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स्टिल्ट प्लस चार : आपत्तियां और सुझाव के लिए समय बढ़ाने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन पॉलिसी पर मांगे गए आपत्ति और सुझाव का समय 15 दिन से बढ़ाकर छह माह करने की मांग सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन ने की है। इसको लेकर एसोसिएशन के एक शिष्टमंडल ने सोमवार को कमेटी के नाम ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान एसके नैय्यर ने की। कमेटी की ओर से तय किए गए समय के अनुसार लोग छह अप्रैल तक ही आपत्ति जता सकते हैं या अपने सुझाव दे सकते हैं।
शिष्टमंडल सोमवार को विशेषज्ञता कमेटी के चेयरमैन से मिलने के लिए उनके कार्यालय में पहुंचा। मगर उनके वहां मौजूद नहीं होने के कारण उनके प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा। इसी के संबंध में एक ज्ञापन नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक के नाम भी सौंपा गया। इस अवसर पर सुनील जैन, कर्नल पीके जेटली, दीपक अरोड़ा, सुनील कमरिया और आरएस कथूरिया मौजूद रहे।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के सभी लोगों को कंप्यूटर की जानकारी नहीं है। इसलिए उन लोगों की सुविधा के लिए ऑफ लाइन आपत्ति या सुझाव भी स्वीकार किए जाएं। इसके अलावा पोर्टल में भी सुधार किया जाए। पोर्टल में भी एक हजार से ज्यादा शब्द नहीं लिखे जा सकते। इसमें लोगों की सभी आपत्ति या सुझाव समाहित नहीं हो सकते हैं। इसलिए पोर्टल पर भी सुधार किए जाने की जरूरत है।
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छह महीने का समय रखने की मांग शिष्टमंडल ने चेयरमैन विशेषज्ञता कमेटी से अनुरोध किया है कि विभाग की ओर से आपत्तियां और सुझाव देने हेतु कम से कम 3 से 6 महीने तक का समय होना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। इससे कमेेेटी को फैसला लेने और अपनी राय देने में भी आसानी होगी।
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शिष्टमंडल सोमवार को विशेषज्ञता कमेटी के चेयरमैन से मिलने के लिए उनके कार्यालय में पहुंचा। मगर उनके वहां मौजूद नहीं होने के कारण उनके प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा। इसी के संबंध में एक ज्ञापन नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक के नाम भी सौंपा गया। इस अवसर पर सुनील जैन, कर्नल पीके जेटली, दीपक अरोड़ा, सुनील कमरिया और आरएस कथूरिया मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के सभी लोगों को कंप्यूटर की जानकारी नहीं है। इसलिए उन लोगों की सुविधा के लिए ऑफ लाइन आपत्ति या सुझाव भी स्वीकार किए जाएं। इसके अलावा पोर्टल में भी सुधार किया जाए। पोर्टल में भी एक हजार से ज्यादा शब्द नहीं लिखे जा सकते। इसमें लोगों की सभी आपत्ति या सुझाव समाहित नहीं हो सकते हैं। इसलिए पोर्टल पर भी सुधार किए जाने की जरूरत है।
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छह महीने का समय रखने की मांग शिष्टमंडल ने चेयरमैन विशेषज्ञता कमेटी से अनुरोध किया है कि विभाग की ओर से आपत्तियां और सुझाव देने हेतु कम से कम 3 से 6 महीने तक का समय होना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। इससे कमेेेटी को फैसला लेने और अपनी राय देने में भी आसानी होगी।