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तैयारी : शहर में पांच जगह स्क्रीन पर नजर आएगी वायु की गुणवत्ता, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में इस मामले में की गई चर्चा
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पंचकूला। शहर की वायु की गुणवत्ता का आंकड़ा जल्द ही शहर के पांच मुख्य स्थलों में लगाई जाने वाली स्क्रीन पर दिखेगा। इसके लिए जगह का चयन करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रयास यह है कि शहर के वातावरण को शुद्ध रखा जाए। इतना ही नहीं, पंचकूला के पोल्ट्री फार्म का प्रबंधन भी पर्यावरण योजना में शामिल होगा। पोल्ट्री फार्म के आसपास मंडराने वाली मक्खियों से आम लोगों को निजात दिलाने की कोशिश होगी।
यह फैसला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मॉनीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रीतम पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ली गई। जिले का पर्यावरण प्लान एक मॉडल प्लान के रूप में तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे कि अन्य जिले उसको अपना सके। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रीतम पाल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में जिले की पर्यावरण योजना को अंतिम रूप देने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह व मॉनीटरिंग कमेटी के तकनीकी विशेषज्ञ बाबूराम भी उपस्थित थे। कमेटी की सदस्या व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उर्वशी गुलाटी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में भाग लिया।
कालका-पिंजौर की समीक्षा कर दिए निर्देश
कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम पाल ने नगर निगम पंचकूला द्वारा शहर में व नगर परिषद कालका द्वारा कालका और पिंजौर में पर्यावरण की दृष्टि से किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में ठोस कचरा के प्रबंधन, संग्रहण व पृथक्करण, प्लॉस्टिक वेस्ट के संग्रहण व उपयोगिता, बरसाती नालों की साफ सफाई, बागवानी के वेस्ट से कंपोस्ट तैयार करने और बायो मेडिकल कचरा के संग्रहण और निस्पादन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रीतम पाल ने निर्देश दिए कि पंचकूला में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधन को पंचकूला जिला के पर्यावरण योजना में शामिल किया जाए।
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उन्होंने कहा कि पर्यावरण योजना में पोल्ट्री फार्म की वजह से होने वाली मक्खियों की समस्या को दूर करने के लिए किए जाने वाले उपायों का विस्तृत रूप से उल्लेख किया जाए। इसके साथ ही निर्देश दिए कि सेक्टर-23 डंपिंग ग्राउंड के आसपास सौंदर्यीकरण की दृष्टि से पौधरोपण भी किया जाए। प्रीतम पाल ने कहा कि वर्तमान में शुद्ध वातावरण की अहमियत और बढ़ जाती है। कमेटी की सदस्या और सेवानिवृत्त आईएएस उर्वशी गुलाटी ने कहा कि पंचकूला में वायु की गुणवत्ता बाकी जिलों के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने कहा कि पंचकूला राज्य की शो विंडो है और यहां लागू की जा रही योजनाएं दूसरे जिलों के लिये एक रोल मॉडल बननी चाहिए।
पंचकूला का पर्यावरण प्लान होगा मॉडल प्लान
उपायुक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रीतम पाल की अध्यक्षता वाली मॉनीटरिंग कमेटी को आश्वासन दिया कि पंचकूला का पर्यावरण प्लान मॉडल प्लान होगा, जिससे दूसरे जिले उसे अपना सके। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पंचकूला के पर्यावरण प्लान को अंतिम रूप देकर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कमेटी के सुझावों पर विनय प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को उपचारित अपशिष्ट जल के दोबारा प्रयोग को लेकर एक विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। जिससे उसे पंचकूला के पर्यावरण प्लान में शामिल किया जा सके। उन्होंने सीईओ जिला परिषद को निर्देश दिए कि वह जिला के गांवों में ठोस और तरल कचरा के प्रबंधन व निपटान को लेकर योजना शीघ्र प्रस्तुत करें।
पांच जगह लगेगी वायु गुणवत्ता के लिए स्क्रीन
