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हर घर में नल... आखिर कब आएगा जल
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पिंजौर। सरकार ने हर घर को नल से जल और घर के प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम 55 लीटर पानी उपलब्ध करवाने का दावा कर पंचकूला को प्रदेश का पहला जिला बना दिया है, लेकिन हालात इसके उलट हैं। पीने के पानी के मामले में कस्बे के कई गांवों के हालात बहुत ही बदतर हैं। कई गांवों में लोग आज भी ट्यूबवेल का ही पानी पीते हैं। कई गांवों में सरकार ने योजना के तहत नल तो लगा दिए हैं, लोगों का कहना है कि पता नहीं पानी कब जाएगा।
सरकार का दावा है कि पंचकूला की सभी 128 ग्राम पंचायतों के कुल 33 हजार 108 घरों में पानी के कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए गए हैं। 2022 तक पूरे होने वाले लक्ष्य को पंचकूला ने एक साल पहले ही 2021 में हासिल कर लिया है। पिंजौर के रायतन क्षेत्र के कई गांवों की ग्राउंड रिपोर्ट ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है।
मीरांपुर बक्शीवाला पंचायत के अंतर्गत कई गांव आते हैं। इसमें मीरांपुर बक्शीवाला, जट्टवाल और निचला पत्तन की आबादी करीब 1500 है। निचला पत्तन के लोगों का कहना है कि पीने के पानी के लिए टैंकर मंगवाते हैं। कई लोग तो दो-दो टैंकर मंगवाते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से कई बार पीने का पानी उपलब्ध करवाने की मांग की गई है लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है।
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इसी तरह जट्टवाल के लोगों का कहना है कि सरकार ने घरोें में पानी के नल तो लगा दिए हैं, लेकिन पानी कब आएगा पता नहीं। पानी आएगा भी या नहीं कोई बताने वाला नहीं है। निजी ट्यूबवेलों से घरों को पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसी तरह मीरांपुर बक्शीवाला के लोगोें का कहना है कि अधिकतर घरों में नल तो लगा दिए हैं, परंतु थोड़ी देर के लिए तीन-तीन दिन बाद पानी आता है।
सरकार ने उनकी पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों के अधिकतर घरों में नल तो लगा दिए हैं परंतु ग्रामीण इन नलों में पानी आने की राह ताक रहे हैं। पेयजल की गांवों में इतनी बड़ी समस्या है कि लोग पानी आने का इंतजार करते रह जाते हैं परंतु नलों में एक बूंद पानी नहीं आता है। गांव निचला पत्तन में तो ग्रामीण पानी के टैंकर मंगाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। हर घर को पानी दे दिया गया है यह दावा सरकार का झूठा है। कई घरों में तो पानी के कनेक्शन सरकार ने मुहैया करवा दिए हैं परंतु पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है। -हरदेव सिंह, पूर्व सरपंच, मीरांपुर बक्शीवाला पंचायत
गांव में नलों से पेयजल की आपूर्ति नहीं होती है। वे अपने निजी ट्यूबवेल से घरों को पानी की आपूर्ति करते हैं। पानी के कनेक्शन तो सरकार ने दे रखे हैं, परंतु उम्मीद नहीं है कि इन नलों में पानी आएगा। प्रशासन को निशुल्क जमीन देने की बात भी कही है ताकि उस जगह पर सरकारी ट्यूबवेल लगाया जा सके ताकि गांव को पानी की आपूर्ति की जा सके। आज तक उनकी समस्या पर सुनवाई नहीं हुई है। - देशराज, निवासी जट्टवाल
गांव में पीने के पानी का बुरा हाल है। पानी की इतनी बड़ी समस्या है कि हफ्ते में कम से कम एक बार तो पानी का टैंकर मंगाना पड़ता है। जिन ग्रामीणों के घरों में मवेशी हैं उनको तो दो-दो टैंकर मंगाने पड़ जाते हैं। पेयजल की आपूर्ति झेल रहे ग्रामीणों को परेशानी से निजात दिलाई जाए। - नसरूद्दीन निवासी निचला पत्तन
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सरकार का दावा है कि पंचकूला की सभी 128 ग्राम पंचायतों के कुल 33 हजार 108 घरों में पानी के कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए गए हैं। 2022 तक पूरे होने वाले लक्ष्य को पंचकूला ने एक साल पहले ही 2021 में हासिल कर लिया है। पिंजौर के रायतन क्षेत्र के कई गांवों की ग्राउंड रिपोर्ट ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है।
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मीरांपुर बक्शीवाला पंचायत के अंतर्गत कई गांव आते हैं। इसमें मीरांपुर बक्शीवाला, जट्टवाल और निचला पत्तन की आबादी करीब 1500 है। निचला पत्तन के लोगों का कहना है कि पीने के पानी के लिए टैंकर मंगवाते हैं। कई लोग तो दो-दो टैंकर मंगवाते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से कई बार पीने का पानी उपलब्ध करवाने की मांग की गई है लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है।
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इसी तरह जट्टवाल के लोगों का कहना है कि सरकार ने घरोें में पानी के नल तो लगा दिए हैं, लेकिन पानी कब आएगा पता नहीं। पानी आएगा भी या नहीं कोई बताने वाला नहीं है। निजी ट्यूबवेलों से घरों को पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसी तरह मीरांपुर बक्शीवाला के लोगोें का कहना है कि अधिकतर घरों में नल तो लगा दिए हैं, परंतु थोड़ी देर के लिए तीन-तीन दिन बाद पानी आता है।
सरकार ने उनकी पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों के अधिकतर घरों में नल तो लगा दिए हैं परंतु ग्रामीण इन नलों में पानी आने की राह ताक रहे हैं। पेयजल की गांवों में इतनी बड़ी समस्या है कि लोग पानी आने का इंतजार करते रह जाते हैं परंतु नलों में एक बूंद पानी नहीं आता है। गांव निचला पत्तन में तो ग्रामीण पानी के टैंकर मंगाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। हर घर को पानी दे दिया गया है यह दावा सरकार का झूठा है। कई घरों में तो पानी के कनेक्शन सरकार ने मुहैया करवा दिए हैं परंतु पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है। -हरदेव सिंह, पूर्व सरपंच, मीरांपुर बक्शीवाला पंचायत
गांव में नलों से पेयजल की आपूर्ति नहीं होती है। वे अपने निजी ट्यूबवेल से घरों को पानी की आपूर्ति करते हैं। पानी के कनेक्शन तो सरकार ने दे रखे हैं, परंतु उम्मीद नहीं है कि इन नलों में पानी आएगा। प्रशासन को निशुल्क जमीन देने की बात भी कही है ताकि उस जगह पर सरकारी ट्यूबवेल लगाया जा सके ताकि गांव को पानी की आपूर्ति की जा सके। आज तक उनकी समस्या पर सुनवाई नहीं हुई है। - देशराज, निवासी जट्टवाल
गांव में पीने के पानी का बुरा हाल है। पानी की इतनी बड़ी समस्या है कि हफ्ते में कम से कम एक बार तो पानी का टैंकर मंगाना पड़ता है। जिन ग्रामीणों के घरों में मवेशी हैं उनको तो दो-दो टैंकर मंगाने पड़ जाते हैं। पेयजल की आपूर्ति झेल रहे ग्रामीणों को परेशानी से निजात दिलाई जाए। - नसरूद्दीन निवासी निचला पत्तन