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Panchkula News: प्लास्टिक, थर्मोकोल और सिंगल यूज डिस्पोजेबल वस्तुओं का इस्तेमाल करें बंद
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रायपुररानी। विश्व पर्यावरण दिवस पर प्लास्टिक प्रदूषण का अंत थीम के तहत रायपुररानी क्षेत्र में विशेष निरीक्षण एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगनदीप सिंह के निर्देशानुसार आयोजित हुआ।
खंड समन्वयक अनिल कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने नेशनल और स्टेट हाईवे पर स्थित करीब 25 ढाबों, रेस्टोरेंट्स, मैरिज पैलेसों और होटलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे प्लास्टिक, थर्मोकोल और सिंगल यूज डिस्पोजेबल वस्तुओं जैसे चम्मच, प्लेटें और गिलास का इस्तेमाल तुरंत बंद करें।
अनिल कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 2016 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान गंदे पानी के खुले बहाव को लेकर भी सख्ती बरती गई। सभी प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए गए कि वे अपने परिसरों में सोकपिट का निर्माण कराएं ताकि गंदा पानी खुले में न फैले। नियमों की अनदेखी पर न्यायालय के आदेशानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सोसाइटी फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट की प्रतिनिधि अर्शिया शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग न केवल पर्यावरण, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने संचालकों से अपील की कि पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाएं और स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण के लिए सहयोग करें।
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खंड समन्वयक अनिल कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने नेशनल और स्टेट हाईवे पर स्थित करीब 25 ढाबों, रेस्टोरेंट्स, मैरिज पैलेसों और होटलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे प्लास्टिक, थर्मोकोल और सिंगल यूज डिस्पोजेबल वस्तुओं जैसे चम्मच, प्लेटें और गिलास का इस्तेमाल तुरंत बंद करें।
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अनिल कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 2016 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान गंदे पानी के खुले बहाव को लेकर भी सख्ती बरती गई। सभी प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए गए कि वे अपने परिसरों में सोकपिट का निर्माण कराएं ताकि गंदा पानी खुले में न फैले। नियमों की अनदेखी पर न्यायालय के आदेशानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सोसाइटी फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट की प्रतिनिधि अर्शिया शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग न केवल पर्यावरण, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने संचालकों से अपील की कि पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाएं और स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण के लिए सहयोग करें।