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एसजीपीसी को कोई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार नहीं : टकसाल
Fri, 24 Oct 2025 10:07 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Fri, 24 Oct 2025 10:07 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। दमदमी टकसाल अजनाला के मुखी भाई अमरीक सिंह अजनाला ने कहा है कि जब तक एसजीपीसी संगत के सामने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों की सच्चाई उजागर नहीं करती तब तक उसे कोई धार्मिक समारोह आयोजित करने का अधिकार नहीं है। भाई अजनाला ने चेतावनी दी कि एसजीपीसी द्वारा समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर आयोजित किए जा रहे श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व समारोहों में कमेटी की भागीदारी का विरोध करेंगे। इस संबंध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिखों की सर्वोच्च संस्था है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाई अजनाला ने कहा कि वह आयोजनों के खिलाफ नहीं हैं बल्कि एसजीपीसी के प्रशासन के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी द्वारा 29 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी पर्व मनाने की तैयारियां की जा रही हैं। जब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने का मामला हल नहीं हो जाता तब तक वह एसजीपीसी द्वारा आयोजित किए जा रहे समारोहों का विरोध करते रहेंगे।
भाई अजनाला ने कहा कि यदि एसजीपीसी पंजाब की धरती पर नगर कीर्तन या स्टेज लगाती है तो उसका भी विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अब एक परिवार कमेटी बन गई है और यही वजह है कि गुरु साहिब के स्वरूपों के गायब होने का मामला अभी तक नहीं सुलझा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दौरान अगर कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार और एसजीपीसी दोनों की होगी।
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अमृतसर। दमदमी टकसाल अजनाला के मुखी भाई अमरीक सिंह अजनाला ने कहा है कि जब तक एसजीपीसी संगत के सामने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों की सच्चाई उजागर नहीं करती तब तक उसे कोई धार्मिक समारोह आयोजित करने का अधिकार नहीं है। भाई अजनाला ने चेतावनी दी कि एसजीपीसी द्वारा समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर आयोजित किए जा रहे श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व समारोहों में कमेटी की भागीदारी का विरोध करेंगे। इस संबंध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिखों की सर्वोच्च संस्था है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाई अजनाला ने कहा कि वह आयोजनों के खिलाफ नहीं हैं बल्कि एसजीपीसी के प्रशासन के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी द्वारा 29 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी पर्व मनाने की तैयारियां की जा रही हैं। जब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने का मामला हल नहीं हो जाता तब तक वह एसजीपीसी द्वारा आयोजित किए जा रहे समारोहों का विरोध करते रहेंगे।
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भाई अजनाला ने कहा कि यदि एसजीपीसी पंजाब की धरती पर नगर कीर्तन या स्टेज लगाती है तो उसका भी विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अब एक परिवार कमेटी बन गई है और यही वजह है कि गुरु साहिब के स्वरूपों के गायब होने का मामला अभी तक नहीं सुलझा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस दौरान अगर कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार और एसजीपीसी दोनों की होगी।
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