{"_id":"684c789b0231c29b82050c99","slug":"ration-cards-are-being-cut-by-showing-the-vehicle-written-in-the-family-identity-card-panchkula-news-c-87-1-spkl1029-123630-2025-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: परिवार पहचान पत्र में लिखी गाड़ी दिखाकर काटे जा रहे राशन कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: परिवार पहचान पत्र में लिखी गाड़ी दिखाकर काटे जा रहे राशन कार्ड
विज्ञापन
मोरनी। इलाके के कुछ ग्रामीणों के नाम बीपीएल लिस्ट से काटे गए हैं। जहां परिवार पहचान पत्र प्रणाली में तकनीकी त्रुटियों या गलत जानकारी के चलते गरीब लोगों के राशन कार्ड काट दिए हैं। इन लोगों के नाम पर वाहन दर्ज दिखाए जा रहे हैं, जबकि पीड़ितों का दावा है कि उन्होंने कभी वाहन खरीदे ही नहीं। सभी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों और मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते इन त्रुटियों को ठीक नहीं किया, तो 9 जुलाई को पंचकूला के उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार दिलवाना और फैमिली आईडी में गलत डाटा को तुरंत सही कराना है।
पहला केस
गांव खरोग निवासी सतपाल जो पेशे से मजदूर हैं, जब राशन लेने डिपो पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका राशन कार्ड काट दिया गया है। सीएससी सेंटर से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके नाम एक गाड़ी दर्ज है जिसका पता पंचकूला के सेक्टर-14 का है, जबकि सतपाल का इनसे कोई लेना-देना नहीं है।
दूसरा केस
गझान भोज बालग गांव के किशोरी लाल ने बताया कि उनकी पत्नी हरदेवी के नाम पर एक गाड़ी दर्ज है, जबकि वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस वाहन का रिकॉर्ड उनके नाम पर दिखाया जा रहा है, वह किसी हरी सिंह के नाम से जुड़ा है और पता पंचकूला का ही है।
विज्ञापन
निर्माण मजदूरों को भी नहीं मिल रहा बोर्ड का पंजीकरण
सीटू के जिला सचिव लच्छी राम शर्मा ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त को सात महीने पहले निर्माण मजदूरों के व्यवसाय की अपडेट के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक अप्रूवल नहीं मिला। इस कारण मजदूरों का निर्माण बोर्ड में पंजीकरण नहीं हो पा रहा है और जो पंजीकृत हैं, उन्हें फैमिली आईडी में कॉन्स्ट्रक्शन वर्कर दर्ज न होने के कारण कोई लाभ नहीं मिल रहा। इसके अलावा गरीब परिवारों के नाम पर गाड़ियां दिखाकर उनका बीपीएल स्टेटस खत्म कर दिया गया है, जिससे उन्हें न तो राशन मिल रहा है और न ही अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ।
विज्ञापन
पहला केस
गांव खरोग निवासी सतपाल जो पेशे से मजदूर हैं, जब राशन लेने डिपो पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका राशन कार्ड काट दिया गया है। सीएससी सेंटर से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके नाम एक गाड़ी दर्ज है जिसका पता पंचकूला के सेक्टर-14 का है, जबकि सतपाल का इनसे कोई लेना-देना नहीं है।
विज्ञापन
दूसरा केस
गझान भोज बालग गांव के किशोरी लाल ने बताया कि उनकी पत्नी हरदेवी के नाम पर एक गाड़ी दर्ज है, जबकि वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस वाहन का रिकॉर्ड उनके नाम पर दिखाया जा रहा है, वह किसी हरी सिंह के नाम से जुड़ा है और पता पंचकूला का ही है।
विज्ञापन
निर्माण मजदूरों को भी नहीं मिल रहा बोर्ड का पंजीकरण
सीटू के जिला सचिव लच्छी राम शर्मा ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त को सात महीने पहले निर्माण मजदूरों के व्यवसाय की अपडेट के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक अप्रूवल नहीं मिला। इस कारण मजदूरों का निर्माण बोर्ड में पंजीकरण नहीं हो पा रहा है और जो पंजीकृत हैं, उन्हें फैमिली आईडी में कॉन्स्ट्रक्शन वर्कर दर्ज न होने के कारण कोई लाभ नहीं मिल रहा। इसके अलावा गरीब परिवारों के नाम पर गाड़ियां दिखाकर उनका बीपीएल स्टेटस खत्म कर दिया गया है, जिससे उन्हें न तो राशन मिल रहा है और न ही अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ।