर के तहत दूरदराज साढे़ 3 साल से कार्यरत शिक्षकों को ट्रांसफर ड्राइव में शामिल करने का मुद्दा भी उठाया गया। ट्रांसफर से संबंधित सभी लिटिगेशन को दूर कर सक्षम की प्रक्रिया का सरलीकरण करने की मांग संगठनों ने उठाई। 25 से कम छात्र संख्या वाले प्राइमरी स्कूलों को बंद करने पर रोष जताया गया, जिस पर निदेशक ने कहा कि अभी विभाग का इस प्रकार का कोई इरादा नहीं है, केवल सूचना मांगी है। विभाग शिक्षा जागरूकता अभियान चलाएगा ताकि सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक दाखिला हों। 2017 में भर्ती जेबीटी टीचर को सभी लाभ देते हुए रेगुलर करने पर जोर दिया गया। निदेशक ने आश्वासन दिया कि इस मामले में विभाग गंभीरता से विचार करेगा। प्राइमरी स्कूलों में सफाई कर्मचारी और मुख्य शिक्षक के पद भी मांगे गए। 2012 की पदोन्नति पॉलिसी की खामियों को दूर करने के लिए एक कमेटी बनाने का आश्वासन निदेशक ने दिया है। बैठक में चतर सिंह, वीरेंद्र रुहिल, अनिल शर्मा, सुदेश कुमार, युद्धबीर सिंह, भारत दहिया, कैलाश, विनोद रोहिल्ला, सुनील दहिया, रमेश सिवाच, दिनेश मलिक, वेदपाल श्योराण, सुनील अहलावत व कृष्ण चंद्र उपस्थित रहे।
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ये मांगें भी बैठक में उठाईं
. गणित, हिंदी व विज्ञान विषय की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए
. पदोन्नति कोटे से टीजीटी अंग्रेजी के पद जल्दी भरें
. बच्चों को रजिस्टर में सक्षम बनाने की बजाय क्लास में सक्षम बनाया जाए
. मुख्य शिक्षक की पदोन्नति को एमआईएस पोर्टल पर अपडेट कराएं
. शहर के स्कूलों में पानी के बिल के लिए बजट की व्यवस्था करें
. एलटीसी के मंजूर केस का बजट जारी करें
. कैशलेस मेडिकल सुविधा भी मुहैया कराई जाए
. मिड डे मील वर्कर की सैलरी बढ़ाएं
. चरखी दादरी जिला बन चुका है, वहां पर जिला काडर से संबंधित शिक्षकों के ऑप्शन मांगें
. योग्य प्राइमरी शिक्षक सीधा लेक्चरर पद पर पदोन्नत किया जाएं, इस पर काफी देर बहस हुई
. प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं पूर्व की भांति हों
. 100 प्रतिशत विकलांग को जो लाभ मिलता है वह 70 प्रतिशत विकलांग को भी मिले
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