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गृहमंत्री से मिले सुखबीर, कहा-चंडीगढ़ के लिए पूर्ण प्रशासक की मांग गलत
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में पूर्ण प्रशासक की नियुक्ति की चर्चाओं के बीच शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और चंडीगढ़ पर पंजाब का दावा पेश करते हुए पूर्ण प्रशासक की नियुक्ति न करने की मांग की। साथ ही इसे चंडीगढ़ में पंजाब के दावे को कमजोर करने की कोशिश बताया और कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का अविभाज्य हिस्सा है, इसे जल्द से जल्द मूल राज्य में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
सुखबीर बादल ने गृहमंत्री को बताया कि राज्य के बाहर से केंद्र शासित प्रदेश के लिए पूर्ण प्रशासक नियुक्त करने का कोई कारण नहीं है। प्रशासक की नियुक्ति तब तक नहीं करनी चाहिए जब तक कि केंद्र शासित प्रदेश को पंजाब में स्थानांतरित नहीं किया जाता है, इसलिए अधिकारी मूल राज्य से होना चाहिए। पहले भी चंडीगढ़ के चीफ कमिश्नर पंजाब के रहने वाले थे।
सुखबीर ने गृहमंत्री को बताया कि पंजाब के पुनर्गठन के समय लिए गए सभी फैसलों का एक के बाद एक उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में अधिकारियों की तैनाती के लिए 60 और 40 का अनुपात का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश अधिकारी पंजाब से होने चाहिए। केंद्र शासित प्रदेश में पंजाब सेवा के अधिकारियों की संख्या कम करने के लिए अलग कैडर बनाए गए हैं, और अब 60 और 40 फॉर्मूले का घोर उल्लंघन करते हुए एजीएमयूटी अधिकारियों को भी प्रमुख पदों पर तैनात किया जा रहा है। सुखबीर ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए एक आंदोलन शुरू करेंगे कि इस तरह की कार्रवाई दोबारा न हो।
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पंजाब के गांवों से बना था चंडीगढ़
सुखबीर ने कहा कि पंजाब का चंडीगढ़ पर पहला अधिकार है, क्योंकि पंजाब से संबंधित गांवों के लोगों को उजाड़कर केंद्र शासित प्रदेश की स्थापना की गई थी। भले ही चंडीगढ़ अभी भी पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है, लेकिन किसी न किसी बहाने केंद्र शासित प्रदेश में उसकी हिस्सेदारी को कमजोर करने की कोशिशें चल रही हैं।
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सुखबीर बादल ने गृहमंत्री को बताया कि राज्य के बाहर से केंद्र शासित प्रदेश के लिए पूर्ण प्रशासक नियुक्त करने का कोई कारण नहीं है। प्रशासक की नियुक्ति तब तक नहीं करनी चाहिए जब तक कि केंद्र शासित प्रदेश को पंजाब में स्थानांतरित नहीं किया जाता है, इसलिए अधिकारी मूल राज्य से होना चाहिए। पहले भी चंडीगढ़ के चीफ कमिश्नर पंजाब के रहने वाले थे।
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सुखबीर ने गृहमंत्री को बताया कि पंजाब के पुनर्गठन के समय लिए गए सभी फैसलों का एक के बाद एक उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में अधिकारियों की तैनाती के लिए 60 और 40 का अनुपात का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश अधिकारी पंजाब से होने चाहिए। केंद्र शासित प्रदेश में पंजाब सेवा के अधिकारियों की संख्या कम करने के लिए अलग कैडर बनाए गए हैं, और अब 60 और 40 फॉर्मूले का घोर उल्लंघन करते हुए एजीएमयूटी अधिकारियों को भी प्रमुख पदों पर तैनात किया जा रहा है। सुखबीर ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए एक आंदोलन शुरू करेंगे कि इस तरह की कार्रवाई दोबारा न हो।
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पंजाब के गांवों से बना था चंडीगढ़
सुखबीर ने कहा कि पंजाब का चंडीगढ़ पर पहला अधिकार है, क्योंकि पंजाब से संबंधित गांवों के लोगों को उजाड़कर केंद्र शासित प्रदेश की स्थापना की गई थी। भले ही चंडीगढ़ अभी भी पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है, लेकिन किसी न किसी बहाने केंद्र शासित प्रदेश में उसकी हिस्सेदारी को कमजोर करने की कोशिशें चल रही हैं।