फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   People of Kot and Billa villages are angry due to dead animals being buried in the river

Panchkula News: गांव कोट व बिल्ला कि नदी में मरे पशुओं को दबाने से लोगों में रोष

Sat, 05 Jul 2025 01:14 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jul 2025 01:14 AM IST
विज्ञापन
People of Kot and Billa villages are angry due to dead animals being buried in the river
पंचकूला। गांव कोट व बिल्ला के बीच बहने वाली बरसाती नदी में मरे जानवरों को दबाए जाने से आसपास के लोगों में भारी रोष है। समाजसेवी अमरनाथ बिल्ला, मास्टर गुरजीत सिंह भानू, पूर्व सरपंच श्यामलाल बिल्ला, नंबरदार रूलदा राम भानू, अजय सिंह बिल्ला, संजीव गोयल भानू, बलबीर सिंह पूर्व सरपंच कोट सहित क्षेत्र के अन्य लोगों ने बताया कि इस नदी में सेक्टर-23 में के गौ वन सेवा धाम के कर्मचारी गाड़ी में मरे हुए जानवरों को लेकर आते हैं। बरसाती नदी में जेसीबी द्वारा गड्ढा बनाकर दबा दिया जाता है।
विज्ञापन

कुत्ते आदि इन दबे हुए पशुओं को बाहर निकाल खाने लग जाते हैं जिससे बदबू भरा वातावरण बन जाता है। मांस खाने ये कुत्ते इतने जहरीले बन जाते हैं कि यहां से गुजरने वाले राहगीरों पर झपटते हैं। उन्होंने इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन



नगर निगम की ओर पशुओं को दबाने के लिए यह जगह चिह्नित की है। अगर कुत्ते दबे हुए पशुओं को निकाल कर खाते हैं तो यहां प्रॉपर तरीके से चहारदीवारी करवा दी जाएगी। इससे लोग परेशान नहीं होंगे। -सरवन कुमार गर्ग, चेयरमैन गोसेवा आयोग
विज्ञापन
विज्ञापन




अभी तक मेरे पास शिकायत नहीं आई है। हमने इसके लिए जलौली में पांच एकड़ भूमि दी हुई है। अगर कोई ऐसी शिकायत आती है तो जांच करवाई जाएगी। -कुलभुष्ण गोयल, महापौर नगर निगम पंचकूला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed