{"_id":"5eda9b358ebc3e90885576bc","slug":"resident-association-said-it-is-dangerous-to-open-school-now-pkl-office-news-pkl377287636","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेजिडेंट एसोसिएशन बोली, अभी स्कूल खोलना खतरनाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेजिडेंट एसोसिएशन बोली, अभी स्कूल खोलना खतरनाक
विज्ञापन
पंचकूला। सेक्टर 20 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की कार्यकारिणी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मीटिंग केके जिंदल की अध्यक्षता में की गई। इस दौरान सरकार की ओर से स्कूल खोले जाने के लिए गठित कमेटी पर विचार किया गया।
एसोसिएशन के प्रधान केके जिंदल ने आश्चर्य व्यक्त किया कि शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को खोलने के लिए लगभग 40 सदस्यों की कमेटी गठित की लेकिन इसमें पेरेंट्स एसोसिएशन के मात्र पांच सदस्य लिए हैं। यहां तक कि कमेटी में मेडिकल काउंसिल का कोई भी सदस्य नहीं लिया गया।
योगेंद्र क्वात्रा वरिष्ठ उप प्रधान और बीबी शर्मा ने कहा कि इस कमेटी की रिपोर्ट के बारे में आमजन में यह प्रबल धारणा है कि स्कूल खुलना लगभग तय है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरोना के केसों में बढ़ोतरी हो रही है ऐसे में स्कूल खोलना खतरनाक साबित हो सकता है। महासचिव अविनाश मलिक, सह महासचिव केके जेटली, अरूणा गुप्ता ने सरकार को चेताया कि जनता की मनोदशा एवं उनके विचारों के मद्देनजर एसोसिएशन का भी यही मत व सुझाव है कि ऐसी भयावह स्थिति में स्कूल खोलना जल्दबाजी होगी। केके जिंदल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसोसिएशन के प्रधान केके जिंदल ने आश्चर्य व्यक्त किया कि शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को खोलने के लिए लगभग 40 सदस्यों की कमेटी गठित की लेकिन इसमें पेरेंट्स एसोसिएशन के मात्र पांच सदस्य लिए हैं। यहां तक कि कमेटी में मेडिकल काउंसिल का कोई भी सदस्य नहीं लिया गया।
विज्ञापन
योगेंद्र क्वात्रा वरिष्ठ उप प्रधान और बीबी शर्मा ने कहा कि इस कमेटी की रिपोर्ट के बारे में आमजन में यह प्रबल धारणा है कि स्कूल खुलना लगभग तय है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरोना के केसों में बढ़ोतरी हो रही है ऐसे में स्कूल खोलना खतरनाक साबित हो सकता है। महासचिव अविनाश मलिक, सह महासचिव केके जेटली, अरूणा गुप्ता ने सरकार को चेताया कि जनता की मनोदशा एवं उनके विचारों के मद्देनजर एसोसिएशन का भी यही मत व सुझाव है कि ऐसी भयावह स्थिति में स्कूल खोलना जल्दबाजी होगी। केके जिंदल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करे।
विज्ञापन