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पर्ल ग्रुप जमीन घोटाला: पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला दो दिन के पुलिस रिमांड पर

Thu, 30 Jul 2026 02:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:03 AM IST
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Pearl Group land scam: Former Tehsildar Vikram Singla remanded to two days of police custody.
फर्जी रजिस्ट्री मामले में विजिलेंस करेगी वित्तीय लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच, अन्य आरोपियों की तलाश तेज
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फरार आरोपियों नवीन, बलदेव कौर और तत्कालीन कानूनगो दीपक की तलाश जारी

माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पर्ल ग्रुप की प्रतिबंधित जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्रियों के मामले में गिरफ्तार पूर्व तहसीलदार विक्रम सिंगला को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान विजिलेंस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों, वित्तीय लेनदेन और कथित साजिश के पूरे नेटवर्क की गहन जांच करेगी।
विजिलेंस के अनुसार, विक्रम सिंगला को इसी प्रकरण में पहले 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन पर्ल ग्रुप से जुड़े दूसरे एफआईआर में दोबारा गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी फरार आरोपी नवीन, बलदेव कौर और रायपुररानी के तत्कालीन कानूनगो दीपक की तलाश में भी जुटी है।
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जांच में सामने आया है कि पीजीएफ और पीएसीएल (पर्ल ग्रुप) कंपनियों ने निवेशकों से जुटाई गई राशि से रायपुररानी और शाहपुर क्षेत्र में करीब 172 एकड़ जमीन खरीदी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी और निवेशकों को धन लौटाने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश विक्रमजीत सेन की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद करीब 50 एकड़ प्रतिबंधित जमीन से अवैध रूप से रोक हटाकर उसकी फर्जी रजिस्ट्रियां कर दी गईं।
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विजिलेंस के मुताबिक, कथित फर्जीवाड़े की शुरुआत 16 अक्टूबर 2025 से हुई। पहले करीब 18 एकड़ जमीन बलदेव कौर के माध्यम से नवीन के नाम दर्ज कराई गई और बाद में उसे अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया। इसके बाद 19 दिसंबर 2025 और 2 जनवरी 2026 को करीब 35 एकड़ जमीन की चार और रजिस्ट्रियां किए जाने का आरोप है।

जांच एजेंसी अब जीरकपुर के एक बिल्डर तक पहुंचे धन, आरोपी नवीन के बैंक खातों में हुए लेनदेन, पूरे मामले में कथित निवेशकों की भूमिका तथा कुछ प्रभावशाली लोगों से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। इससे पहले इसी मामले में एचएसवीपी के पूर्व भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएओ) जोगिंदर शर्मा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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