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Panchkula News: पंचकूला-बरवाला नेशनल हाईवे पर जानलेवा साबित हो रहे संरक्षित पशु
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संवाद न्यूज एजेंसी पंचकूला। संरक्षित पशुओं को पकड़ने के बारे में नगर निगम भले ही लाख दावे करे, मगर हकीकत में स्थिति बहुत खराब है। पंचकूला-बरवाला नेशनल हाईवे पर ये संरक्षित पशु जानलेवा साबित हो रहे हैं। पिछले चार साल में इन पशुओं के कारण हुए हादसों में आठ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं काफी संख्या में वाहन चालक घायल भी हुए हैं। मगर इन पशुओं को पकड़ने या नेशनल हाईवे पर जाने से रोकने के लिए कोई प्रयास प्रशासन की ओर से नहीं किए जा रहे हैं। वर्ष 2021 में शहर में लावारिस पशुओं की संख्या करीब 1700 थी, जबकि वर्ष 2019 में करीब 803 थी। जिले के गोशाला संचालकों का दावा है कि उन्होंने बड़ी संख्या में संरक्षित पशुओं को जगह दी है। सुखदर्शनपुर में करीब 5.6 करोड़ की लागत गोशाला का निर्माण किया गया। इसमें करीब 700 पशु हैं। श्री माता मनसा देवी गोशाला में 1200 पशु हैं।
झुंड बनाकर बैठते हैं सड़क पर
ये लावारिस पशु एक या दो नहीं बल्कि भारी संख्या में एक साथ सड़क पर झुंड बनाकर बैठ जाते हैं। रात के समय वाहन चालक इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा पाते हैं कि सड़क के बीचोबीच पशु बैठे मिलेंगे और वे हादसे का शिकार हो जाते हैं।
कोट में नंदीशाला बनी, शिफ्टिंग शुरू नहीं
नगर निगम ने गांव कोट में 2.5 करोड़ की लागत से एक नंदीशाला बनाई है। जहां करीब 1500 लावारिस पशुओं को रखने की क्षमता है। मगर अभी तक वहां लावारिस पशुओं को रखा जाना शुरू नहीं किया गया है। अगर वहां पशुओं को भेज दिया जाए तो सड़कों से इनकी संख्या कम हो जाएगी। मगर इस लेट लतीफी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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यहां रहता है पशुओं का झुंड
- माजरी चौक के पास
- झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड के पास
- रामगढ़ के पास
- कोट के पास
- भानू और बिल्ला के पास
- कोट के पास
इन जगहों पर हुई मौत
1. जनवरी 2019 में जलौली के पास बुलेट सवार युवक की मौत
2. मार्च 2019 में खंगेसरा में प्यारेवाला के युवक की मौत
3. फरवरी 2020 में रामगढ़ में शहबाज की मौत
4. मई 2020 में खटौली के अनिल की मौत
5. मई 2020 में रायपुररानी के बुजुर्ग को सांड ने मारी टक्कर
6. जनवरी 2022 में बाइक के आगे पशु आने से युवक की मौत
7. अगस्त 2022 में कोट के युवक की मौत
8. फरवरी 2023 में माण्क्यां गांव के युवक की मौत
कोट में बनाई गई नंदीशाला में लावारिस पशुओं को रखा जाएगा। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। दो से तीन दिन में पशुओं को पकड़ना शुरू कर दिया जाएगा।
- अविनाश सिंगला, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम
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झुंड बनाकर बैठते हैं सड़क पर
ये लावारिस पशु एक या दो नहीं बल्कि भारी संख्या में एक साथ सड़क पर झुंड बनाकर बैठ जाते हैं। रात के समय वाहन चालक इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा पाते हैं कि सड़क के बीचोबीच पशु बैठे मिलेंगे और वे हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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कोट में नंदीशाला बनी, शिफ्टिंग शुरू नहीं
नगर निगम ने गांव कोट में 2.5 करोड़ की लागत से एक नंदीशाला बनाई है। जहां करीब 1500 लावारिस पशुओं को रखने की क्षमता है। मगर अभी तक वहां लावारिस पशुओं को रखा जाना शुरू नहीं किया गया है। अगर वहां पशुओं को भेज दिया जाए तो सड़कों से इनकी संख्या कम हो जाएगी। मगर इस लेट लतीफी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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यहां रहता है पशुओं का झुंड
- माजरी चौक के पास
- झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड के पास
- रामगढ़ के पास
- कोट के पास
- भानू और बिल्ला के पास
- कोट के पास
इन जगहों पर हुई मौत
1. जनवरी 2019 में जलौली के पास बुलेट सवार युवक की मौत
2. मार्च 2019 में खंगेसरा में प्यारेवाला के युवक की मौत
3. फरवरी 2020 में रामगढ़ में शहबाज की मौत
4. मई 2020 में खटौली के अनिल की मौत
5. मई 2020 में रायपुररानी के बुजुर्ग को सांड ने मारी टक्कर
6. जनवरी 2022 में बाइक के आगे पशु आने से युवक की मौत
7. अगस्त 2022 में कोट के युवक की मौत
8. फरवरी 2023 में माण्क्यां गांव के युवक की मौत
कोट में बनाई गई नंदीशाला में लावारिस पशुओं को रखा जाएगा। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। दो से तीन दिन में पशुओं को पकड़ना शुरू कर दिया जाएगा।
- अविनाश सिंगला, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम