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Panchkula News: नगर निगम चुनाव आचार संहिता के लिए सख्ती, खर्च पर रहेगी पैनी नजर
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रैलियों के लिए अनुमति अनिवार्य, पाई-पाई का हिसाब देना होगा; उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम चुनाव 2026 का बिगुल बजते ही जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतपाल शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव के दौरान राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के पालन में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित आरओ, एआरओ और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।
रैलियों के लिए स्थान निर्धारित, अनुमति अनिवार्य
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शहर में जनसभा और रैलियों के लिए स्थान चिह्नित कर दिए गए हैं, जिसकी सूची जल्द ही दलों को सौंप दी जाएगी। किसी भी उम्मीदवार को रैली या सभा करने से पहले संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी स्कूल, कॉलेज या धार्मिक स्थल का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा।
खर्च का पाई-पाई का हिसाब देना होगा
चुनाव में धनबल के प्रयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव खर्च के लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा। चुनाव के दौरान खर्च रजिस्टर का तीन बार निरीक्षण किया जाएगा। परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर मूल बिलों और शपथ पत्र के साथ खर्च का पूरा विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। प्रचार सामग्री पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम और प्रतियों की संख्या अंकित करना भी जरूरी है।
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सिंगल विंडो से मिलेगी परमिशन
उम्मीदवारों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है। प्रचार वाहनों की अनुमति सहित अन्य सभी स्वीकृतियां इसी माध्यम से दी जाएंगी। स्थानीय बाजार से टेंट व अन्य सामग्री किराये पर लेने के लिए प्रशासन ने दरें भी निर्धारित कर दी हैं, ताकि चुनावी खर्च के आकलन में कोई गड़बड़ी न हो।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
आदर्श आचार संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर खर्च मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम और शिकायत सेल का गठन कर दिया गया है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दिए जाने वाले विज्ञापनों के खर्च का आकलन डीएवीपी की दरों के आधार पर किया जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम चुनाव 2026 का बिगुल बजते ही जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतपाल शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव के दौरान राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के पालन में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित आरओ, एआरओ और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।
रैलियों के लिए स्थान निर्धारित, अनुमति अनिवार्य
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शहर में जनसभा और रैलियों के लिए स्थान चिह्नित कर दिए गए हैं, जिसकी सूची जल्द ही दलों को सौंप दी जाएगी। किसी भी उम्मीदवार को रैली या सभा करने से पहले संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी स्कूल, कॉलेज या धार्मिक स्थल का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा।
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खर्च का पाई-पाई का हिसाब देना होगा
चुनाव में धनबल के प्रयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव खर्च के लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा। चुनाव के दौरान खर्च रजिस्टर का तीन बार निरीक्षण किया जाएगा। परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर मूल बिलों और शपथ पत्र के साथ खर्च का पूरा विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। प्रचार सामग्री पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम और प्रतियों की संख्या अंकित करना भी जरूरी है।
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सिंगल विंडो से मिलेगी परमिशन
उम्मीदवारों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है। प्रचार वाहनों की अनुमति सहित अन्य सभी स्वीकृतियां इसी माध्यम से दी जाएंगी। स्थानीय बाजार से टेंट व अन्य सामग्री किराये पर लेने के लिए प्रशासन ने दरें भी निर्धारित कर दी हैं, ताकि चुनावी खर्च के आकलन में कोई गड़बड़ी न हो।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
आदर्श आचार संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर खर्च मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम और शिकायत सेल का गठन कर दिया गया है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दिए जाने वाले विज्ञापनों के खर्च का आकलन डीएवीपी की दरों के आधार पर किया जाएगा।