पंचकूला: लॉकडाउन के बाद रंग में लौटा रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी के दाम में पचास फीसदी उछाल
लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में रह रहे बाशिंदों ने पंचकूला का रुख किया है। इसके बाद से प्रॉपर्टी का कारोबार तेजी पकड़ रहा है।
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कोरोना काल में दूसरे राज्यों में रहने वाले पंचकूला के बाशिंदों की घर वापसी ने रियल एस्टेट की दशा सुधार दी। हालात यह है कि लॉकडाउन के पहले एकदम सन्नाटे में चल रहा रियल एस्टेट अब रंग में लौट चुका है। रियल एस्टेट सेक्टर में करीब पचास फीसदी तक उछाल आ चुका है।
पंचकूला में सेक्टर-20 तक और घग्गर पार के सेक्टरों की प्रॉपर्टी की तुलना करें तो यहां प्रॉपर्टी के दाम में बीस से पचास फीसदी तक की वृद्धि हो चुकी है। एक प्रॉपर्टी डीलर के अनुसार एफडी में ब्याज दर कम होने से भी लोगों ने अपना इनवेस्टमेंट प्रॉपर्टी में करना शुरू कर दिया है। साथ ही हाउसिंग लोन की कम ब्याजदर ने भी निवेशकों को लुभाया है।
पहले अब
एक कनाल का प्लॉट 1.5 करोड़ 3.00 करोड़
एक कनाल का प्लॉट- पांच करोड़ 6.5 करोड़
दस मरले की पुरानी कोठी- दो करोड़ 2.75 करोड़
दस मरले का प्लॉट 85-90 लाख 1.50 करोड़
प्रॉपर्टी के दाम में एकदम से उछाल आया है। कोरोना में लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में रहने वाले पंचकूला के बाशिंदे यहां लौट आए। इसकी वजह से यहां मांग बढ़ गई। दाम एकदम से ऊपर चले गए। पहले दस मरले का जो प्लॉट नब्बे लाख रुपये तक मिलता था, वही अब डेढ़ करोड़ में मिलता है। - सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन
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प्रॉपर्टी के दाम करीब दोगुने हो गए हैं। इसका प्रमुख कारण है कि बैंकों ने एफडी पर ब्याज दर कम कर दी। दूसरा लोग बाहर से पंचकूला आ गए। यहां घग्गर पार के सेक्टरों में पहले डेढ़ करोड़ में एक कनाल का घर मिल जाता था, अब यह तीन करोड़ तक चला गया है। - अशोक पवार, महासचिव, हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन