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सवा साल पहले मंजूर एलटीसी की राशि अब तक नहीं मिली
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हरियाणा में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वीकृति के सवा साल बाद भी एलटीसी (लीव ट्रेवल कंसेशन) की राशि नहीं मिली है। ब्लॉक वर्ष 2016-19 की एलटीसी की राशि शिक्षा निदेशालय ने 31 दिसंबर 2019 से पहले ही मंजूर कर दी थी। जिसे जारी न करने का मामला अब निदेशालय के संज्ञान में आया है।
मौलिक शिक्षा महानिदेशक ने हरकत में आते हुए सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से 15 अप्रैल तक इस संबंध में जानकारी मांगी है। सभी को लिखित में बताना होगा कि कितने अधिकारियों, कर्मचारियों को एलटीसी की राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसका कारण भी बताना होगा। महानिदेशक ने अदा नहीं की गई राशि की मांग वास्तविक आधार पर निदेशालय से करने की मांग की है। अधिक राशि मांगने के बाद उसे खर्च नहीं किया जाता या वापस लौटाया जाता है तो उसके लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
महानिदेशक ने मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि इस राशि का भुगतान एक माह के वेतन के एवज में 31 दिसंबर 2019 तक किया जाना था। समय से मंजूरी मिलने के बावजूद एलटीसी का भुगतान क्यों नहीं हुआ, इसका कारण अवश्य स्पष्ट करें। निदेशालय की बजट शाखा को ईमेल के जरिये यह जानकारी समयबद्ध तरीके से मुहैया कराएं, ताकि जरूरी कार्यवाही अमल में लाई जा सके। मांगी गई जानकारी को प्रपत्र में फील्ड स्टाफ, मिडिल स्कूल स्टाफ, प्राथमिक स्कूल स्टाफ की अलग-अलग संख्या के साथ उपलब्ध कराएं।
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मौलिक शिक्षा महानिदेशक ने हरकत में आते हुए सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से 15 अप्रैल तक इस संबंध में जानकारी मांगी है। सभी को लिखित में बताना होगा कि कितने अधिकारियों, कर्मचारियों को एलटीसी की राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसका कारण भी बताना होगा। महानिदेशक ने अदा नहीं की गई राशि की मांग वास्तविक आधार पर निदेशालय से करने की मांग की है। अधिक राशि मांगने के बाद उसे खर्च नहीं किया जाता या वापस लौटाया जाता है तो उसके लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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महानिदेशक ने मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि इस राशि का भुगतान एक माह के वेतन के एवज में 31 दिसंबर 2019 तक किया जाना था। समय से मंजूरी मिलने के बावजूद एलटीसी का भुगतान क्यों नहीं हुआ, इसका कारण अवश्य स्पष्ट करें। निदेशालय की बजट शाखा को ईमेल के जरिये यह जानकारी समयबद्ध तरीके से मुहैया कराएं, ताकि जरूरी कार्यवाही अमल में लाई जा सके। मांगी गई जानकारी को प्रपत्र में फील्ड स्टाफ, मिडिल स्कूल स्टाफ, प्राथमिक स्कूल स्टाफ की अलग-अलग संख्या के साथ उपलब्ध कराएं।
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