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चंडीगढ़ में कुत्तों की 'कोरोना' वैक्सीन की भी बिक्री बढ़ी, बेहद जरूरी हैं तीन टीके, पढ़ें जानकारी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
कोरोना वायरस को लेकर चंडीगढ़ के पेट्स लवर्स में भी खौफ पैदा हो गया है। वायरस के डर से शहर के 80 प्रतिशत पेट्स लवर्स डॉग्स में कोरोना वायरस का वैक्सीनेशन करा रहे हैं। इसको लेकर कोरोना वैक्सीन की बिक्री में भी इजाफा हुआ है।
कोरोना वायरस के कारण अब तक चीन सहित अन्य देशों में पांच हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी अब तक 100 से अधिक कोरोना से प्रभावित मरीज मिले हैं। वायरस फैलने का कारण व्यक्ति का एक दूसरे के संपर्क में आना बताया गया है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यह वायरस जानवरों से फैला है।
इन संभावनाओं को देखते हुए चंडीगढ़ में पालतू कुत्तों के लिए पशु विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों ने इसे जरूरी बताया है। इस कारण से टीकाकरण कराने वाले पेट्स की संख्या में दो महीने में 80 प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। 100 दिन तक पशु चिकित्सकों द्वारा तीन टीकाकरण को जरूरी बताया गया है।
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ये तीन टीकाकरण जरूरी
45 दिन तक की उम्र वाले कुत्तों (पेट्स) के लिए सबसे पहले सेवन इन वन वेक्सीन लगाई जाती है। बाजार में इसकी कीमत 500 रुपये है। दूसरी कोरोना वैक्सीन है। इसकी कीमत 500 रुपये है। यह भी बाजार में आसानी से मिल जाती है। तीसरी वेक्सीन रेबीज की होती है। बाजार में यह 100 रुपये की मिलती है। जबकि सरकार की ओर से निशुल्क पशुओं में यह वैक्सीन लगाई जाती है।
क्या है कोरोना वायरस
कोरोना वायरस का संबंध ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के अनुसार बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं।
80 प्रतिशत तक हुआ इजाफा
पालतू पशु विशेषकर कुत्ते या बिल्ली के लिए तीन टीकाकरण आवश्यक हैं। इनमें अभी तक रेबीज और सेवन इन वन ही के टीके लगाए जाते थे, कोरोना वायरस का टीका नहीं लगवाया जाता था। वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप के बाद यहां के पालतू पशुओं में कोरोना वायरस का टीका लगाने वालों की संख्या 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
- विनोद कुमार (सोनू), सदस्य, स्ट्रीट डॉग स्ट्राइलाइजेशन, यूटी
कोरोना वायरस का वैक्सीनेशन अत्यंत आवश्यक है। पशु प्रेमियों को इसको लेकर कोई भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
- डा. एमएस कांबोज, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, चंडीगढ़
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कोरोना वायरस के कारण अब तक चीन सहित अन्य देशों में पांच हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी अब तक 100 से अधिक कोरोना से प्रभावित मरीज मिले हैं। वायरस फैलने का कारण व्यक्ति का एक दूसरे के संपर्क में आना बताया गया है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यह वायरस जानवरों से फैला है।
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इन संभावनाओं को देखते हुए चंडीगढ़ में पालतू कुत्तों के लिए पशु विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों ने इसे जरूरी बताया है। इस कारण से टीकाकरण कराने वाले पेट्स की संख्या में दो महीने में 80 प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। 100 दिन तक पशु चिकित्सकों द्वारा तीन टीकाकरण को जरूरी बताया गया है।
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ये तीन टीकाकरण जरूरी
45 दिन तक की उम्र वाले कुत्तों (पेट्स) के लिए सबसे पहले सेवन इन वन वेक्सीन लगाई जाती है। बाजार में इसकी कीमत 500 रुपये है। दूसरी कोरोना वैक्सीन है। इसकी कीमत 500 रुपये है। यह भी बाजार में आसानी से मिल जाती है। तीसरी वेक्सीन रेबीज की होती है। बाजार में यह 100 रुपये की मिलती है। जबकि सरकार की ओर से निशुल्क पशुओं में यह वैक्सीन लगाई जाती है।
क्या है कोरोना वायरस
कोरोना वायरस का संबंध ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के अनुसार बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं।
80 प्रतिशत तक हुआ इजाफा
पालतू पशु विशेषकर कुत्ते या बिल्ली के लिए तीन टीकाकरण आवश्यक हैं। इनमें अभी तक रेबीज और सेवन इन वन ही के टीके लगाए जाते थे, कोरोना वायरस का टीका नहीं लगवाया जाता था। वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप के बाद यहां के पालतू पशुओं में कोरोना वायरस का टीका लगाने वालों की संख्या 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
- विनोद कुमार (सोनू), सदस्य, स्ट्रीट डॉग स्ट्राइलाइजेशन, यूटी
कोरोना वायरस का वैक्सीनेशन अत्यंत आवश्यक है। पशु प्रेमियों को इसको लेकर कोई भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
- डा. एमएस कांबोज, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, चंडीगढ़