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Panchkula News: अवैध खनन पर पंजाब पुलिस गंभीर नहीं, क्यों न सीबीआई को सौंप दी जाए जांच

Fri, 15 Sep 2023 01:15 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 01:15 AM IST
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Punjab Police is not serious on illegal mining, why not hand over the investigation to CBI
चंडीगढ़। रोपड़ में अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए केवल गरीब लोगों की गिरफ्तारी और माइनिंग माफिया के पुलिस के शिकंजे से बाहर होने पर हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है पंजाब पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं है क्यों न इन अवैध खनन की 14 एफआईआर में जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। रोपड़ के नंगल पुलिस स्टेशन में अवैध खनन को लेकर 27 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में अग्रिम जमानत की मांग को लेकर आरोपी आजमदीन ने याचिका दायर की थी। बेंच के सामने याची के वकील ने इस मामले में कोई भूमिका न होने का तर्क दिया था। वह केवल एक टिप्पर चालक है और मौके से वह गिरफ्तार भी नहीं हुआ था। बेंच ने कहा कि केवल गरीब व्यक्ति जो जेसीबी और टिप्पर के ड्राइवर हैं को आरोपी बनाया जाता है, यह एक खेदजनक स्थिति है। पुलिस असली दोषियों को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है, जिनके इशारे पर अवैध खनन कार्य किया जा रहा था।
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हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर स्थानीय एसएचओ को पेश होने का आदेश दिया था। वीरवार को वह पेश हुए और स्टेटस रिपोर्ट दी। सुनवाई के दौरान पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस खनन माफिया से मिलकर काम कर रही है। केवल गरीब लोग निशाना बनाए जाते हैं और खनन माफिया पुलिस के शिकंजे से दूर है। कोर्ट ने कहा कि तहसीलदार से डिमार्केशन रिपोर्ट समय से न मिलने के कारण पुलिस की जांच में देरी हुई। खनन विभाग के अधिकारियों की सही निगरानी न होने के कारण अवैध खनन जारी रहा और एसएसपी ने इस मामले में ध्यान नहीं दिया। हाईकोर्ट ने एसएसपी, नंगल के तहसीलदार, माइनिंग और ड्रेनेज विभाग के एक्सईएन को तलब कर लिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तीनों पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए जाएंगे।
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15 हजार कमाने वाले 50 हजार का वकील करने को मजबूर, माफिया मजे लूट रहा
हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध खनन के मामलों में 15 हजार कमाने वाले ड्राइवरों पर शिकंजा कसा जा रहा है जो जमानत के लिए 50 हजार का वकील करने को मजबूर होते हैं। खनन माफिया पुलिस की पहुंच से दूर रहता है और मजे लूट रहा है। इस प्रकार की प्रथा को बंद करने की जरूरत है।
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बच्चों से पूछ लेते जमीन के मालिक का नाम तो वे भी बता देते
पंजाब सरकार ने बताया कि जिस जमीन पर अवैध खनन हो रहा था उसका मालिक कौन था यह पता करने में सरकार को एक माह का समय लग गया। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि हरियाणा-पंजाब में अगर यह सवाल बच्चों से भी पूछ लेते तो वह भी बता देते कि जमीन का मालिक कौन है। कोर्ट ने सरकार की जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए यह टिप्पणियां की है।
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