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पंजाब सीएम के सीपीएस सुरेश कुमार ने सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी लौटाई, इस्तीफे की चर्चा
Wed, 22 Jul 2020 11:38 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2020 11:38 AM IST
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सीपीएस सुरेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी (सीपीएस) सुरेश कुमार ने मंगलवार सुबह अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी के जवानों को वापस भेज दिया है। इसके बाद से उनके एक बार फिर अपने पद से इस्तीफा देने की चर्चा है। हालांकि अभी तक किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
माना जा रहा है कि सुरेश कुमार राज्य की नई मुख्य सचिव विनी महाजन की नियुक्ति के बाद से खुद को सीएमओ में अनदेखा महसूस कर रहे थे। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि सुरेश कुमार अब फिर से अध्यापन के क्षेत्र से जुड़ना चाहते हैं। उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से फेलोशिप की पेशकश मिली है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
पंजाब सरकार में अच्छा-खासा दबदबा रखने वाले सुरेश कुमार ने पिछली बार जब सीएमओ की भीतरी खींचतान से परेशान होकर इस्तीफा दिया था, तब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद उनके आवास पर गए थे और उन्हें मनाकर आफिस लाए थे। पता चला है कि सुरेश कुमार ने सोमवार शाम मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की थी।
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इस बातचीत में क्या कुछ हुआ, उसका खुलासा तो नहीं हो सका है लेकिन मंगलवार सुबह ही सुरेश कुमार ने सरकारी सुविधाएं लौटा दीं। चर्चा है उन्होंने अपना इस्तीफा डाक से मुख्यमंत्री को भेज दिया है।
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माना जा रहा है कि सुरेश कुमार राज्य की नई मुख्य सचिव विनी महाजन की नियुक्ति के बाद से खुद को सीएमओ में अनदेखा महसूस कर रहे थे। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि सुरेश कुमार अब फिर से अध्यापन के क्षेत्र से जुड़ना चाहते हैं। उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से फेलोशिप की पेशकश मिली है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
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पंजाब सरकार में अच्छा-खासा दबदबा रखने वाले सुरेश कुमार ने पिछली बार जब सीएमओ की भीतरी खींचतान से परेशान होकर इस्तीफा दिया था, तब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद उनके आवास पर गए थे और उन्हें मनाकर आफिस लाए थे। पता चला है कि सुरेश कुमार ने सोमवार शाम मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की थी।
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इस बातचीत में क्या कुछ हुआ, उसका खुलासा तो नहीं हो सका है लेकिन मंगलवार सुबह ही सुरेश कुमार ने सरकारी सुविधाएं लौटा दीं। चर्चा है उन्होंने अपना इस्तीफा डाक से मुख्यमंत्री को भेज दिया है।
घर से ही कर रहे कामकाज
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले सुरेश कुमार ने पंजाब सिविल सचिवालय में सीएमओ स्थित अपना कार्यालय खाली कर दिया था और काफी समय से वे घर से ही कामकाज कर रहे थे। सीएमओ के कुछ अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन साल से मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद अधिकारी सुरेश कुमार का आमतौर पर सभी सरकारी फैसलों में दखल रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि नई मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री द्वारा ही सुरेश कुमार को कई मामलों में अनदेखा किया जा रहा था।
एक साल में दूसरी बार इस्तीफा
पिछले साल सितंबर में सुरेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तब मुख्यमंत्री ने खुद उनके घर पहुंचकर उन्हें मनाया था। हालांकि उस समय भी इस्तीफे का घटनाक्रम चार दिन चला था। उस दौरान सुरेश कुमार और सरकार ने इस्तीफे के मामले पर चुप्पी साधे रखी थी। तब सुरेश कुमार ने इस्तीफा देने के साथ ही खुद को सरकार के आला अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप से अलग कर लिया था।
उस समय उन्होंने व्हाट्स एप ग्रुप में लिखा- गुड बाय, थैंक्स फॉर ऑल द गुड वर्क डन, बाय ऑल ऑफ यू, रिगार्ड्स इज ऑलवेज। इसके साथ ही उनके इस्तीफे और दोबारा पद न संभालने संबंधी खबरें शुरू हो गई थीं। इससे पहले सितंबर में ही उन्होंने सीएमओ में अपना दफ्तर खाली करने के साथ ही अपने पास कार्रवाई के लिए पहुंची फाइलें भी अन्य अधिकारियों के सुपुर्द कर दीं थीं। उसके बाद से वे आज तक सीएमओ नहीं लौटे हैं।
एक साल में दूसरी बार इस्तीफा
पिछले साल सितंबर में सुरेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तब मुख्यमंत्री ने खुद उनके घर पहुंचकर उन्हें मनाया था। हालांकि उस समय भी इस्तीफे का घटनाक्रम चार दिन चला था। उस दौरान सुरेश कुमार और सरकार ने इस्तीफे के मामले पर चुप्पी साधे रखी थी। तब सुरेश कुमार ने इस्तीफा देने के साथ ही खुद को सरकार के आला अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप से अलग कर लिया था।
उस समय उन्होंने व्हाट्स एप ग्रुप में लिखा- गुड बाय, थैंक्स फॉर ऑल द गुड वर्क डन, बाय ऑल ऑफ यू, रिगार्ड्स इज ऑलवेज। इसके साथ ही उनके इस्तीफे और दोबारा पद न संभालने संबंधी खबरें शुरू हो गई थीं। इससे पहले सितंबर में ही उन्होंने सीएमओ में अपना दफ्तर खाली करने के साथ ही अपने पास कार्रवाई के लिए पहुंची फाइलें भी अन्य अधिकारियों के सुपुर्द कर दीं थीं। उसके बाद से वे आज तक सीएमओ नहीं लौटे हैं।
पंजाब के लिए कई बेहतर नीतियां दीं सुरेश कुमार ने
सुरेश कुमार एक साफ छवि वाले अधिकारी हैं, जिन्होंने पंजाब के लिए कई बेहतर नीतियां तैयार करके सरकार को दी हैं। किसानों की कर्ज माफी की नीति को लागू करने में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन बीते कुछ महीने के घटनाक्रम ने उन्हें हतोत्साहित किया।
इसके चलते वे काफी समय से मंत्रिमंडल की बैठक में भी हिस्सा नहीं ले रहे थे। सुरेश कुमार का पद छोड़ना पंजाब सरकार के लिए नुकसानदायक साबित होगा, क्योंकि सीएमओ में सुरेश कुमार ही मुख्यमंत्री के ऐसे विश्वस्त अधिकारी रहे जिनका मंत्रियों और विधायकों से भी पूरा तालमेल था। उनके फैसलों का सभी सम्मान भी करते हैं।
इसके चलते वे काफी समय से मंत्रिमंडल की बैठक में भी हिस्सा नहीं ले रहे थे। सुरेश कुमार का पद छोड़ना पंजाब सरकार के लिए नुकसानदायक साबित होगा, क्योंकि सीएमओ में सुरेश कुमार ही मुख्यमंत्री के ऐसे विश्वस्त अधिकारी रहे जिनका मंत्रियों और विधायकों से भी पूरा तालमेल था। उनके फैसलों का सभी सम्मान भी करते हैं।