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विरोध : हरमिलाप नगर रेलवे फाटक पर टूटा 35 कॉलोनियों के लोगों का सब्र तो रोक दी शताब्दी, ज्वाइंट एक्शन कमेटी फॉर वेलफेयर ऑफ बलटाना रेजिडेंट्स के बैनर तले दिया धरना

Mon, 06 Sep 2021 01:14 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:14 AM IST
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Protest: Shatabdi stopped the patience of the people of 35 colonies broken at Harmilap Nagar railway gate, staged a sit-in under the banner of Joint Action Committee for Welfare of Baltana Residents
पंचकूला। हरमिलाप नगर अंडरपास प्रोजेक्ट के निर्माण में देरी होने पर रविवार को 35 कॉलोनियों के लोगों ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी फॉर वेलफेयर ऑफ बलटाना रेजिडेंट्स के बैनर तले चंडीगढ़-अंबाला रेलवे ट्रैक जाम किया। नाराज लोगों ने दिल्ली से चंडीगढ़ जा रही शताब्दी को करीब छह मिनट तक रोके रखा। शताब्दी के रुकते ही पुलिस हरकत में आई और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने लगी। पुलिस ने कुछ लोगों पर डंडे भी बरसाए। रेजिडेंट्स के प्रधान प्रताप सिंह राणा और अन्य लोगों के ट्रैक पर लेटते ही पुलिस के हाथपैर फूल गए। आरपीएफ और जीरकपुर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर ट्रैक से हटाया।
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इसके बाद शताब्दी को चंडीगढ़ के लिए रवाना किया। इसके बाद भी स्थानीय लोगों और पुलिस में गहमागहमी बनी रही। इसके बाद शाम चार बजे तक प्रदर्शनकारी बलटाना की तरफ सड़क के किनारे धरने पर बैठ गए। शाम को चार बजे चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बैठक होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दोबारा बलटाना फाटक पर बैठक को लोगों को रेलवे के आश्वासन से अवगत कराया। शाम को छह बजे धरना समाप्त होते ही फाटक लोगों के लिए खोल दिया गया। सुबह धरनास्थल पर दिल्ली की तरफ से आ रही शताब्दी को रोकने के लिए कुछ लोगों ने लाल कपड़ा दिखाकर ट्रैक पर दौड़ भी लगाई। उनको भगाने के लिए पुलिस भी दौड़ी थी। चंडीगढ़ रेलवे आरपीएफ इंस्पेक्टर अमरिंदर जीत सिंह ने बताया कि प्रताप सिंह राणा सहित 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ 169/2021 अंडर सेक्शन 147 और रेलवे एक्ट 174ए के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें अन्य धाराएं भी जुड़ सकती हैं।
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प्रदर्शन के दौरान शाम साढ़े पांच बजे प्रदर्शनकारियों से मिलने अंबाला से डिवीजन इंजीनियर प्रवीण मोहन सहाय पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बताया कि रेलवे अंडरपास बनाने की सारी प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। 31 मार्च 2022 तक रेलवे अंडर का काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं यूटी प्रशासन की तरफ से पहुंचे तहसीलदार योगेश ने बताया कि यूूटी प्रशासन को इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन एक्वायर करना है, इसके लिए सभी को नोटिस दिया जा चुका है। जैसे ही रेलवे की तरफ से सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। प्रशासन की तरफ से रेलवे अंडरपास बनाने के लिए जमीन एक्वायर कर रेलवे को हैंड ओवर कर दिया जाएगा। दोनों विभागों के अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शाम करीब छह बजे धरना समाप्त किया गया। शताब्दी को रोकने के बाद अन्य ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रही।
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करीब साढ़े आठ घंटे बंद रहा रेलवे फाटक
सुबह करीब 9.30 बजे ही प्रदर्शनकारी रेलवे फाटक पर बलटाना की तरफ बैठ गए थे। विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने हरमिलाप नगर रेलवे फाटक सुरक्षा के मद्देनजर बंद दिया। इस बीच अपनी मांगों को लेकर 9.30 से 6.00 बजे तक रेलवे फाटक पर प्रदर्शनकारी डटे रहे। इस कारण लगातार आठ घंटे तक बलटाना की 35 कॉलोनियों सहित जीरकपुर बलटाना के रास्ते चंडीगढ़ जाने और चंडीगढ़ की ओर से बलटाना के रास्ते जीरकपुर जाने वाले राहगीरों को पूरे दिन परेशान होना पड़ा। सुबह से शाम लगातार आठ घंटे तक लोग परेशान हुए।

यह है मांग
प्रताप सिंह राणा ने बताया कि चंडीगढ़-अंबाला रेल मार्ग स्थित क्रॉसिंग नंबर 123/एसपीएल पर अंडरपास बनाने का प्रोजेक्ट पास हो चुका है, लेकिन यूटी प्रशासन और रेलवे के इंजीनियरिंग विंग के नकारात्मक रवैये के चलते प्रोजेक्ट अधर में लटका है। उन्होंने प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं होने पर 2018 में आमरण अनशन पर बैठे थे, उस दौरान 28 अक्टूबर 2018 को चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने दिया था, तीन माह के अंदर अंडर पास की कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। बीच में कुछ काम हुआ, लेकिन अधिकारियों के सुस्त रवैए के चलते एक बार फिर 28 सितंबर 2020 को आंदोलन करना पड़ा। तब रेलवे के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द इस परियोजना का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। 27 दिसंबर 2020 को अंबाला इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने इस परियोजना को स्वीकृति के लिए आईआरपीएसएम वेबसाइट पर अपलोड कर दिया, लेकिन आठ माह बीते प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हुआ। इस कारण बलटाना वासियों के साथ आमरण अनशन पर बैठा था।
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