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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना : सरकारी पोर्टल हैक करने के तार नागालैंड-त्रिपुरा से जुड़े
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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। सरकारी पोर्टल को हैक कर 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला त्रिपुरा और नागालैंड से जुड़ा हुआ है। डिटेक्टिव स्टाफ की टीम की जांच में सामने आई है कि धोखाधड़ी का पैसा वहां पर रहने वाले लोगों को भेजा गया था। अब पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी के अनुसार इन दो राज्यों में छापा मारा जाएगा।
अब तक इस मामले में दो आरोपी सुदेश्वर राय और विपिन को गिरफ्तार किया गया है। सुदेश्वर राय से पुलिस ने मोबाइल फोन और विपिन से कई लोगों के दस्तावेज और 9500 रुपये कैश बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से की गई पूछताछ में उन्होंने तीन और आरोपियों के बारे में बताया है। डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज निर्मल सिंह ने बताया कि 34 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से मोबाइल फोन, दस्तावेज और कुछ कैश रिकवर किया है। दोनों आरोपियों ने तीन और लोगों का नाम रिमांड के दौरान बताया है। इस धोखाधड़ी के तार नागालैंड और त्रिपुरा दो राज्यों से जुड़े हैं। सूचना के तहत जल्द ही दोनों राज्यों में छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
ये है पूरा मामला
जुलाई 2021 में पिंजौर की महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पीएमएमवीवाई योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर को दो ई-मेल दिया गया था ताकि आंकड़ों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को बच्चा होने के बाद उनके बैंक खाता में तीन किश्तों में 1000, 2000 और 2000 रुपये यानि कि कुल 5 हजार रुपये जमा करवाया जा सके। इस राशि के ट्रांसफर से पहले विभाग के सीनियर अधिकारी से परमिशन लेनी होती है।
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पोर्टल को जब चेक कि या गया तो उसमें कुछ ऐसे महिलाओं के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे जो कि पंचकूला के थे ही नहीं। चेक करने पर पाया गया कि 20 मई से 30 मई 2021 के बीच 439 केसों के तहत 1319 किश्तें फर्जी तौर पर विभाग के खाता से निकालकर ट्रांसफर किया गया। जिसके बाद मामले की शिकायत पिंजौर पुलिस थाना में दी गई और पुलिस ने मामला दर्ज कर डिटेक्टिव स्टाफ को केस ट्रांसफर किया।
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अब तक इस मामले में दो आरोपी सुदेश्वर राय और विपिन को गिरफ्तार किया गया है। सुदेश्वर राय से पुलिस ने मोबाइल फोन और विपिन से कई लोगों के दस्तावेज और 9500 रुपये कैश बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से की गई पूछताछ में उन्होंने तीन और आरोपियों के बारे में बताया है। डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज निर्मल सिंह ने बताया कि 34 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से मोबाइल फोन, दस्तावेज और कुछ कैश रिकवर किया है। दोनों आरोपियों ने तीन और लोगों का नाम रिमांड के दौरान बताया है। इस धोखाधड़ी के तार नागालैंड और त्रिपुरा दो राज्यों से जुड़े हैं। सूचना के तहत जल्द ही दोनों राज्यों में छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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ये है पूरा मामला
जुलाई 2021 में पिंजौर की महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पीएमएमवीवाई योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर को दो ई-मेल दिया गया था ताकि आंकड़ों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को बच्चा होने के बाद उनके बैंक खाता में तीन किश्तों में 1000, 2000 और 2000 रुपये यानि कि कुल 5 हजार रुपये जमा करवाया जा सके। इस राशि के ट्रांसफर से पहले विभाग के सीनियर अधिकारी से परमिशन लेनी होती है।
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पोर्टल को जब चेक कि या गया तो उसमें कुछ ऐसे महिलाओं के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे जो कि पंचकूला के थे ही नहीं। चेक करने पर पाया गया कि 20 मई से 30 मई 2021 के बीच 439 केसों के तहत 1319 किश्तें फर्जी तौर पर विभाग के खाता से निकालकर ट्रांसफर किया गया। जिसके बाद मामले की शिकायत पिंजौर पुलिस थाना में दी गई और पुलिस ने मामला दर्ज कर डिटेक्टिव स्टाफ को केस ट्रांसफर किया।