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Panchkula News: 11.40 लाख जरूरतमंद परिवारों को दोबारा से डिपो पर मिलेगा सरसों का तेल
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चंडीगढ़। डेढ़ साल के बाद हरियाणा सरकार एक बार फिर से राशन डिपो पर रियासती दरों पर सरसों का तेल उपलब्ध कराएगी। इसको लेकर हैफेड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बैठकों में सहमति बन चुकी है। संभावना है कि नए साल में इस योजना की शुरुआत हो सकती है। इससे प्रदेश के 11.40 लाख जरूरतमंद परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
3 जून, 2021 से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने हैफेड द्वारा तेल उपलब्ध नहीं कराने के कारण डिपो पर तेल सप्लाई बंद किया था। इसके अगले दिन सरकार ने घोषणा की थी कि तेल खरीदने के लिए सरकार पात्र लोगों के खातों में 250-250 रुपये डालने की घोषणा की थी। हालांकि, कई माह बीत जाने के बाद 7 हजार से अधिक पात्रों के खातों में राशि नहीं पहुंच पाई थी। नकद राशि योजना का पात्रों ने विरोध भी किया था। क्योंकि मार्केट में सरसों का एक लीटर लीटर 250 रुपये के हिसाब से आ रहा है, जबकि डिपो पर इतनी राशि में दो लीटर सरसों का तेल मिल जाता है। क्योंकि 2021 में सरसों की कीमत अधिक होेने के चले हैफेड खरीद नहीं कर पाई थी। हैफेड ने 7 लाख क्विंटल सरसों खरीदने का लक्ष्य रखा था, लेकिन एमएसपी 4650 से अधिक रेट पर सरसों बाहर ही बिक गया और हैफेड के हाथ खाली रह गए। अधिकतर सरसों व्यापारियों ने मंडियों में आने से पहले ही खरीद ली थी।
इसके अलावा, नारनौल स्थित हैफेड तेल मिल में एक जून को आग लग गई, जिसमें करीब दो लाख लीटर सरसों का तेल जल गया, इसलिए उत्पादन पर असर पड़ा था। अगले सीजन में हैफेड ने अच्छी मात्रा में सरसों की खरीद कर अपना स्टॉक पूरा किया। इस समय हैफेड के तेल मिल भी पूरी कैपिसिटी पर चल रहे हैं। स्टाक को देखते हुए हरियाणा सरकार ने दोबारा से पात्र लोगों को सरसों का तेल उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। नए साल से इस योजना के शुरू होने के आसार हैं। गौर हो कि प्रदेश में कुल 1140748 लाभार्थी हैं। इनमें से गुलाबी कार्ड वाले 248134 हैं, जबकि बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या 892749 हैं। इस बारे में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत का कहना है कि डिपो पर दोबारा से सरसों का तेल देने की योजना है। अधिकारियों के साथ बैठक करके जल्द इस बारे में फैसला लिया जाएगा।
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3 जून, 2021 से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने हैफेड द्वारा तेल उपलब्ध नहीं कराने के कारण डिपो पर तेल सप्लाई बंद किया था। इसके अगले दिन सरकार ने घोषणा की थी कि तेल खरीदने के लिए सरकार पात्र लोगों के खातों में 250-250 रुपये डालने की घोषणा की थी। हालांकि, कई माह बीत जाने के बाद 7 हजार से अधिक पात्रों के खातों में राशि नहीं पहुंच पाई थी। नकद राशि योजना का पात्रों ने विरोध भी किया था। क्योंकि मार्केट में सरसों का एक लीटर लीटर 250 रुपये के हिसाब से आ रहा है, जबकि डिपो पर इतनी राशि में दो लीटर सरसों का तेल मिल जाता है। क्योंकि 2021 में सरसों की कीमत अधिक होेने के चले हैफेड खरीद नहीं कर पाई थी। हैफेड ने 7 लाख क्विंटल सरसों खरीदने का लक्ष्य रखा था, लेकिन एमएसपी 4650 से अधिक रेट पर सरसों बाहर ही बिक गया और हैफेड के हाथ खाली रह गए। अधिकतर सरसों व्यापारियों ने मंडियों में आने से पहले ही खरीद ली थी।
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इसके अलावा, नारनौल स्थित हैफेड तेल मिल में एक जून को आग लग गई, जिसमें करीब दो लाख लीटर सरसों का तेल जल गया, इसलिए उत्पादन पर असर पड़ा था। अगले सीजन में हैफेड ने अच्छी मात्रा में सरसों की खरीद कर अपना स्टॉक पूरा किया। इस समय हैफेड के तेल मिल भी पूरी कैपिसिटी पर चल रहे हैं। स्टाक को देखते हुए हरियाणा सरकार ने दोबारा से पात्र लोगों को सरसों का तेल उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। नए साल से इस योजना के शुरू होने के आसार हैं। गौर हो कि प्रदेश में कुल 1140748 लाभार्थी हैं। इनमें से गुलाबी कार्ड वाले 248134 हैं, जबकि बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या 892749 हैं। इस बारे में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत का कहना है कि डिपो पर दोबारा से सरसों का तेल देने की योजना है। अधिकारियों के साथ बैठक करके जल्द इस बारे में फैसला लिया जाएगा।
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