चंडीगढ़। खुद को जज बताकर चंडीगढ़ पुलिस से उलझने के आरोपी एडवोकेट प्रकाश सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए एफआईआर रद्द करने की मांग की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए प्रकाश सिंह ने कहा कि उसके खिलाफ तय प्रावधानों का उल्लंघन कर एफआईआर दर्ज की गई है। याची ने एफआईआर से कुछ दिन पहले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत देने के बाद से ही लगातार उसका पीछा किया जा रहा था। 18 मई की शाम को पुलिस ने उसे रोका था, जब कारण पूछा तो बताया गया कि याची ने रेड लाइट जंप की है। याची ने कहा कि कांस्टेबल ने उससे गाड़ी के कागज मांगे, जबकि यह अधिकार उसे नहीं था। कानून के अनुसार यह अधिकार केवल सब इंस्पेक्टर को होता है वह भी तब जब वह वर्दी में हो।
इसके दो दिन बाद याची को अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया और हिरासत के दौरान उसे थर्ड डिग्री दी गई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने याची की वीडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर डाल दी, जिससे याची के भविष्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। याची ने कहा कि इस मामले में उसे फंसाया गया है। ऐसे में उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।