{"_id":"6697186e202e5c43860e8b77","slug":"rain-for-one-hour-roads-submerged-10-year-old-child-swept-away-in-drain-after-slipping-in-panchkula-pkl-office-news-c-87-1-spkl1036-113915-2024-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: एक घंटे बारिश, सड़कें जलमग्न<bha>;<\/bha> पंचकूला में पैर फिसलने से नाले में बह गया 10 साल का बच्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: एक घंटे बारिश, सड़कें जलमग्न<bha>;</bha> पंचकूला में पैर फिसलने से नाले में बह गया 10 साल का बच्चा
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली। चंडीगढ़ समेत पूरी ट्राइसिटी में मंगलवार दोपहर करीब एक घंटे जोरदार बारिश हुई। कई दिन बाद हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली लेकिन सड़कों के जलमग्न होने और जगह-जगह जलभराव से परेशानी भी झेलनी पड़ी। कई इलाकों में वाहन चालक जाम में भी फंसे। पंचकूला के बुढ़नपुर में दस साल का एक बच्चा पैर फिसलने से बरसाती नाले में बह गया। पुलिस और एनडीआरफ की टीमों ने दिनभर तलाशी अभियान चलाया लेकिन देर शाम तक बच्चे का पता नहीं चला।
मंगलवार को बारिश की उम्मीद कम थी लेकिन दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब अचानक बादल छा गए और जोरदार बारिश शुरू हो गई। बादल एक घंटे लगातार बरसे। थोड़ी देर की बारिश से ही तीनों शहरों के कई इलाकों का बुरा हाल हो गया। लगभग सभी बड़े चौक और मुख्य चौराहों पर पानी भर गया। चंडीगढ़ में कुल 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। सेक्टर-36 और 37 में पानी ज्यादा भरने की वजह से कुछ गाड़ियां बंद हो गईं। हालांकि गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने बारिश का जमकर आनंद भी लिया। लोग सड़कों और छतों पर निकल आए और बारिश में मस्ती की। पंचकूला और मोहाली में भी झमाझम बारिश हुई। यहां के लोगों को भी गर्मी से राहत मिली लेकिन सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में जाम भी लग गया।
बारिश जोरदार हुई लेकिन इसका असर तापमान पर देखने को नहीं मिला। बारिश के रुकने के बाद हल्की हवाएं चलीं। शाम को फिर लोगों को उमस सताने लगी। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया। यही हाल न्यूनतम तापमान का भी रहा। वह भी सामान्य से चार डिग्री ज्यादा रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में महज 6.4 डिग्री का अंतर है। इस वजह से रात के समय में भी उमस लोगों को परेशान कर रही है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ मौसम केंद्र के अनुसार, इस सीजन में एक जून से लेकर मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे तक 179.7 एमएम बारिश हुई है। यह सामान्य से 51 फीसदी कम है। हालांकि अभी मानसून के काफी दिन बाकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हो सकती है।
आज भी छा सकते हैं बादल
मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार को भी ट्राइसिटी में पूरे दिन बादल छाए रह सकते हैं और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। 19 जुलाई के बाद फिर बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
सीटीयू रेलवे अंडरब्रिज में भरा पानी, बंद करनी पड़ी सड़क
हर साल की तरह इस बार भी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के सीटीयू रेलवे अंडरब्रिज में बारिश के बाद पानी भर गया। पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क को दोनों तरफ से बंद किया। पानी ज्यादा होने की वजह से किसी को जाने नहीं दिया गया। बारिश रुकने के थोड़ी देर बार पानी को निकाला गया और रास्ते को फिर खोला गया। सीटीयू रेलवे अंडरब्रिज में पिछले कई वर्षों से हर बारिश के बाद पानी भर जाता है लेकिन आजतक न प्रशासन और न ही नगर निगम इसका कोई हल निकाल पाए हैं। हर बार पानी भरने के बाद मोटर लगाकर पानी निकाला जाता है।
चंडीगढ़ में यहां-यहां भरा पानी
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
- इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित सीटीयू रेलवे अंडर ब्रिज
- सेक्टर 27/28 लाइट्स
- सेक्टर 36/37 लाइट्स प्वाइंट
- सेक्टर 42/43 आंतरिक सड़क सेक्टर-43 न्यायिक अकादमी की ओर
- सेक्टर 19/27 रोड
- सेक्टर 20/21 लेबर चौक
- किसान भवन चौक, सेक्टर 22/23/35/36
- पिकाडली चौक, सेक्टर 21/22/34/35
