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एक और घोटाला: पंजाब में सहकारी सभा में चार करोड़ से अधिक का घोटाला, विजिलेंस ने तीन को किया गिरफ्तार
Tue, 06 Sep 2022 01:48 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2022 01:48 AM IST
सार
कजला बहुउद्देश्यीय कोऑपरेटिव सोसायटी में करीब 1220 खाता धारक हैं और सभा के पास दो ट्रैक्टरों समेत बड़ी संख्या में कृषि योग्य जमीन से संबंधित कृषि के यंत्र हैं। इसके अलावा सोसायटी की तरफ से खादें और कीटनाशक दवाएं आदि भी किसानों को बेची जाती हैं।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने कजला बहुउद्देश्यीय सहकारी सभा लिमिटेड कजला, शहीद भगत सिंह नगर में करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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ब्यूरो की जांच के दौरान संबंधित कोऑपरेटिव सोसायटी के अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ से मिलीभगत करके 4,24,02,561 रुपये का गबन सामने आया है। विजिलेंस ने इस मामले में सभा के पूर्व सचिव प्रेम सिंह, सचिव (निलंबन अधीन) भूपिंदर सिंह, पूर्व प्रधान जसविंदर सिंह, प्रधान हरवेल सिंह मीत, पूर्व सदस्य हरजीत सिंह और बलकार सिंह निवासी गांव कजला सहित पद्दी मट्टवाली निवासी पूर्व सदस्य राम पाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत थाना विजिलेंस ब्यूरो, रेंज जालंधर में मामला दर्ज किया गया है। इनमें से प्रेम सिंह, भूपिंदर सिंह और हरजीत सिंह को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि कजला बहुउद्देश्यीय कोऑपरेटिव सोसायटी में करीब 1220 खाता धारक हैं और सभा के पास दो ट्रैक्टरों समेत बड़ी संख्या में कृषि योग्य जमीन से संबंधित कृषि के यंत्र हैं। इसके अलावा सोसायटी की तरफ से खादें और कीटनाशक दवाएं आदि भी किसानों को बेची जाती हैं। उक्त सोसायटी में कुल दो कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे हैं और इन कर्मचारियों को सभा की तरफ से ही वेतन दिया जाता है। गांव के लोगों की तरफ से उक्त सभा में करोड़ों रुपये की एफ डी करवाई गई हैं। विजिलेंस की तकनीकी टीम ने उक्त सोसायटी की अचानक जांच की, जिसमें यह घोटाला सामने आया। टीम की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक सभा में साल 2012-13 से लेकर साल 2017-18 तक सभा के सदस्यों की तरफ से लिए कर्ज और सदस्यों की अमानतों में 4,24,02,561 रुपये का गबन होना पाया गया है।
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