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अब रीचार्ज कराओ और बिजली चलाओ, चंडीगढ़ को जल्द ही मिलेंगे 25 हजार स्मार्ट बिजली मीटर
Wed, 16 Oct 2019 09:58 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2019 09:58 AM IST
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फाइल फोटो
बिजली बिल जमा कराने, वोल्टेज कम आने या बिजली गुल होने पर उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चंडीगढ़ में जल्द ही स्मार्ट बिजली मीटर लगने जा रहे हैं। इसके बाद शहरवासी प्रीपेड मोबाइल की तरह रिचार्ज कर बिजली का इस्तेमाल करेंगे। स्मार्ट मीटर के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों की मंगलवार को बैठक हुई, जिसमें पायलट प्रोजेक्ट की तैयारियों पर चर्चा की गई।
शहर की बिजली व्यवस्था को सरल और बेहतर बनाने के लिए घरों में स्मार्ट बिजली के मीटर लगवाने का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसमें करीब 260 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। स्मार्ट मीटर केे लगने के बाद बिजली चोरी, रीडिंग लेना, मीटर से छेड़छाड़ जैसी शिकायतें दूर हो जाएंगी। बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सीडी सांगवान के अनुसार, प्रथम चरण में शहर के इंडस्ट्रियल एरिया के 25 हजार उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की कार्य योजना तैयार की गई है।
इसके एक महीने के बाद शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-18 में ऑफिस तैयार किया जा रहा है। ऑफिस का भी काम लगभग पूरा हो चुका है। 15 दिन के अंदर ऑफिस बिजली विभाग को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद वह शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के पायलट प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर देंगे।
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शहर की बिजली व्यवस्था को सरल और बेहतर बनाने के लिए घरों में स्मार्ट बिजली के मीटर लगवाने का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसमें करीब 260 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। स्मार्ट मीटर केे लगने के बाद बिजली चोरी, रीडिंग लेना, मीटर से छेड़छाड़ जैसी शिकायतें दूर हो जाएंगी। बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सीडी सांगवान के अनुसार, प्रथम चरण में शहर के इंडस्ट्रियल एरिया के 25 हजार उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की कार्य योजना तैयार की गई है।
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इसके एक महीने के बाद शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-18 में ऑफिस तैयार किया जा रहा है। ऑफिस का भी काम लगभग पूरा हो चुका है। 15 दिन के अंदर ऑफिस बिजली विभाग को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद वह शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के पायलट प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर देंगे।
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स्मार्ट मीटर की खासियतें
स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि इसे छेड़ना उपभोक्ता को महंगा पड़ेगा। किसी ने इनमें गड़बड़ करने की कोशिश की तो कंपनी के कंट्रोल रूम में पता चल जाएगा। सर्विस क्रमांक, उपभोक्ता के नाम सहित जानकारी सेंट्रल सर्वर तक पहुंच जाएगी। सर्वर के माध्यम से ही पूरी जानकारी विभागीय अधिकारी के मोबाइल पर भी अलर्ट पहुंचेगा।
इसके बाद तत्काल मोबाइल से ही उक्त कनेक्शन काटा जा सकेगा। शहर के करीब 2.20 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का प्लान है। शुरुआती दौर में अधिकतम लाइन लॉस वाले एरिया में 25 हजार मीटर लगाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया इलाके में अधिक लॉस हो रहा है। यहां पर रीडिंग, बिलिंग और वसूली में ज्यादा समस्या हो रही है।
बिजली चोरी पर भी लगेगी लगाम
स्मार्ट मीटर से उपयोग की गई बिजली के आंकड़े व डेटा कलेक्टर तक पहुंच जाएंगे। इनसे कंट्रोल रूम स्थित सेंट्रल सर्वर को जानकारी भेजी जाएगी। इस आधार पर बिलिंग होगी। स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि दिन में कई बार रीडिंग लेने में सक्षम हैं। एक रीडिंग रात 9 बजे होगी और दूसरी सुबह 6 बजे। इस बीच यदि बिजली की खपत नहीं हुई तो जाहिर है कि उपभोक्ता बिजली चोरी कर रहा है।
इसके बाद तत्काल मोबाइल से ही उक्त कनेक्शन काटा जा सकेगा। शहर के करीब 2.20 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का प्लान है। शुरुआती दौर में अधिकतम लाइन लॉस वाले एरिया में 25 हजार मीटर लगाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया इलाके में अधिक लॉस हो रहा है। यहां पर रीडिंग, बिलिंग और वसूली में ज्यादा समस्या हो रही है।
बिजली चोरी पर भी लगेगी लगाम
स्मार्ट मीटर से उपयोग की गई बिजली के आंकड़े व डेटा कलेक्टर तक पहुंच जाएंगे। इनसे कंट्रोल रूम स्थित सेंट्रल सर्वर को जानकारी भेजी जाएगी। इस आधार पर बिलिंग होगी। स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि दिन में कई बार रीडिंग लेने में सक्षम हैं। एक रीडिंग रात 9 बजे होगी और दूसरी सुबह 6 बजे। इस बीच यदि बिजली की खपत नहीं हुई तो जाहिर है कि उपभोक्ता बिजली चोरी कर रहा है।
उपभोक्ता को मिलेंगी ये सुविधाएं
- मीटर में लगे रिमोट डिस्कनेक्शन यूनिट से कंट्रोल रूम या मोबाइल से कनेक्शन काटा जा सकेगा।
- उपभोक्ता द्वारा उपयोग हर घंटे बिजली का अपडेट कंट्रोल रूम के पास मौजूद रहेगा।
- यदि बिजली बंद हुई तो मोबाइल पर उपभोक्ता को पता चल जाएगा।
- मोबाइल के जरिए ही घर बैठे शिकायतों का समाधान जल्द हो जाएगा।
- हर मीटर पर प्रीपेड सुविधा भी होगी। रिचार्ज कराइए और पॉवर लीजिए।
- मीटर की क्षमता से अधिक लोड होने पर सीधे कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी मिलेगी।
स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर मंगलवार को बैठक हुई है। यह स्मार्ट बिजली मीटर इतने हाईटेक होंगे कि किसी भी तरह की गड़बडी होने पर कंट्रोल रूम में अलार्मिंग लाइट ब्लिंक करने लगेगी। संबंधित अधिकारियों को भी मोबाइल पर मैसेज मिल जाएगा। शहर में जल्द ही 25 हजार स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है।
- सीडी सांगवान, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, बिजली विभाग चंडीगढ़
- उपभोक्ता द्वारा उपयोग हर घंटे बिजली का अपडेट कंट्रोल रूम के पास मौजूद रहेगा।
- यदि बिजली बंद हुई तो मोबाइल पर उपभोक्ता को पता चल जाएगा।
- मोबाइल के जरिए ही घर बैठे शिकायतों का समाधान जल्द हो जाएगा।
- हर मीटर पर प्रीपेड सुविधा भी होगी। रिचार्ज कराइए और पॉवर लीजिए।
- मीटर की क्षमता से अधिक लोड होने पर सीधे कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी मिलेगी।
स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर मंगलवार को बैठक हुई है। यह स्मार्ट बिजली मीटर इतने हाईटेक होंगे कि किसी भी तरह की गड़बडी होने पर कंट्रोल रूम में अलार्मिंग लाइट ब्लिंक करने लगेगी। संबंधित अधिकारियों को भी मोबाइल पर मैसेज मिल जाएगा। शहर में जल्द ही 25 हजार स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है।
- सीडी सांगवान, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, बिजली विभाग चंडीगढ़