- सेक्टर 28/29 रोड
- किशनगढ़ मोड़ पर सुखना झील के पीछे एक गड्ढा बना
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
एनडीआरएफ की चार टीमें सिमरत को तलाश रहीं, देर शाम तक नहीं चला पता
सबहेड
जीरकपुर तक चलाया गया तलाशी अभियान, छोटे भाई के साथ खेल रहा था सिमरत
संवाद न्यूज एजेंसी
पचंकूला। बारिश के दौरान बुढ़नपुर के बरसाती नाले में बहने वाले बच्चे की पहचान सिमरत (10) के रूप में हुई। सिमरत बुढ़नपुर का रहने वाला है और पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। उसके नाले में बहने की सूचना पर पुलिस, एंबुलेंस, फायर, प्रशासनिक अधिकारी और एनडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ टीम ने जीरकपुर तक तलाश किया लेकिन देर शाम तक सिमरत का कुछ भी पता नहीं चल पाया।
बताया गया है कि मंगलवार दोपहर करीब दो बजे सिमरत अपने भाई वरुण (8) के साथ खेलते हुए नाले पर बने लकड़ी के पुल के पास पहुंचा। वहां पर एक छोटा पौधा लगा हुआ है। सिमरत उस पौधे को तोड़ने लगा, इसी बीच उसका पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया। छोटा भाई वरुण घर पहुंचा और पड़ोसियों को जानकारी दी क्योंकि उसके पिता काम पर गए हुए थे। पड़ोसियों ने पिता को सूचित किया। कुछ लोग हिम्मत कर नाले में कूदे लेकिन बारिश के कारण पानी का बहाव तेज था। बाद में पुलिस व प्रशासन को जानकारी दी गई।
एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर बलजीत सिंह ने बताया कि देर शाम तक बुढ़नपुर, विकास नगर (चंडीगढ़) और जीरकपुर तक करीब 10 किमी से ज्यादा के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन बच्चे का कुछ भी पता नहीं चला। एनडीआरएफ की चार टीमें बच्चे की तलाश में जुटी हुई हैं।
वर्ष 2017 में नाले में डूबने से हुई थी बच्चे की मौत
वर्ष 2017 में भी बुढ़नपुर के पास उसी जगह पर नाले के तेज बहाव में डूबने से एक बच्चे की मौत हुई थी। उस दौरान भी एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे सर्च अभियान चलाकर बच्चे के शव को ढूंढा था। बावजूद इसके जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गईं। पार्षद पति राम प्रसाद ने बताया कि 2021 में नगर निगम हाउस की मीटिंग कई अवैध गांव और कॉलोनियों जैसे बीड़ घग्गर, राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, खड़क मंगोली, भैंसा टिब्बा आदि में छोटे नालों पर पुल, स्ट्रीट लाइट, पक्की गलियों के निर्माण आदि को प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाना था लेकिन अब तक पुल नहीं बनाया गया।
विज्ञापन
चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली। चंडीगढ़ समेत पूरी ट्राइसिटी में मंगलवार दोपहर करीब एक घंटे जोरदार बारिश हुई। कई दिन बाद हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली लेकिन सड़कों के जलमग्न होने और जगह-जगह जलभराव से परेशानी भी झेलनी पड़ी। कई इलाकों में वाहन चालक जाम में भी फंसे। पंचकूला के बुढ़नपुर में दस साल का एक बच्चा पैर फिसलने से बरसाती नाले में बह गया। पुलिस और एनडीआरफ की टीमों ने दिनभर तलाशी अभियान चलाया लेकिन देर शाम तक बच्चे का पता नहीं चला।
मंगलवार को बारिश की उम्मीद कम थी लेकिन दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब अचानक बादल छा गए और जोरदार बारिश शुरू हो गई। बादल एक घंटे लगातार बरसे। थोड़ी देर की बारिश से ही तीनों शहरों के कई इलाकों का बुरा हाल हो गया। लगभग सभी बड़े चौक और मुख्य चौराहों पर पानी भर गया। चंडीगढ़ में कुल 41 एमएम बारिश दर्ज की गई। सेक्टर-36 और 37 में पानी ज्यादा भरने की वजह से कुछ गाड़ियां बंद हो गईं। हालांकि गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने बारिश का जमकर आनंद भी लिया। लोग सड़कों और छतों पर निकल आए और बारिश में मस्ती की। पंचकूला और मोहाली में भी झमाझम बारिश हुई। यहां के लोगों को भी गर्मी से राहत मिली लेकिन सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में जाम भी लग गया।
विज्ञापन
