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हालात : झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड के विरोध में सीसीएचओडब्ल्यूए ने शुरू की घेराबंदी, घग्गर पार के लोगों ने एनजीटी की टीम को 42 पेज का ज्ञापन सौंपा
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पंचकूला। झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की कवायद तेज कर दी है, वहीं टेंडर प्रक्रिया शुरू करने भी जा रहा है। वहीं, सेक्टर-25 सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (सीसीएचओडब्ल्यूए) ने दो मोर्चे पर घेराबंदी शुरू कर दी है। एसोसिएशन के सदस्यों ने झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड के विरोध में एक तरफ जहां पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का सहारा लिया है, वहीं दूसरी तरफ एनजीटी का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले पर एनजीटी ने कड़ा संज्ञान लिया है। इतना ही नहीं एनजीटी द्वारा गठित तीन विभाग के अधिकारियों की टीम के सदस्यों को सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 42 पेज का ज्ञापन सौंप कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने अधिकारियों को बताया कि नगर निगम के फैसले से वन्यजीवों पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं, घग्गर नदी भी दूषित हो सकती है।
सेक्टर-25 सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संजीव गोयल ने बताया कि एनजीटी की टीम को सौंपे गए ज्ञापन में विस्तृत जानकारी दी गई है। पहले 16 पेज में टीम के सदस्यों को वाइल्ड लाइफ के नियमों से अवगत करवाया गया है। इसके बाद अगले 26 पेज में प्रमाण दिए गए हैं। जिस पर एनजीटी टीम के सदस्यों ने काफी हद तक सहमति भी जताई है। गोयल ने बताया कि एनजीटी ने 17 सितंबर को एक विशेष टीम गठित कर पूरी रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए थे। एनजीटी की ओर से गठित की गई टीम गांव झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण कर चुकी है। वह एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सेक्टर-25 सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपप्रधान बीआर मेहता ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों ने गांव झूरीवाला में डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट कर एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन किया है। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त 2013 के आदेशानुसार झूरीवाला में सॉलिड वेस्ट को नहीं गिराया जा सकता है। यदि नगर निगम के अधिकारियों ने यहां डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट ही करना था तो पहले आदेश में बदलाव करवाना चाहिए था, जोकि नहीं किया गया। इसलिए एनजीटी का आदेश आज भी मान्य है। उन्होंने बताया कि झूरीवाला पूरी तरह से जंगल एरिया है, जोकि वाइल्ड लाइफ के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि सुखना लेक के पास टाटा हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच होना था। विभागीय अधिकारियों ने प्रोजेक्ट का हरी झंडी भी दे दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सभी आदेशों को खारिज कर प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी थी।
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सेक्टर-25 सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव भगवान दास मित्तल ने बताया कि झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड के विरोध में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर कर चुके हैं। जिस पर हाईकोर्ट ने 20 सितंबर को सुनवाई कर हरियाणा सरकार से मामले में एक सप्ताह के अंदर हलफाना दायर करने का आदेश दिया था। वहीं, मामले में 29 सितंबर को होनी वाली सुनवाई पर अगली तारीख एक नवंबर की दे दी है। एनजीटी ने 17 सितंबर को एक सुनवाई करते हुए तीन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित करने का आदेश दिया था। आदेश के अनुसार समिति में सेक्टर-6 स्थित हरियाणा वन्य जीव विभाग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
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सेक्टर-25 सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संजीव गोयल ने बताया कि एनजीटी की टीम को सौंपे गए ज्ञापन में विस्तृत जानकारी दी गई है। पहले 16 पेज में टीम के सदस्यों को वाइल्ड लाइफ के नियमों से अवगत करवाया गया है। इसके बाद अगले 26 पेज में प्रमाण दिए गए हैं। जिस पर एनजीटी टीम के सदस्यों ने काफी हद तक सहमति भी जताई है। गोयल ने बताया कि एनजीटी ने 17 सितंबर को एक विशेष टीम गठित कर पूरी रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए थे। एनजीटी की ओर से गठित की गई टीम गांव झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण कर चुकी है। वह एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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सेक्टर-25 सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपप्रधान बीआर मेहता ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों ने गांव झूरीवाला में डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट कर एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन किया है। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त 2013 के आदेशानुसार झूरीवाला में सॉलिड वेस्ट को नहीं गिराया जा सकता है। यदि नगर निगम के अधिकारियों ने यहां डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट ही करना था तो पहले आदेश में बदलाव करवाना चाहिए था, जोकि नहीं किया गया। इसलिए एनजीटी का आदेश आज भी मान्य है। उन्होंने बताया कि झूरीवाला पूरी तरह से जंगल एरिया है, जोकि वाइल्ड लाइफ के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि सुखना लेक के पास टाटा हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच होना था। विभागीय अधिकारियों ने प्रोजेक्ट का हरी झंडी भी दे दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सभी आदेशों को खारिज कर प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी थी।
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सेक्टर-25 सिटीजन कमेटी हाउस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव भगवान दास मित्तल ने बताया कि झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड के विरोध में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर कर चुके हैं। जिस पर हाईकोर्ट ने 20 सितंबर को सुनवाई कर हरियाणा सरकार से मामले में एक सप्ताह के अंदर हलफाना दायर करने का आदेश दिया था। वहीं, मामले में 29 सितंबर को होनी वाली सुनवाई पर अगली तारीख एक नवंबर की दे दी है। एनजीटी ने 17 सितंबर को एक सुनवाई करते हुए तीन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित करने का आदेश दिया था। आदेश के अनुसार समिति में सेक्टर-6 स्थित हरियाणा वन्य जीव विभाग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।