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हालात : बोया तिल और मक्का, पोर्टल पर बन गया धान

Tue, 12 Oct 2021 01:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 01:21 AM IST
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Situation: Sown sesame and maize, paddy was made on the portal
रायपुररानी। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल के आंकड़े अपलोड करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। पहले तो किसान फसल की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करवाने के लिए परेशान हुए। अब जब फसल बेचने का समय आया तो सरकार की ओर से तिल, मक्का, मूंग सहित अन्य फसलों की जगह उनके खेत में धान लगी होने का संदेश आ गया।
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किसान शरणजीत सिंह फिरोजपुर, बहादुर ककराली, हेम सिंह चौहान, महेश कुमार, मुखराम गुर्जर, कृष्ण फौजी गोबिंदपुर, रामकरण भांवली, सतीश वालिया, पवन सैनी, अनु पारवाला, कृष्ण सैनी हरीपुर, सोनू सैनी टपरियां ने बताया कि जिस खेत में तिल, मक्का, मूंग बोई थी वह विभाग के पोर्टल पर दर्ज करवा दी थी। अब वह किसान धान कहां से लाकर बेचेंगे।
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किसानों ने बताया कि मोबाइल पर आए संदेश में सत्यापन संबंधी जानकारी के साथ लिखा गया कि यदि किसी किसान को कोई आपत्ति है तो जिला उपायुक्त से संपर्क करें। किसानों ने रेवेन्यू व कृषि विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि इस समय किसान अपने खेत से फसल काटेंगे, फसल मंडी में बेचेंगे या अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाएंगे।
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फसल बेचने के समय आए संदेश से चौंके किसान
किसानों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने धान लगाने की बजाय कम पानी सोखने वाली फसल जैसे मक्का, तिल, बाजरा, दालें आदि लगाने पर सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि के रूप में देने का वादा किया था। इस पर बहुत से किसानों ने धान की फसल न उगा अन्य फसलें उगाईं, लेकिन अब फसल बेचने के समय इस प्रकार के संदेश ने उन्हें चौंका दिया। किसानों के अनुसार अन्य फसल उगाने में प्रतिदिन की मजदूरी भी नहीं वसूल होती, दूसरा प्रोत्साहन राशि के नाम पर पोर्टल में उनके खेत में उगी फसलें ही बदल दी गईं।
मामले को लेकर सीएम व कृषि मंत्री से मिलेंगे
भाजपा के जिला किसान प्रधान सोनू हरयोली ने बताया कि इस प्रकार के संदेश से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। फसल बेचने के समय पर सरकार की छवि धूमिल करने को लेकर इस प्रकार के सत्यापन अधिकारियों की ओर से किस आधार पर किए गए। इस बारे में वह कल ही मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री जेपी दलाल सहित जिला प्रशासन से जांच को लेकर मिलेंगे। उन्होंने दोषी अधिकारी व विभाग के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
विभाग या प्रशासन के नाम शिकायत दें। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पोर्टल पर फसल का नाम अपने आप कैसे बदल गया। इस बारे में सरकारी गाइडलाइन के अनुसार ही सत्यापन किया गया है। यदि किसी का गलत हो गया हो तो उस किसान की भूमि का पुन: मुआयना किया जाएगा।

-सुरेंद्र यादव, डिप्टी डायरेक्टर, कृषि विभाग
कुछ मुश्तरका खाते की भूमि में अलग-अलग फसल होने के कारण पोर्टल पर समस्या आ रही है। शिकायत मिलते ही तहसीलदार के साथ मौके का मुआयना कर दुरुस्त किया जा रहा है।
-कृष्ण कुमार, ब्लॉक कृषि अधिकारी
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