बारिश जोरदार हुई लेकिन इसका असर तापमान पर देखने को नहीं मिला। बारिश के रुकने के बाद हल्की हवाएं चलीं। शाम को फिर लोगों को उमस सताने लगी। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया। यही हाल न्यूनतम तापमान का भी रहा। वह भी सामान्य से चार डिग्री ज्यादा रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में महज 6.4 डिग्री का अंतर है। इस वजह से रात के समय में भी उमस लोगों को परेशान कर रही है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ मौसम केंद्र के अनुसार, इस सीजन में एक जून से लेकर मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे तक 179.7 एमएम बारिश हुई है। यह सामान्य से 51 फीसदी कम है। हालांकि अभी मानसून के काफी दिन बाकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हो सकती है।
आज भी छा सकते हैं बादल
मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार को भी ट्राइसिटी में पूरे दिन बादल छाए रह सकते हैं और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। 19 जुलाई के बाद फिर बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
सीटीयू रेलवे अंडरब्रिज में भरा पानी, बंद करनी पड़ी सड़क
हर साल की तरह इस बार भी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के सीटीयू रेलवे अंडरब्रिज में बारिश के बाद पानी भर गया। पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क को दोनों तरफ से बंद किया। पानी ज्यादा होने की वजह से किसी को जाने नहीं दिया गया। बारिश रुकने के थोड़ी देर बार पानी को निकाला गया और रास्ते को फिर खोला गया। सीटीयू रेलवे अंडरब्रिज में पिछले कई वर्षों से हर बारिश के बाद पानी भर जाता है लेकिन आजतक न प्रशासन और न ही नगर निगम इसका कोई हल निकाल पाए हैं। हर बार पानी भरने के बाद मोटर लगाकर पानी निकाला जाता है।
चंडीगढ़ में यहां-यहां भरा पानी
- इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित सीटीयू रेलवे अंडर ब्रिज
- सेक्टर 27/28 लाइट्स
- सेक्टर 36/37 लाइट्स प्वाइंट
- सेक्टर 42/43 आंतरिक सड़क सेक्टर-43 न्यायिक अकादमी की ओर
- सेक्टर 19/27 रोड
- सेक्टर 20/21 लेबर चौक
- किसान भवन चौक, सेक्टर 22/23/35/36
- पिकाडली चौक, सेक्टर 21/22/34/35
- सेक्टर 28/29 रोड
- किशनगढ़ मोड़ पर सुखना झील के पीछे एक गड्ढा बना
एनडीआरएफ की चार टीमें सिमरत को तलाश रहीं, देर शाम तक नहीं चला पता
सबहेड
जीरकपुर तक चलाया गया तलाशी अभियान, छोटे भाई के साथ खेल रहा था सिमरत
संवाद न्यूज एजेंसी
पचंकूला। बारिश के दौरान बुढ़नपुर के बरसाती नाले में बहने वाले बच्चे की पहचान सिमरत (10) के रूप में हुई। सिमरत बुढ़नपुर का रहने वाला है और पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। उसके नाले में बहने की सूचना पर पुलिस, एंबुलेंस, फायर, प्रशासनिक अधिकारी और एनडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ टीम ने जीरकपुर तक तलाश किया लेकिन देर शाम तक सिमरत का कुछ भी पता नहीं चल पाया।
बताया गया है कि मंगलवार दोपहर करीब दो बजे सिमरत अपने भाई वरुण (8) के साथ खेलते हुए नाले पर बने लकड़ी के पुल के पास पहुंचा। वहां पर एक छोटा पौधा लगा हुआ है। सिमरत उस पौधे को तोड़ने लगा, इसी बीच उसका पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया। छोटा भाई वरुण घर पहुंचा और पड़ोसियों को जानकारी दी क्योंकि उसके पिता काम पर गए हुए थे। पड़ोसियों ने पिता को सूचित किया। कुछ लोग हिम्मत कर नाले में कूदे लेकिन बारिश के कारण पानी का बहाव तेज था। बाद में पुलिस व प्रशासन को जानकारी दी गई।
एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर बलजीत सिंह ने बताया कि देर शाम तक बुढ़नपुर, विकास नगर (चंडीगढ़) और जीरकपुर तक करीब 10 किमी से ज्यादा के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन बच्चे का कुछ भी पता नहीं चला। एनडीआरएफ की चार टीमें बच्चे की तलाश में जुटी हुई हैं।
वर्ष 2017 में नाले में डूबने से हुई थी बच्चे की मौत
वर्ष 2017 में भी बुढ़नपुर के पास उसी जगह पर नाले के तेज बहाव में डूबने से एक बच्चे की मौत हुई थी। उस दौरान भी एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे सर्च अभियान चलाकर बच्चे के शव को ढूंढा था। बावजूद इसके जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गईं। पार्षद पति राम प्रसाद ने बताया कि 2021 में नगर निगम हाउस की मीटिंग कई अवैध गांव और कॉलोनियों जैसे बीड़ घग्गर, राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, खड़क मंगोली, भैंसा टिब्बा आदि में छोटे नालों पर पुल, स्ट्रीट लाइट, पक्की गलियों के निर्माण आदि को प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाना था लेकिन अब तक पुल नहीं बनाया गया।