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उफनती नदी को पार कर स्कूल जाने की मशक्कत करते बच्चे, कंधे पर उठाकर नदी पार करवा
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मोरनी। बरसात के मौसम में जहां जिला प्रशासन नदी-नालों में जाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाता है, वहीं कुदाना पंचायत के इलाके के लोग इन नियमों की अनदेखी करने को मजबूर हैं और यहां के स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करके स्कूल जाते हैं और बहुत से अभिभावक कड़ी मशक्कत से बच्चों को नदी पार करवाते हैं। इलाके के विभिन्न गांवों के लोग हर साल अपनी जान जोखिम में डालकर रोजाना इन नदियों को पार करते हैं। यह नजारा बुधवार को कुदाना पंचायत के इलाके में देखने को मिला। जहां स्कूली बच्चे मजबूरी में नदी पार करके स्कूल जाते दिखे और कड़ी मशक्कत करके अभिभावक कंधों पर बच्चों को लादकर नदी पार करवा रहे थे। उफनती नदी पार करते हुए इन स्कूली बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर हजारों की संख्या में लोग इस वीडियो को शेयर करके अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।
कुदाना पंचायत के महेश कुमार और देविंदर कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में हम लोगों को और हमारे बच्चों को उफनती नदी से निकलकर अपने कामों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हमें अपने दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामान के लिए भी नदी से होकर ही जाना पड़ता है। जिससे कि हर समय हादसे का डर लगा रहता है।
कुदाना भौज के ही रहने वाले राममूर्ति और जसवंत सिंह ने बताया कि गांव बाबडवाली, बागवाली, मथाना दुदला सहित आधा दर्जन से ज्यादा गांव के बच्चे टिक्कर स्कूल में पढ़ने जाते हैं। जोकि इसी नदी को पार करके स्कूल पहुंचते है। ऐसे में बारिश के दिनों में अभिभावकों को हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों में गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है।
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वहीं गांव की छात्रा ममता ने बताया कि नदी पर पुल न होने के कारण उन्होंने और उन जैसी कई छात्राओं ने अधर में स्कूल छोड़ा है। कमल कुमार, लेखराज, धनीराम, ओम प्रकाश, मीना देवी, कृष्णा देवी, बलदेवी, दया वंतर, कमला देवी, निर्मला देवी, प्रदीप सिंह, देशराज आदि ने सरकार से मांग करते हुए समाधान करवाए जाने की मांग की है।
कोट्स
सोशल मीडिया के माध्यम से कुदाना पंचायत के इलाके में इस स्थिति की जानकारी मिली है कि कुदाना पंचायत की नदी पर पुल ही नहीं है। इस कारण वहां के लोग नदी पार करने में परेशानी उठा रहे हैं। इस बारे में तीन विभागों की कमेटी बनाकर इस समस्या का समाधान जल्द ही करवाया जाएगा। - महावीर कौशिक, जिला उपायुक्त, पंचकूला।
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कुदाना पंचायत के महेश कुमार और देविंदर कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में हम लोगों को और हमारे बच्चों को उफनती नदी से निकलकर अपने कामों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हमें अपने दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामान के लिए भी नदी से होकर ही जाना पड़ता है। जिससे कि हर समय हादसे का डर लगा रहता है।
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कुदाना भौज के ही रहने वाले राममूर्ति और जसवंत सिंह ने बताया कि गांव बाबडवाली, बागवाली, मथाना दुदला सहित आधा दर्जन से ज्यादा गांव के बच्चे टिक्कर स्कूल में पढ़ने जाते हैं। जोकि इसी नदी को पार करके स्कूल पहुंचते है। ऐसे में बारिश के दिनों में अभिभावकों को हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों में गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है।
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वहीं गांव की छात्रा ममता ने बताया कि नदी पर पुल न होने के कारण उन्होंने और उन जैसी कई छात्राओं ने अधर में स्कूल छोड़ा है। कमल कुमार, लेखराज, धनीराम, ओम प्रकाश, मीना देवी, कृष्णा देवी, बलदेवी, दया वंतर, कमला देवी, निर्मला देवी, प्रदीप सिंह, देशराज आदि ने सरकार से मांग करते हुए समाधान करवाए जाने की मांग की है।
कोट्स
सोशल मीडिया के माध्यम से कुदाना पंचायत के इलाके में इस स्थिति की जानकारी मिली है कि कुदाना पंचायत की नदी पर पुल ही नहीं है। इस कारण वहां के लोग नदी पार करने में परेशानी उठा रहे हैं। इस बारे में तीन विभागों की कमेटी बनाकर इस समस्या का समाधान जल्द ही करवाया जाएगा। - महावीर कौशिक, जिला उपायुक्त, पंचकूला।