{"_id":"60d393158ebc3e09cc7e9c29","slug":"sad-came-with-the-agitating-employees-demanded-to-call-the-session-panchkula-news-pkl4177250184","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ आया शिअद, विस सत्र बुलाने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ आया शिअद, विस सत्र बुलाने की मांग की
विज्ञापन
चंडीगढ़। छठे वेतन आयोग की मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों को बुधवार शिअद का साथ मिल गया। शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार छठे वेतन आयोग के नाम पर कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी कर रही है। सरकार को तत्काल विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए। कर्मचारी संघों द्वारा बताए गए अन्याय के सभी मामलों को एक महीने में पूरा किया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को बताना चाहिए कि विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के भत्तों को पूरी तरह से क्यों रोक दिया गया। नई भर्तियों पर केंद्रीय वेतन आयोग लागू करके पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियां क्यों बनाईं। पांच साल पहले नियमित करने के लिए जिन हजारों ठेके पर रखे कर्मचारियों को उन्होंने नियमित करने का वादा किया था, उन्हें नियमित क्यों नही किया है।
मजीठिया ने वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। राज्य भर के कर्मचारियों ने सरकारी कार्यालयों में हड़ताल कर वित्तमंत्री पर भरोसा करने से इनकार कर दिया है। आने वाले दिनों में कर्मचारी महासंघों द्वारा एक सप्ताह तक चलने वाले आंदोलन की योजना की घोषणा के साथ ही आंदोलन तेज होने की उम्मीद है। कर्मचारियों को इस बात पर कोई विश्वास नहीं है कि मनप्रीत बादल अपने कर्मचारी विरोधी रवैये के कारण उनकी शिकायतों का निवारण करेंगे। मुख्यमंत्री को वित्तमंत्री को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए ताकि कर्मचारियों के साथ बातचीत दोबारा शुरू की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व मंत्री मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को बताना चाहिए कि विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के भत्तों को पूरी तरह से क्यों रोक दिया गया। नई भर्तियों पर केंद्रीय वेतन आयोग लागू करके पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियां क्यों बनाईं। पांच साल पहले नियमित करने के लिए जिन हजारों ठेके पर रखे कर्मचारियों को उन्होंने नियमित करने का वादा किया था, उन्हें नियमित क्यों नही किया है।
विज्ञापन
मजीठिया ने वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। राज्य भर के कर्मचारियों ने सरकारी कार्यालयों में हड़ताल कर वित्तमंत्री पर भरोसा करने से इनकार कर दिया है। आने वाले दिनों में कर्मचारी महासंघों द्वारा एक सप्ताह तक चलने वाले आंदोलन की योजना की घोषणा के साथ ही आंदोलन तेज होने की उम्मीद है। कर्मचारियों को इस बात पर कोई विश्वास नहीं है कि मनप्रीत बादल अपने कर्मचारी विरोधी रवैये के कारण उनकी शिकायतों का निवारण करेंगे। मुख्यमंत्री को वित्तमंत्री को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए ताकि कर्मचारियों के साथ बातचीत दोबारा शुरू की जा सके।
विज्ञापन