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धांधली : 2.70 करोड़ रुपये से निर्मित 50 बस क्यू शेल्टरों की विजिलेंस जांच शुरू
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम क्षेत्र में 2.70 करोड़ रुपये से निर्मित 50 बस क्यू शेल्टरों पर निर्माण के दो साल बाद ही पानी फिर गया। वर्तमान में जर्जर हाल में पहुंचे इन बस क्यू शेल्टरों की जांच की मांग 2022 में ही उठने लगी थी। अब इस मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। विकास मंच पंचकूला ने 9 जनवरी 2022 को घटिया बस क्यू शेल्टरों और निर्माण सामग्री अच्छी नहीं होने की शिकायत शहरी स्थानीय निकाय विभाग के चीफ विजिलेंस अधिकारी को दी थी। इन बस क्यू शेल्टरों के निर्माण में घोटाला और भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। एक साल बाद 17 जनवरी 2023 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के चीफ विजिलेंस अधिकारी ने नगर निगम से बस क्यू शेल्टरों का रिकार्ड मांगा था। अब एक साल बाद मामले की जांच मई 2024 में शुरू हुई है।
पहले दिन शहरी स्थानीय निकाय विभाग की विजिलेंस टीम ने सेक्टर-14 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के बस क्यू शेल्टरों की जांच की। इस दौरान बस क्यू शेल्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। अभी टीम एक-एक बस क्यू शेल्टरों की टीम जांच करेगी। बता दें कि 2018 से ही निर्माण से पहले शहर में बनाए गए मॉडर्न, स्मार्ट और फ्रेंडली बस क्यू शेल्टर निर्माण से पहले ही विवादों में आ गया था। पहले पुराने बस क्यू शेल्टरों को तोड़ने पर लोक सर्वहितकारी सोसाइटी ने मामले में फिजूल खर्ची का मुद्दा उठाया था। नए बस क्यू शेल्टरों के निर्माण के बाद पंचकूला विकास मंच द्वारा इसमें इस्तेमाल होने वाले मटेरियल पर सवाल उठाया गया, कि इसमें अच्छे निर्माण सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
जांच से बचने के लिए बेलदारों को मरम्मत पर लगाया
विजिलेंस जांच से बचने के लिए के नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग ने मरम्मत के लिए बेलदारों को लगाया, ताकी विजिलेंस की कार्रवाई से बचा जा सके। नगर निगम के एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सेक्टर-5 सहित कुछ सेक्टरों में बस क्यू शेल्टरों के मरम्मत का काम नगर निगम में तैनात बेलदारों से करवाया जा रहा है।
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बस क्यू शेल्टरों के डिजाइन पर भी उठा सवाल
पंचकूला में 2018 से पहले चंडीगढ़ की तर्ज पर एचएसवीपी ने करीब 20 बस क्यू शेल्टर बनाए थे। यह बस क्यू शेल्टर देखने में, मजबूती, मजबूती में और लोगों को बस का इंतजार करते समय धूप, बारिश से बचाते भी थे। समय के साथ कुछ एक बस क्यू शेल्टर के फर्श और दीवारों में दरारें आ गई थी। जिनको अगर सही तरीके से रिपेयर करवा दिया जाता तो फिर नए बन जाते, लेकिन नगर निगम के कुछ एक अधिकारी और चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा सभी बस क्यू शेल्टरों को तुड़वाने का काम शुरू किया गया। इसे करीब 2.70 करोड़ की लागत 52 बस क्यू शेल्टर बनाए गए। इन नए बस क्यू शेल्टरों के डिजाइन को ऐसा बनाया गया कि इससे लोगों को न तो धूप से और न ही बारिश से बचाया जा सकता है। साल 2018 नवंबर और दिसंबर माह में पंचकूला सेक्टर-10 और 16 की सड़क पर बस क्यू शेल्टर सैंपल के तौर पर बनाए गए थे। शेष बस क्यू शेल्टरों को 2019 में तोड़कर बस क्यू शेल्टरों के निर्माण का काम शुरू किया गया और इसे 2020 तक पूरा कर लिया गया।
शहरी स्थानीय विभाग के चीफ विजिलेंस अधिकारी ने बस क्यू शेल्टरों की जांच के लिए आए थे। उनके साथ नगर निगम की टीम भी थी। - प्रमोद, एक्सईएन नगर निगम पंचकूला
