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Panchkula News: जंगली जानवरों के डर से राहत, अब स्कूल समय में ही जनगणना करेंगे शिक्षक
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मोरनी-कालका के पहाड़ी क्षेत्रों में नई व्यवस्था लागू, सुरक्षा के साथ समय पर होगा काम
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला/मोरनी। मोरनी और कालका के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में तैनात शिक्षकों को जंगली जानवरों के खतरे से राहत देते हुए प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। अब शिक्षक स्कूल समय के दौरान ही जनगणना कार्य कर सकेंगे, जिससे उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी और काम भी समय पर पूरा होगा।
उप जिला जनगणना अधिकारी एवं जिला सांख्यिकी अधिकारी सुनील जाखड़ ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में शाम के समय जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने से शिक्षकों को फील्ड में जाने में दिक्कत आ रही थी।
प्रशासन के अनुसार कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और ढलान वाले इलाकों में आवाजाही में अधिक समय लगता है। वहीं तेंदुए समेत अन्य जंगली जानवरों के हमले का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में दिन के उजाले में काम करने से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि डेटा संग्रहण में सटीकता भी आएगी।
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व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्राम सचिवों और सरपंचों को जनगणना कर्मियों का सहयोग करने के लिए कहा गया है। कालका और मोरनी के कई गांवों में क्षेत्रीय सीमाओं की पहचान में आ रही दिक्कतों को भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से दूर किया जाएगा।
कोट
शिक्षकों की सुरक्षा और भलाई से समझौता नहीं किया जा सकता। पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि जनगणना कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो। - सुनील जाखड़, उप जिला जनगणना अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला/मोरनी। मोरनी और कालका के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में तैनात शिक्षकों को जंगली जानवरों के खतरे से राहत देते हुए प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। अब शिक्षक स्कूल समय के दौरान ही जनगणना कार्य कर सकेंगे, जिससे उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी और काम भी समय पर पूरा होगा।
उप जिला जनगणना अधिकारी एवं जिला सांख्यिकी अधिकारी सुनील जाखड़ ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में शाम के समय जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ने से शिक्षकों को फील्ड में जाने में दिक्कत आ रही थी।
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प्रशासन के अनुसार कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और ढलान वाले इलाकों में आवाजाही में अधिक समय लगता है। वहीं तेंदुए समेत अन्य जंगली जानवरों के हमले का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में दिन के उजाले में काम करने से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि डेटा संग्रहण में सटीकता भी आएगी।
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व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्राम सचिवों और सरपंचों को जनगणना कर्मियों का सहयोग करने के लिए कहा गया है। कालका और मोरनी के कई गांवों में क्षेत्रीय सीमाओं की पहचान में आ रही दिक्कतों को भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से दूर किया जाएगा।
कोट
शिक्षकों की सुरक्षा और भलाई से समझौता नहीं किया जा सकता। पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि जनगणना कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो। - सुनील जाखड़, उप जिला जनगणना अधिकारी