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Panchkula News: डेंगू के सात और मामले आए, अब तक 23 फीसदी बच्चे आ चुके चपेट में स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता, जिलेभर के 500 स्कूलों को फुल ड्रेस कोड लागू करने के आदेश
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प्राइवेट स्कूलों को सख्त हिदायत, केस आने पर छिपाने के बजाय शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला जिले में अब तक डेंगू के 99 मामले आ चुके हैं। इनमें से सात मामले मंगलवार को आए हैं। कुल मामलों में 23 फीसदी केस बच्चे में पाए गए हैं। डेंगू की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक को पत्र लिखा था। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जिलेभर के सरकारी और प्राइवेट 500 स्कूलों को लेटर जारी कर निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन स्कूलों में लागू की जाए। बच्चों के लिए फुल ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर डेंगू के केस आएं तो शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को इससे अवगत करवाया जाए। केस छिपाने की कोशिश करने पर स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पंचकूला के निजी स्कूलों में 22 बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई है। पिछले साल बच्चों में डेंगू के कुल 21 फीसदी मामले आए थे। पंचकूला में 2021 में 906 मरीज, 2्र022 में 2022 मरीज आए डेंगू के आए थे। वर्ष 2023 में 689 मरीज आए हैं। वहीं लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग स्टाफ की समस्या से जूझ रहा है। बायोलॉजिस्ट की पोस्ट एक साल से नहीं भरी गई है। डेंगू मलेरिया को कंट्रोल करने के लिए एमपीएचडब्ल्यू की 53 पोस्ट सेंक्शन हैं। इनमें से 33 पोस्ट ही भरी गई हैं। 20 पोस्ट पर तैनाती नहीं है। कालका में हेल्थ इंस्पेक्टर्स की पोस्ट खाली है।
बॉक्स
स्कूल परिसर में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
पंचकूला जिला शिक्षा अधिकरी सतपाल कौशिक ने बताया कि जिले के 500 स्कूलों को लेटर जारी किए हैं कि बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए पूरी बाजू के कपड़े, मोजे, जूते जरूर पहनाएंं। बच्चों की टांगों को ढकने के लिए ड्रेस कोड लागू किया जाए। बच्चों का शरीर ढका रहेगा तो बीमारी से बचाव हो सकता है। स्कूल परिसर में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। कहीं भी पानी न जलभराव न हो, जहां मच्छर पनपने की संभावना हो। अगर आसपास पानी का जमाव है तो उसमें काला तेल डालें, ताकि लारवा मर जाए। स्कूलों में डेंगू के केस आने पर स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराना जरूरी है। सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों एवं कॉलेज के बच्चों को सुबह प्रार्थना सभा में मलेरिया और डेंगू के उपायों के बारे में जानकारी दी जाए। इसमें विद्यार्थियों को जागरूक कर ड्राइंग डे सप्ताह में एक दिन मनाने के लिए स्कूल प्रबंधन प्रोत्साहित करें।
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कोट-- -
शहर के सभी स्कूलों को लेटर जारी कर फुल ड्रेस कोड लागू करने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी स्कूल के बच्चों में डेंगू के मामले सामने आते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों में फॉगिंग करवाई जाएगी।
सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
कोट-- --
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को कंट्रोल करने के लिए लारवा की जांच की जा रही है। लोगों से अपील है कि लोग डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरतें। जो भी गाइडलाइन स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई हैं, उसका पालन करें।
डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला जिले में अब तक डेंगू के 99 मामले आ चुके हैं। इनमें से सात मामले मंगलवार को आए हैं। कुल मामलों में 23 फीसदी केस बच्चे में पाए गए हैं। डेंगू की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक को पत्र लिखा था। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जिलेभर के सरकारी और प्राइवेट 500 स्कूलों को लेटर जारी कर निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन स्कूलों में लागू की जाए। बच्चों के लिए फुल ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर डेंगू के केस आएं तो शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को इससे अवगत करवाया जाए। केस छिपाने की कोशिश करने पर स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पंचकूला के निजी स्कूलों में 22 बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई है। पिछले साल बच्चों में डेंगू के कुल 21 फीसदी मामले आए थे। पंचकूला में 2021 में 906 मरीज, 2्र022 में 2022 मरीज आए डेंगू के आए थे। वर्ष 2023 में 689 मरीज आए हैं। वहीं लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग स्टाफ की समस्या से जूझ रहा है। बायोलॉजिस्ट की पोस्ट एक साल से नहीं भरी गई है। डेंगू मलेरिया को कंट्रोल करने के लिए एमपीएचडब्ल्यू की 53 पोस्ट सेंक्शन हैं। इनमें से 33 पोस्ट ही भरी गई हैं। 20 पोस्ट पर तैनाती नहीं है। कालका में हेल्थ इंस्पेक्टर्स की पोस्ट खाली है।
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स्कूल परिसर में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
पंचकूला जिला शिक्षा अधिकरी सतपाल कौशिक ने बताया कि जिले के 500 स्कूलों को लेटर जारी किए हैं कि बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए पूरी बाजू के कपड़े, मोजे, जूते जरूर पहनाएंं। बच्चों की टांगों को ढकने के लिए ड्रेस कोड लागू किया जाए। बच्चों का शरीर ढका रहेगा तो बीमारी से बचाव हो सकता है। स्कूल परिसर में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। कहीं भी पानी न जलभराव न हो, जहां मच्छर पनपने की संभावना हो। अगर आसपास पानी का जमाव है तो उसमें काला तेल डालें, ताकि लारवा मर जाए। स्कूलों में डेंगू के केस आने पर स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराना जरूरी है। सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों एवं कॉलेज के बच्चों को सुबह प्रार्थना सभा में मलेरिया और डेंगू के उपायों के बारे में जानकारी दी जाए। इसमें विद्यार्थियों को जागरूक कर ड्राइंग डे सप्ताह में एक दिन मनाने के लिए स्कूल प्रबंधन प्रोत्साहित करें।
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शहर के सभी स्कूलों को लेटर जारी कर फुल ड्रेस कोड लागू करने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी स्कूल के बच्चों में डेंगू के मामले सामने आते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों में फॉगिंग करवाई जाएगी।
सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
कोट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को कंट्रोल करने के लिए लारवा की जांच की जा रही है। लोगों से अपील है कि लोग डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरतें। जो भी गाइडलाइन स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई हैं, उसका पालन करें।
डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6