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पंचकूला। नगर निगम क्षेत्र में 2.70 करोड़ रुपये से निर्मित 50 बस क्यू शेल्टरों पर निर्माण के दो साल बाद ही पानी फिर गया। वर्तमान में जर्जर हाल में पहुंचे इन बस क्यू शेल्टरों की जांच की मांग 2022 में ही उठने लगी थी। अब इस मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। विकास मंच पंचकूला ने 9 जनवरी 2022 को घटिया बस क्यू शेल्टरों और निर्माण सामग्री अच्छी नहीं होने की शिकायत शहरी स्थानीय निकाय विभाग के चीफ विजिलेंस अधिकारी को दी थी। इन बस क्यू शेल्टरों के निर्माण में घोटाला और भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। एक साल बाद 17 जनवरी 2023 को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के चीफ विजिलेंस अधिकारी ने नगर निगम से बस क्यू शेल्टरों का रिकार्ड मांगा था। अब एक साल बाद मामले की जांच मई 2024 में शुरू हुई है।
पहले दिन शहरी स्थानीय निकाय विभाग की विजिलेंस टीम ने सेक्टर-14 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के बस क्यू शेल्टरों की जांच की। इस दौरान बस क्यू शेल्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। अभी टीम एक-एक बस क्यू शेल्टरों की टीम जांच करेगी। बता दें कि 2018 से ही निर्माण से पहले शहर में बनाए गए मॉडर्न, स्मार्ट और फ्रेंडली बस क्यू शेल्टर निर्माण से पहले ही विवादों में आ गया था। पहले पुराने बस क्यू शेल्टरों को तोड़ने पर लोक सर्वहितकारी सोसाइटी ने मामले में फिजूल खर्ची का मुद्दा उठाया था। नए बस क्यू शेल्टरों के निर्माण के बाद पंचकूला विकास मंच द्वारा इसमें इस्तेमाल होने वाले मटेरियल पर सवाल उठाया गया, कि इसमें अच्छे निर्माण सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
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जांच से बचने के लिए बेलदारों को मरम्मत पर लगाया
विजिलेंस जांच से बचने के लिए के नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग ने मरम्मत के लिए बेलदारों को लगाया, ताकी विजिलेंस की कार्रवाई से बचा जा सके। नगर निगम के एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सेक्टर-5 सहित कुछ सेक्टरों में बस क्यू शेल्टरों के मरम्मत का काम नगर निगम में तैनात बेलदारों से करवाया जा रहा है।
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बस क्यू शेल्टरों के डिजाइन पर भी उठा सवाल
पंचकूला में 2018 से पहले चंडीगढ़ की तर्ज पर एचएसवीपी ने करीब 20 बस क्यू शेल्टर बनाए थे। यह बस क्यू शेल्टर देखने में, मजबूती, मजबूती में और लोगों को बस का इंतजार करते समय धूप, बारिश से बचाते भी थे। समय के साथ कुछ एक बस क्यू शेल्टर के फर्श और दीवारों में दरारें आ गई थी। जिनको अगर सही तरीके से रिपेयर करवा दिया जाता तो फिर नए बन जाते, लेकिन नगर निगम के कुछ एक अधिकारी और चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा सभी बस क्यू शेल्टरों को तुड़वाने का काम शुरू किया गया। इसे करीब 2.70 करोड़ की लागत 52 बस क्यू शेल्टर बनाए गए। इन नए बस क्यू शेल्टरों के डिजाइन को ऐसा बनाया गया कि इससे लोगों को न तो धूप से और न ही बारिश से बचाया जा सकता है। साल 2018 नवंबर और दिसंबर माह में पंचकूला सेक्टर-10 और 16 की सड़क पर बस क्यू शेल्टर सैंपल के तौर पर बनाए गए थे। शेष बस क्यू शेल्टरों को 2019 में तोड़कर बस क्यू शेल्टरों के निर्माण का काम शुरू किया गया और इसे 2020 तक पूरा कर लिया गया।
शहरी स्थानीय विभाग के चीफ विजिलेंस अधिकारी ने बस क्यू शेल्टरों की जांच के लिए आए थे। उनके साथ नगर निगम की टीम भी थी। - प्रमोद, एक्सईएन नगर निगम पंचकूला