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Panchkula News: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, कुछ घंटों में फिर सजा सामान
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नगर परिषद ने मेन बाजार, गांधी चौक और रेलवे रोड पर चलाया अभियान, रेहड़ी संचालकों ने पक्षपात के लगाए आरोप
सड़क किनारे रखा सामान और अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया
कार्रवाई के कुछ देर बाद फिर पुराने हालात बने
स्थानीय लोगों ने नियमित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। नगर परिषद की ओर से शुक्रवार को मेन बाजार, गांधी चौक और रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। सड़क किनारे रखा सामान और अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन कार्रवाई समाप्त होने के कुछ ही समय बाद दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने दोबारा सड़क किनारे सामान सजा लिया। इससे नगर परिषद की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
देर शाम तक कई स्थानों पर हालात पहले जैसे ही दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ नियमित और सख्त कार्रवाई के बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उनका आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाती है।
वहीं, कुछ रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि मेन बाजार, गांधी चौक और रेलवे रोड के कई स्थानों पर अतिक्रमण को नजरअंदाज किया गया, जबकि चुनिंदा लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की गई।
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उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बिना किसी भेदभाव के सभी के खिलाफ समान और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी वर्ग में भेदभाव की भावना न रहे और अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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सड़क किनारे रखा सामान और अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया
कार्रवाई के कुछ देर बाद फिर पुराने हालात बने
स्थानीय लोगों ने नियमित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। नगर परिषद की ओर से शुक्रवार को मेन बाजार, गांधी चौक और रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। सड़क किनारे रखा सामान और अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन कार्रवाई समाप्त होने के कुछ ही समय बाद दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने दोबारा सड़क किनारे सामान सजा लिया। इससे नगर परिषद की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
देर शाम तक कई स्थानों पर हालात पहले जैसे ही दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ नियमित और सख्त कार्रवाई के बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उनका आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाती है।
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वहीं, कुछ रेहड़ी-फड़ी संचालकों ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि मेन बाजार, गांधी चौक और रेलवे रोड के कई स्थानों पर अतिक्रमण को नजरअंदाज किया गया, जबकि चुनिंदा लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की गई।
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उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बिना किसी भेदभाव के सभी के खिलाफ समान और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी वर्ग में भेदभाव की भावना न रहे और अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।