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पंजाबः विधायकों को कमरा देने से इंकार करना सीनियर सहायक को महंगा पड़ा और हो गया तबादला
Sat, 23 May 2020 10:26 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2020 10:26 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
पंजाब सरकार ने सीनियर सहायक रजनीश मैनी को मुख्य सचिवालय से मिनी सचिवालय शिफ्ट करते हुए राजनीतिक शाखा से हटाकर पीडब्ल्यूडी में तैनात करने के आदेश जारी कर दिए हैं। रजनीश मैनी वही अधिकारी हैं, जिन्होंने नई दिल्ली स्थित पंजाब भवन के ब्लाक-ए में कुछ विधायकों को यह कहते हुए कमरे अलॉट करने से इंकार कर दिया था कि इस ब्लाक में मुख्य सचिव और कुछ विशेष अधिकारी ही ठहर सकते हैं।
विधायकों को उनकी पसंद के कमरे अलाट नहीं किए जाने का मामला काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा था। कांग्रेसी विधायकों ने यह मामला न सिर्फ मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया, बल्कि पंजाब विधानसभा सत्र में भी मामला गूंजा। हालांकि उस समय तो विधायकों की उक्त अधिकारी को हटाने की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन लंबे समय बाद अब हुई कार्रवाई को मुख्य सचिव-मंत्री विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि मुख्य सचिव को हटाने की मांग कर रहे मंत्रियों और विधायकों को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव का बचाव करते हुए मामूली ओहदे पर तैनात अधिकारी पर गाज गिरा दी। हालांकि इस अधिकारी ने विवाद उठते ही अपने स्पष्टीकरण में सरकार को बता दिया था कि उन्होंने कमरे अलाट करने संबंधी निर्धारित नियमों के तहत ही विधायकों को ब्लाक-ए में कमरे अलाट करने से इंकार किया था।
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लेकिन चर्चा है कि बुधवार मुख्यमंत्री आवास पर लंच के दौरान एक मंत्री और विधायक ने मुख्य सचिव मामले को उठाते हुए कार्यवाही की मांग की थी। उसी समय मुख्यमंत्री के समय उक्त सीनियर सहायक का मामला रखा गया, जिस पर तुरंत ही कार्यवाही के आदेश जारी करके मुख्यमंत्री ने अपने मंत्री और विधायक शांत करने की कोशिश की। वैसे, आम राज प्रबंध विभाग की ओर से जारी तबादला आदेश में दो अन्य अधिकारियों के तबादला आदेश भी जारी किए गए हैं।
इसके लिए कहा गया है कि प्रबंधकीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पंजाब सिविल सचिवालय के इन सीनियर सहायकों के तबादले किए जा रहे हैं। इनमें रजनीश मैनी को राजनीति-1 शाखा से बदलकर बीएंडआर शाखा-3 में भेजते हुए राकेश कंबोज को प्रोटोकाल शाखा से बदलकर रजनीश मैनी के स्थान पर लगाया गया है। एक अन्य सीनियर सहायक परविंदर सिंह को वित्त खर्चा-2 शाखा से बदलकर प्रोटोकाल शाखा में राकेश कंबोज की जगह लगाया गया है।
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विधायकों को उनकी पसंद के कमरे अलाट नहीं किए जाने का मामला काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा था। कांग्रेसी विधायकों ने यह मामला न सिर्फ मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया, बल्कि पंजाब विधानसभा सत्र में भी मामला गूंजा। हालांकि उस समय तो विधायकों की उक्त अधिकारी को हटाने की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन लंबे समय बाद अब हुई कार्रवाई को मुख्य सचिव-मंत्री विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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माना जा रहा है कि मुख्य सचिव को हटाने की मांग कर रहे मंत्रियों और विधायकों को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव का बचाव करते हुए मामूली ओहदे पर तैनात अधिकारी पर गाज गिरा दी। हालांकि इस अधिकारी ने विवाद उठते ही अपने स्पष्टीकरण में सरकार को बता दिया था कि उन्होंने कमरे अलाट करने संबंधी निर्धारित नियमों के तहत ही विधायकों को ब्लाक-ए में कमरे अलाट करने से इंकार किया था।
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लेकिन चर्चा है कि बुधवार मुख्यमंत्री आवास पर लंच के दौरान एक मंत्री और विधायक ने मुख्य सचिव मामले को उठाते हुए कार्यवाही की मांग की थी। उसी समय मुख्यमंत्री के समय उक्त सीनियर सहायक का मामला रखा गया, जिस पर तुरंत ही कार्यवाही के आदेश जारी करके मुख्यमंत्री ने अपने मंत्री और विधायक शांत करने की कोशिश की। वैसे, आम राज प्रबंध विभाग की ओर से जारी तबादला आदेश में दो अन्य अधिकारियों के तबादला आदेश भी जारी किए गए हैं।
इसके लिए कहा गया है कि प्रबंधकीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पंजाब सिविल सचिवालय के इन सीनियर सहायकों के तबादले किए जा रहे हैं। इनमें रजनीश मैनी को राजनीति-1 शाखा से बदलकर बीएंडआर शाखा-3 में भेजते हुए राकेश कंबोज को प्रोटोकाल शाखा से बदलकर रजनीश मैनी के स्थान पर लगाया गया है। एक अन्य सीनियर सहायक परविंदर सिंह को वित्त खर्चा-2 शाखा से बदलकर प्रोटोकाल शाखा में राकेश कंबोज की जगह लगाया गया है।