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बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के खिलाफ पंजाब, विधानसभा के प्रस्ताव का कैप्टन ने किया विरोध
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ पंजाब विधानसभा में पारित प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के परिचालन क्षेत्र का विस्तार न तो राज्य के संघीय प्राधिकरण का उल्लंघन है और न ही कानून और व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की क्षमता पर सवाल उठाता है।
कुछ लोग इस मसले पर राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ा अंतर है। दुर्भाग्य से इस मुद्दे को उठा रहे लोग कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा में अंतर करने में असमर्थ है। केंद्र सरकार ने पिछले माह सीमा सुरक्षा बल अधिनियम में संशोधन किया था। जिससे बीएसएफ को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किमी से 50 किमी के दायरे में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के लिए अधिकृत किया जा सके।
पंजाब विधानसभा ने वीरवार को केंद्र की अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित कर इसे राज्य पुलिस का अपमान बताते हुए वापस लेने की मांग की है। प्रस्ताव का विरोध करते हुए अमरिंदर ने कहा कि पड़ोसी पाकिस्तान 30 किमी की सीमा तक परिष्कृत तकनीक और ड्रोन का प्रयोग करता है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि बीएसएफ को ज्यादा अधिकार प्राप्त हो।
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पंजाब पुलिस की तरह बीएसएफ हमारी अपनी फोर्स है, बाहर या किसी विदेशी की नहीं जो हमारी जमीन पर कब्जा करने आई है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ का संचालन क्षेत्राधिकार राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है न कि राज्य की कानून-व्यवस्था से, जिसे पंजाब में मौजूद वर्तमान शक्तियां समझने में सक्षम नहीं हैं। राज्य सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण छोटे और पक्षपात पूर्ण उद्देश्यों के लिए नहीं करना चाहिए।
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कुछ लोग इस मसले पर राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ा अंतर है। दुर्भाग्य से इस मुद्दे को उठा रहे लोग कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा में अंतर करने में असमर्थ है। केंद्र सरकार ने पिछले माह सीमा सुरक्षा बल अधिनियम में संशोधन किया था। जिससे बीएसएफ को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किमी से 50 किमी के दायरे में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के लिए अधिकृत किया जा सके।
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पंजाब विधानसभा ने वीरवार को केंद्र की अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित कर इसे राज्य पुलिस का अपमान बताते हुए वापस लेने की मांग की है। प्रस्ताव का विरोध करते हुए अमरिंदर ने कहा कि पड़ोसी पाकिस्तान 30 किमी की सीमा तक परिष्कृत तकनीक और ड्रोन का प्रयोग करता है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि बीएसएफ को ज्यादा अधिकार प्राप्त हो।
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पंजाब पुलिस की तरह बीएसएफ हमारी अपनी फोर्स है, बाहर या किसी विदेशी की नहीं जो हमारी जमीन पर कब्जा करने आई है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ का संचालन क्षेत्राधिकार राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है न कि राज्य की कानून-व्यवस्था से, जिसे पंजाब में मौजूद वर्तमान शक्तियां समझने में सक्षम नहीं हैं। राज्य सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण छोटे और पक्षपात पूर्ण उद्देश्यों के लिए नहीं करना चाहिए।