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महिलाओं के हाथों में जिम्मेदारी : प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, नगर निगम में संभाल रहीं जिम्मेदारी
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दीपक शाहीपंचकूला। जिले की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में है। प्रशासन, पुलिस, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, नगर निगम समेत अन्य जगहों पर उच्च पदों पर बैठकर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहीं हैं। सभी पदाधिकारियों का कहना है कि परिवार ने विश्वास किया आज देश, प्रदेश और समाज में जिम्मेदारी अदा कर रहीं हैं। प्रदेश की अघोषित राजधानी पंचकूला की जिम्मेदारी संभाल रहीं अधिकारियों का कहना है कि महिलाएं चाहें तो क्या नहीं कर सकतीं। आज प्रदेश में पंचकूला इसका आदर्श उदाहरण है कि यहां करीब सभी उच्च पदों पर महिलाएं हैं। वर्तमान में अंबाला डिवीजन की आयुक्त रेणु फुलिया पूरे पंचकूला सहित अंबाला डिवीजन में मिसाल हैं। बुधवार को पंचकूला उपायुक्त का पद डॉ. प्रियंका सोनी संभालेंगी। एडीसी वर्षा खनगवाल हैं तो एसडीएम ममता शर्मा हैं। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी महिला अधिकारी नीतिका खट्टर (डीसीपी ला एंड आर्डर) के हाथों में है। उन्होंने पांच अप्रैल को पदभार संभाला है। नगर निगम की संयुक्त आयुक्त रीचा राठी शहरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहीं हैं। महिला सशक्तिकरण की मिसाल इन महिला अधिकारियों का मानना है कि समाज और परिवार में बेटियों को एक कदम आगे बढ़ाया जाए तो वे ऊंची छलांग लगा सकती हैं।
महिला अधिकारियों की भागीदारी महिलाओं को बनाएगा सबल
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी का कहना है कि समाज और परिवार ने जब भी विश्वास दिखाया, महिलाओं ने अपने आपको बढ़ चढ़कर साबित किया है। महिलाएं अपनी शक्ति को पहचानें। वह हर क्षेत्र में बेहतर कर सकती हैं, कर भी रही हैं। जिस क्षेत्र में आप बेहतर कर सकती हैं, उस क्षेत्र का चुनाव कर प्रयत्न करें। ईमानदारी से सही दिशा में कड़ी मेहनत सफलता के द्वार खोल देती है। हम महिला अधिकारियों का पंचकूला के प्रशासन, नगर निगम से लेकर पुलिस महकमा सहित हर क्षेत्र में ज्यादा भागीदारी होना, यहां कि महिलाओं को ज्यादा सबल बनाएगा।
महिलाएं अपनी अहमियत समझे
एडीसी वर्षा खनगवाल का कहना है कि महिलाओं को अपनी अहमियत समझनी चाहिए। महिलाओं से ही समाज का अस्तित्व है। महिलाएं चाहें तो क्या नहीं कर सकतीं। वे दुनिया में सब कुछ कर सकती हैं। उनको स्वयं पर विश्वास रखकर प्रगति के पथ पर अग्रसर होना चाहिए।
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महिला अधिकारियों की भागीदारी बढ़ने से पंचकूला ज्यादा सशक्त बनेगा
एसडीएम ममता शर्मा का कहना है कि पहले भी महिलाओं ने प्रशासनिक क्षेत्र में पंचकूला की जिम्मेदारी निभाई है। आज भी निभा रही हैं। महिला अधिकारियों की भागीदारी बढ़ने से पंचकूला और सशक्त बनेगा। विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। महिला यदि किसी जिम्मेदार पद पर बैठती है तो वह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती हैं। उसे वहां तक पहुंचाने के लिए बस थोड़े सहयोग भर की आवश्यकता है। उस पर विश्वास करने की जरूरत है, फिर वह चांद तक भी पहुंच सकती है। देश की हर बेटी चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो समाज के लिए एक बेहतर आईने की तरह है। आज बेटियां कहां नहीं हैं।
समाज के लिए मिसाल हैं महिलाएं
पंचकूला की डीसीपी लॉ एंड आर्डर निकिता खट्टर का कहना है कि महिलाएं आज समाज के हर क्षेत्र में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से निभा कर समाज में एक मिसाल कायम कर रही हैं। कानून व्यवस्था बनाने के साथ पंचकूला क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाने की जिम्मेदारी भी महिलाओं के कंधे पर है। इससे महिलाओं को आत्मबल और प्रेरणा मिलेगी। मुझे, पंचकूला में लॉ एंड आर्डर की जिम्मेदारी दी गई है। मेरा पूरा प्रयास होगा कि मैं बेहतर तरीके से इसे निभा पाऊं।
