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भूजल का अति दोहन करने वाले उद्योगों पर होगी कड़ी कार्रवाई
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चंडीगढ़। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण भूजल का अवैध तरीके से अति दोहन करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई करेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों की औद्योगिक इकाइयां बंद करने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
यह जानकारी शुक्रवार को प्राधिकरण की चेयरपर्सन केशनी आनंद अरोड़ा ने दी। वह यहां हरियाणा निवास में प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। अरोड़ा ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे उन औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण करें, जो भूजल को अवैध रूप से निकालकर प्रयोग कर रहे हैं। इसकी जांच के लिए एनफोर्समेंट ऑफिसर की नियुक्ति की हुई है। वह हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की ओर से भेजी जाने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करें और साप्ताहिक समीक्षा भी करें।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से करीब 25,000 संस्थानों ने अपने प्रोजेक्ट को चलाने के लिए अनुमति ली हुई है, लेकिन इनमें से मात्र 2,500 संस्थानों ने ही हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण को भूजल निकालने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। राज्य में 142 प्रशासनिक खंडों में से 85 में तो भूजल की चिंताजनक स्थिति बनी हुई है, ऐसे में गैर-कानूनी ढ़ंग से जमीन से पानी की निकासी करने की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। सभी कॉलेजों व स्कूलों में बरसाती पानी के संरक्षण के लिए पहले से बने प्रोजेक्ट की मानसून सीजन से पहले मरम्मत कर लें। जहां पर जल संरक्षण का प्रोजेक्ट नहीं बना है, वहां पर यथाशीघ्र बनवा लें। उन्होंने इस मामले में तुरंत निर्देशों का पालन करने को कहा।
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सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिला में हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की परियोजनाओं को तो प्राथमिकता के आधार पर सिरे चढ़ाएं ही, साथ ही सभी सरकारी भवनों की छतों व परिसरों में बरसाती पानी संग्रह करने के लिए योजना बनाएं। उन्होंने महेंद्रगढ़ व चरखी दादरी जिलों में भूजल रिचार्ज, संरक्षण समेत अन्य कार्यों की सराहना करते हुए अन्य अधिकारियों को उनका अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतबीर सिंह कादयान ने उपायुक्तों से साझा किया कि जलशक्ति अभियान से जुड़े प्रोजेक्टों की प्रमाणिकता जांचने के लिए भारत सरकार की ओर से सचिव जिलों में जमीनी स्तर पर पहुंचेंगे, इसलिए अपनी तैयारी पूरी रखें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतबीर सिंह कादयान इत्यादि मौजूद रहे।
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यह जानकारी शुक्रवार को प्राधिकरण की चेयरपर्सन केशनी आनंद अरोड़ा ने दी। वह यहां हरियाणा निवास में प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। अरोड़ा ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे उन औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण करें, जो भूजल को अवैध रूप से निकालकर प्रयोग कर रहे हैं। इसकी जांच के लिए एनफोर्समेंट ऑफिसर की नियुक्ति की हुई है। वह हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की ओर से भेजी जाने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करें और साप्ताहिक समीक्षा भी करें।
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हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से करीब 25,000 संस्थानों ने अपने प्रोजेक्ट को चलाने के लिए अनुमति ली हुई है, लेकिन इनमें से मात्र 2,500 संस्थानों ने ही हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण को भूजल निकालने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। राज्य में 142 प्रशासनिक खंडों में से 85 में तो भूजल की चिंताजनक स्थिति बनी हुई है, ऐसे में गैर-कानूनी ढ़ंग से जमीन से पानी की निकासी करने की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। सभी कॉलेजों व स्कूलों में बरसाती पानी के संरक्षण के लिए पहले से बने प्रोजेक्ट की मानसून सीजन से पहले मरम्मत कर लें। जहां पर जल संरक्षण का प्रोजेक्ट नहीं बना है, वहां पर यथाशीघ्र बनवा लें। उन्होंने इस मामले में तुरंत निर्देशों का पालन करने को कहा।
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सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिला में हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की परियोजनाओं को तो प्राथमिकता के आधार पर सिरे चढ़ाएं ही, साथ ही सभी सरकारी भवनों की छतों व परिसरों में बरसाती पानी संग्रह करने के लिए योजना बनाएं। उन्होंने महेंद्रगढ़ व चरखी दादरी जिलों में भूजल रिचार्ज, संरक्षण समेत अन्य कार्यों की सराहना करते हुए अन्य अधिकारियों को उनका अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतबीर सिंह कादयान ने उपायुक्तों से साझा किया कि जलशक्ति अभियान से जुड़े प्रोजेक्टों की प्रमाणिकता जांचने के लिए भारत सरकार की ओर से सचिव जिलों में जमीनी स्तर पर पहुंचेंगे, इसलिए अपनी तैयारी पूरी रखें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतबीर सिंह कादयान इत्यादि मौजूद रहे।