उन्होंने निगम निगम आयुक्त को शहर में कम से कम पांच प्रमुख स्थान चयनित करने के निर्देश दिए जहां स्क्रीन के माध्यम से शहर की वायु गुणवत्ता को दर्शाया जा सके। उन्होंने कहा कि वह इस कार्य को कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत करवाने के लिए भी संभावना तलाशे। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, नगर निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह, एसडीएम कालका राकेश संधु, नगराधीश सिमरजीत कौर, सीईओ जिला परिषद निशु सिंगल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की संपदा अधिकारी ममता शर्मा, सेक्रेटरी आरटीए अमरिंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता व अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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यह फैसला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मॉनीटरिंग कमेटी के अध्यक्ष और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रीतम पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ली गई। जिले का पर्यावरण प्लान एक मॉडल प्लान के रूप में तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे कि अन्य जिले उसको अपना सके। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रीतम पाल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में जिले की पर्यावरण योजना को अंतिम रूप देने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह व मॉनीटरिंग कमेटी के तकनीकी विशेषज्ञ बाबूराम भी उपस्थित थे। कमेटी की सदस्या व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उर्वशी गुलाटी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में भाग लिया।
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कालका-पिंजौर की समीक्षा कर दिए निर्देश
कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम पाल ने नगर निगम पंचकूला द्वारा शहर में व नगर परिषद कालका द्वारा कालका और पिंजौर में पर्यावरण की दृष्टि से किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में ठोस कचरा के प्रबंधन, संग्रहण व पृथक्करण, प्लॉस्टिक वेस्ट के संग्रहण व उपयोगिता, बरसाती नालों की साफ सफाई, बागवानी के वेस्ट से कंपोस्ट तैयार करने और बायो मेडिकल कचरा के संग्रहण और निस्पादन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रीतम पाल ने निर्देश दिए कि पंचकूला में पोल्ट्री फार्म के प्रबंधन को पंचकूला जिला के पर्यावरण योजना में शामिल किया जाए।
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उन्होंने कहा कि पर्यावरण योजना में पोल्ट्री फार्म की वजह से होने वाली मक्खियों की समस्या को दूर करने के लिए किए जाने वाले उपायों का विस्तृत रूप से उल्लेख किया जाए। इसके साथ ही निर्देश दिए कि सेक्टर-23 डंपिंग ग्राउंड के आसपास सौंदर्यीकरण की दृष्टि से पौधरोपण भी किया जाए। प्रीतम पाल ने कहा कि वर्तमान में शुद्ध वातावरण की अहमियत और बढ़ जाती है। कमेटी की सदस्या और सेवानिवृत्त आईएएस उर्वशी गुलाटी ने कहा कि पंचकूला में वायु की गुणवत्ता बाकी जिलों के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने कहा कि पंचकूला राज्य की शो विंडो है और यहां लागू की जा रही योजनाएं दूसरे जिलों के लिये एक रोल मॉडल बननी चाहिए।
पंचकूला का पर्यावरण प्लान होगा मॉडल प्लान
उपायुक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रीतम पाल की अध्यक्षता वाली मॉनीटरिंग कमेटी को आश्वासन दिया कि पंचकूला का पर्यावरण प्लान मॉडल प्लान होगा, जिससे दूसरे जिले उसे अपना सके। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पंचकूला के पर्यावरण प्लान को अंतिम रूप देकर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कमेटी के सुझावों पर विनय प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को उपचारित अपशिष्ट जल के दोबारा प्रयोग को लेकर एक विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। जिससे उसे पंचकूला के पर्यावरण प्लान में शामिल किया जा सके। उन्होंने सीईओ जिला परिषद को निर्देश दिए कि वह जिला के गांवों में ठोस और तरल कचरा के प्रबंधन व निपटान को लेकर योजना शीघ्र प्रस्तुत करें।
पांच जगह लगेगी वायु गुणवत्ता के लिए स्क्रीन
उन्होंने निगम निगम आयुक्त को शहर में कम से कम पांच प्रमुख स्थान चयनित करने के निर्देश दिए जहां स्क्रीन के माध्यम से शहर की वायु गुणवत्ता को दर्शाया जा सके। उन्होंने कहा कि वह इस कार्य को कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत करवाने के लिए भी संभावना तलाशे। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, नगर निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह, एसडीएम कालका राकेश संधु, नगराधीश सिमरजीत कौर, सीईओ जिला परिषद निशु सिंगल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की संपदा अधिकारी ममता शर्मा, सेक्रेटरी आरटीए अमरिंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता व अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।