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Panchkula News: सीसीटीवी से हुई टैटू की पहचान, कुख्यात गुलेल और कच्छा-बनियान गिरोह के दो शातिर दबोचे
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पंचकूला। सीसीटीवी में टैटू की पहचान कर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए देशभर में आतंक मचाने वाली खतरनाक गुलेल और कच्छा बनियान गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। टैटू के आधार पर हत्या, लूट, डकैती और चोरी जैसे संगीन मामलों में संलिप्त इस गैंग के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि तीन अन्य से हिरासत में पूछताछ जारी है। करीब एक माह पहले इस गिरोह ने फरीदाबाद में 40 लाख रुपये की डकैती को अंजाम दिया था। पंचकूला के सेक्टर-2, टिपरा रोड समेत कई जगह वारदात की कोशिश की, जो कि नाकाम रहीं।
डीसीपी क्राइम अमित दहिया के अनुसार यह गिरोह मध्यप्रदेश के जंगली और आदिवासी इलाकों से ताल्लुक रखता है और बाला गैंग के नाम से भी कुख्यात है। यह गिरोह तकनीक से दूर जंगलों में छिपकर रहता था और वारदातों से पहले किसी प्रकार के मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। गैंग की पहचान एक सीसीटीवी फुटेज में दिखे हाथ पर बने विशेष टैटू से हुई। पंचकूला में एक वारदात की कोशिश के दौरान सतर्क नागरिकों की मदद से एक आरोपी सूजान को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जिसके बाद दूसरे आरोपी को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
डीसीपी ने बताया कि यह गैंग सुनसान और बंद घरों को निशाना बनाता था। वारदात से पहले शराब का सेवन कर खुद को हिंसक मानसिक स्थिति में लाते थे। घर में घुसने पर पूरे परिवार को एक कमरे में बंद कर देते थे और विरोध होने पर गुलेल और लोहे की रॉड से हमला करने से भी पीछे नहीं हटते। डीसीपी ने अन्य राज्यों की पुलिस से अपील की है कि आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर कानूनी कार्रवाई करें और लूट की रकम की बरामदगी सुनिश्चित करें। साथ ही बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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डीसीपी क्राइम अमित दहिया के अनुसार यह गिरोह मध्यप्रदेश के जंगली और आदिवासी इलाकों से ताल्लुक रखता है और बाला गैंग के नाम से भी कुख्यात है। यह गिरोह तकनीक से दूर जंगलों में छिपकर रहता था और वारदातों से पहले किसी प्रकार के मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। गैंग की पहचान एक सीसीटीवी फुटेज में दिखे हाथ पर बने विशेष टैटू से हुई। पंचकूला में एक वारदात की कोशिश के दौरान सतर्क नागरिकों की मदद से एक आरोपी सूजान को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जिसके बाद दूसरे आरोपी को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
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डीसीपी ने बताया कि यह गैंग सुनसान और बंद घरों को निशाना बनाता था। वारदात से पहले शराब का सेवन कर खुद को हिंसक मानसिक स्थिति में लाते थे। घर में घुसने पर पूरे परिवार को एक कमरे में बंद कर देते थे और विरोध होने पर गुलेल और लोहे की रॉड से हमला करने से भी पीछे नहीं हटते। डीसीपी ने अन्य राज्यों की पुलिस से अपील की है कि आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर कानूनी कार्रवाई करें और लूट की रकम की बरामदगी सुनिश्चित करें। साथ ही बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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