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शिक्षा बोर्ड, निजी स्कूलों में टकराव
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हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड भिवानी और निजी स्कूल संचालक आमने-सामने आ गए हैं। 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में निजी स्कूलों के बच्चों का दूरदराज में परीक्षा केंद्र बनाने पर प्राइवेट स्कूल संघ ने नाराजगी जताई है। साथ ही पर्यवेक्षक और अधीक्षक की ड्यूटी में भी भेदभाव करने का आरोप लगाया है। दोनों ही पदों पर निजी स्कूलों के स्टाफ की ड्यूटी न लगाने पर निजी स्कूल संचालकों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खडे़ किए हैं।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, प्रांतीय संरक्षक तेलुराम रामायणवाला, प्रांतीय सलाहकार अजमेर नायक और प्रांतीय उपप्रधान संजय धत्तरवाल ने कहा कि बोर्ड प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के परीक्षा केंद्र उसी गांव के बजाए दूर दराज के स्थानों पर दिए हैं। इससे न केवल बच्चों का समय खराब होगा, बल्कि परीक्षा केंद्र तक आने जाने का भी दबाव रहेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परीक्षा केंद्र उसी गांव में बन सकते हैं, तो प्राइवेट स्कूल के बच्चों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। जब निजी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर सरकारी अध्यापकों की ड्यूटी पर्यवेक्षक के तौर पर लगाई जा रही है तो सरकारी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर निजी स्कूल स्टाफ की भी बतौर पर्यवेक्षक डयूटी लगनी चाहिए। संघ नेताओं ने मांग की है कि निजी स्कूलों के बच्चों का परीक्षा केंद्र भी उसी गांव में बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में किसी भी निजी स्कूल में परीक्षा केंद्र नहीं बनने दिए जाएंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी बोर्ड प्रशासन की होगी।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, प्रांतीय संरक्षक तेलुराम रामायणवाला, प्रांतीय सलाहकार अजमेर नायक और प्रांतीय उपप्रधान संजय धत्तरवाल ने कहा कि बोर्ड प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के परीक्षा केंद्र उसी गांव के बजाए दूर दराज के स्थानों पर दिए हैं। इससे न केवल बच्चों का समय खराब होगा, बल्कि परीक्षा केंद्र तक आने जाने का भी दबाव रहेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परीक्षा केंद्र उसी गांव में बन सकते हैं, तो प्राइवेट स्कूल के बच्चों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। जब निजी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर सरकारी अध्यापकों की ड्यूटी पर्यवेक्षक के तौर पर लगाई जा रही है तो सरकारी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर निजी स्कूल स्टाफ की भी बतौर पर्यवेक्षक डयूटी लगनी चाहिए। संघ नेताओं ने मांग की है कि निजी स्कूलों के बच्चों का परीक्षा केंद्र भी उसी गांव में बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में किसी भी निजी स्कूल में परीक्षा केंद्र नहीं बनने दिए जाएंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी बोर्ड प्रशासन की होगी।
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