{"_id":"61182c038ebc3ee53074fc66","slug":"relief-punjab-removes-1498-conditions-to-encourage-business-and-industries-bureau-news-pkl423515455","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत: पंजाब ने कारोबार और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए 1498 शर्तें हटाईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत: पंजाब ने कारोबार और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए 1498 शर्तें हटाईं
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब से लाल फीताशाही खत्म करके कारोबार और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अब तक 1498 शर्तों को हटा दिया गया है। भविष्य में कारोबार और उद्योगों के लिए सुखद माहौल के लिए कई अन्य शर्तें भी हटाई जाएंगी। प्रदेश की मुख्य सचिव विनी महाजन ने शनिवार को अलग-अलग विभागों द्वारा शर्तें घटाने संबंधी उठाए गए कदमों की समीक्षा के लिए बुलाई मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी साझा की।
उन्होंने संबंधित विभागों को और शर्तें घटाने की प्रक्रिया को 31 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश भी दिए। महाजन ने बताया कि यह शर्तें दो श्रेणियों में सरकार से कारोबार (जीटूबी) और सरकार से नागरिक (जीटूसी) के अधीन आती हैं। इन शर्तों को घटाने का उद्देश्य प्रयोक्ताओं के खर्च और समय को बचाना है। इस प्रक्रिया के पूरे समाज को बड़े स्तर पर होने वाले लाभ को ध्यान में रखते हुए महाजन ने सभी प्रशासकीय सचिवों को ऐसी और शर्तों को फिर जांचने और उनकी पहचान करने के लिए कहा, जिन्हें सरल बनाने की जरूरत है।
‘जीटूबी’ शर्तों को समय पर लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ तालमेल करने के लिए इनवेस्ट पंजाब नोडल एजेंसी है जबकि ‘जीटूसी’ शर्तों के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग नोडल एजेंसी है।
विज्ञापन
16 विभागों ने कारोबार संबंधी 628 शर्तें हटाईं
‘जीटूबी’ शर्तों की मौजूदा स्थिति के बारे में इनवेस्ट पंजाब के सीईओ रजत अग्रवाल ने मुख्य सचिव को बताया कि 16 विभागों ने पहले और दूसरे चरण में 628 कारोबार संबंधी शर्तें हटाई गई हैं। इसका उद्देश्य दस्तावेजों को घटाना, सेवाओं को ऑनलाइन करना और नियमों में संशोधन को अमली जामा पहनाकर शर्तों को पूरा करने की जटिल प्रक्रिया के बोझ को घटाना है। ‘जीटूसी’ के बारे में डायरेक्टर (प्रशासनिक सुधार) परमिंदरपाल सिंह ने बताया कि 28 विभागों ने पहले और दूसरे चरण में 870 शर्तों की पहचान करके इनको लागू कर दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने संबंधित विभागों को और शर्तें घटाने की प्रक्रिया को 31 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश भी दिए। महाजन ने बताया कि यह शर्तें दो श्रेणियों में सरकार से कारोबार (जीटूबी) और सरकार से नागरिक (जीटूसी) के अधीन आती हैं। इन शर्तों को घटाने का उद्देश्य प्रयोक्ताओं के खर्च और समय को बचाना है। इस प्रक्रिया के पूरे समाज को बड़े स्तर पर होने वाले लाभ को ध्यान में रखते हुए महाजन ने सभी प्रशासकीय सचिवों को ऐसी और शर्तों को फिर जांचने और उनकी पहचान करने के लिए कहा, जिन्हें सरल बनाने की जरूरत है।
विज्ञापन
‘जीटूबी’ शर्तों को समय पर लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ तालमेल करने के लिए इनवेस्ट पंजाब नोडल एजेंसी है जबकि ‘जीटूसी’ शर्तों के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग नोडल एजेंसी है।
विज्ञापन
16 विभागों ने कारोबार संबंधी 628 शर्तें हटाईं
‘जीटूबी’ शर्तों की मौजूदा स्थिति के बारे में इनवेस्ट पंजाब के सीईओ रजत अग्रवाल ने मुख्य सचिव को बताया कि 16 विभागों ने पहले और दूसरे चरण में 628 कारोबार संबंधी शर्तें हटाई गई हैं। इसका उद्देश्य दस्तावेजों को घटाना, सेवाओं को ऑनलाइन करना और नियमों में संशोधन को अमली जामा पहनाकर शर्तों को पूरा करने की जटिल प्रक्रिया के बोझ को घटाना है। ‘जीटूसी’ के बारे में डायरेक्टर (प्रशासनिक सुधार) परमिंदरपाल सिंह ने बताया कि 28 विभागों ने पहले और दूसरे चरण में 870 शर्तों की पहचान करके इनको लागू कर दिया है।