महिलाएं हर क्षेत्र में आगे
पंचकूला की सिविल सर्जन मुक्ता कुमार का कहना है कि महिला हो या पुरुष जो जिम्मेदारी के साथ काम करता है, वह बेहतर है। हां, एक बात जरूर कहूंगी कि पहले महिलाओं को दबाया जाता था, महिलाएं आगे नहीं बढ़ पाती थीं लेकिन आज ऐसा बिल्कुल नहीं है। प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं और अपने आप को साबित कर रही हैं। महिलाओं को जब भी मौका मिला, उन्होंने साबित कर दिखाया है। आज पंचकूला जिले में बड़े पदों पर महिलाएं काबिज हैं। यह एक बेहतर उदाहरण है।
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महिला अधिकारियों की भागीदारी महिलाओं को बनाएगा सबल
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी का कहना है कि समाज और परिवार ने जब भी विश्वास दिखाया, महिलाओं ने अपने आपको बढ़ चढ़कर साबित किया है। महिलाएं अपनी शक्ति को पहचानें। वह हर क्षेत्र में बेहतर कर सकती हैं, कर भी रही हैं। जिस क्षेत्र में आप बेहतर कर सकती हैं, उस क्षेत्र का चुनाव कर प्रयत्न करें। ईमानदारी से सही दिशा में कड़ी मेहनत सफलता के द्वार खोल देती है। हम महिला अधिकारियों का पंचकूला के प्रशासन, नगर निगम से लेकर पुलिस महकमा सहित हर क्षेत्र में ज्यादा भागीदारी होना, यहां कि महिलाओं को ज्यादा सबल बनाएगा।
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महिलाएं अपनी अहमियत समझे
एडीसी वर्षा खनगवाल का कहना है कि महिलाओं को अपनी अहमियत समझनी चाहिए। महिलाओं से ही समाज का अस्तित्व है। महिलाएं चाहें तो क्या नहीं कर सकतीं। वे दुनिया में सब कुछ कर सकती हैं। उनको स्वयं पर विश्वास रखकर प्रगति के पथ पर अग्रसर होना चाहिए।
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महिला अधिकारियों की भागीदारी बढ़ने से पंचकूला ज्यादा सशक्त बनेगा
एसडीएम ममता शर्मा का कहना है कि पहले भी महिलाओं ने प्रशासनिक क्षेत्र में पंचकूला की जिम्मेदारी निभाई है। आज भी निभा रही हैं। महिला अधिकारियों की भागीदारी बढ़ने से पंचकूला और सशक्त बनेगा। विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। महिला यदि किसी जिम्मेदार पद पर बैठती है तो वह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती हैं। उसे वहां तक पहुंचाने के लिए बस थोड़े सहयोग भर की आवश्यकता है। उस पर विश्वास करने की जरूरत है, फिर वह चांद तक भी पहुंच सकती है। देश की हर बेटी चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो समाज के लिए एक बेहतर आईने की तरह है। आज बेटियां कहां नहीं हैं।
समाज के लिए मिसाल हैं महिलाएं
पंचकूला की डीसीपी लॉ एंड आर्डर निकिता खट्टर का कहना है कि महिलाएं आज समाज के हर क्षेत्र में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से निभा कर समाज में एक मिसाल कायम कर रही हैं। कानून व्यवस्था बनाने के साथ पंचकूला क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाने की जिम्मेदारी भी महिलाओं के कंधे पर है। इससे महिलाओं को आत्मबल और प्रेरणा मिलेगी। मुझे, पंचकूला में लॉ एंड आर्डर की जिम्मेदारी दी गई है। मेरा पूरा प्रयास होगा कि मैं बेहतर तरीके से इसे निभा पाऊं।
महिलाएं हर क्षेत्र में आगे
पंचकूला की सिविल सर्जन मुक्ता कुमार का कहना है कि महिला हो या पुरुष जो जिम्मेदारी के साथ काम करता है, वह बेहतर है। हां, एक बात जरूर कहूंगी कि पहले महिलाओं को दबाया जाता था, महिलाएं आगे नहीं बढ़ पाती थीं लेकिन आज ऐसा बिल्कुल नहीं है। प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं और अपने आप को साबित कर रही हैं। महिलाओं को जब भी मौका मिला, उन्होंने साबित कर दिखाया है। आज पंचकूला जिले में बड़े पदों पर महिलाएं काबिज हैं। यह एक बेहतर उदाहरण है।